अमेरिका की तरह à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¥€ यह चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ वरà¥à¤· है। लिहाजा राजधानी नई दिलà¥à¤²à¥€ में 1 फरवरी को à¤à¤¾à¤°à¤¤ की वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ निरà¥à¤®à¤²à¤¾ सीतारमण ने जो बजट पेश किया वह काफी हद तक पटकथा के अनà¥à¤°à¥‚प ही था। यह अंतरिम बजट था। इसे वोट-ऑन-अकाउंट à¤à¥€ कहा जाता है। यह बजट आमतौर पर बिना किसी विशेष घोषणा या तामà¤à¤¾à¤® अथवा कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के होता है जो पà¥à¤°à¤¾à¤¯: नियमित बजट से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आने वाले अपà¥à¤°à¥ˆà¤² या मई माह में आम चà¥à¤¨à¤¾à¤µ होने वाले हैं। अंतरिम बजट इसीलिठपेश किया गया कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नई सरकार आने पर पूरà¥à¤£ बजट पेश करेगी।
बहà¥à¤¤ कà¥à¤› तो सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ था ही किंतॠफिर à¤à¥€ वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ की यह पेशकश आलोचना रहित नहीं थी। वेतनà¤à¥‹à¤—ी करदाता कà¥à¤› राहत की आस में थे। पर à¤à¤¸à¤¾ नहीं हà¥à¤†à¥¤ विपकà¥à¤·à¥€ राजनीतिक वरà¥à¤— ने कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° हो-हलà¥à¤²à¤¾ किया अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ संसद में पूरे सतà¥à¤° के दौरान धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में बैठे रहने के बावजूद नियमित रूप से काम किया। कà¥à¤² मिलाकर सीतारमण के हाथ बंधे हà¥à¤ थे।
अंतरिम बजट पर परंपरा को à¤à¤• तरफ रख दिया जाठतो वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ की छोटी सी पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ में सरकार आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ दिखी। सतà¥à¤¤à¤¾ में वापसी को लेकर। इस बार वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ केवल 56 मिनट की थी जबकि 2020 में रिकॉरà¥à¤¡ 2 घंटे 20 मिनट की थी। यही अलà¥à¤ªà¤¾à¤µà¤§à¤¿ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ जता रही थी कि मोदी सरकार तीसरी बार फिर से सतà¥à¤¤à¤¾ में आà¤à¤—ी। तà¤à¥€ तो सीतारमण ने कहा कि हमें उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि हमारी सरकार को जनता à¤à¤• बार फिर शानदार जनादेश के साथ आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ देगी।
à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ या पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ उन चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से अनà¤à¤¿à¤œà¥à¤ž हैं जिनका सामना देश कर रहा है। दरअसल, देश 2047 तक पूरà¥à¤£ रूप से विकसित राषà¥à¤Ÿà¥à¤° होने की महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¾ पर चल पड़ा है। बेशक, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• विकास à¤à¤• à¤à¤Ÿà¤•े में नहीं होता और न पल à¤à¤° में शà¥à¤°à¥‚ होता। इसके लिठदूरदरà¥à¤¶à¤¿à¤¤à¤¾ और अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ की à¤à¤• दीरà¥à¤˜à¤•ालिक आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। मà¥à¤«à¥à¤¤ की चीजें तो नहीं बांटी जा सकतीं।
निःसंदेह à¤à¤¾à¤°à¤¤ जैसे देश को अपने वंचित वरà¥à¤— का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा और इसके साथ सबà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥€ सहित विशेष कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ की जरूरत महसूस होती है। लेकिन यह सब देश की वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ सेहत को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ किया जाना चाहिà¤à¥¤ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¬à¤‚धक जो काम करते हैं उनमें से à¤à¤• यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होता है कि खरà¥à¤š आने वाली आय या पà¥à¤°à¤¬à¤‚धनीय अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ की कमी के अनà¥à¤°à¥‚प हो। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसका सामना सà¤à¥€ देशों को करना पड़ता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¥€ इसका अपवाद नहीं है।
यह à¤à¥€ सही है कि à¤à¤• पूरà¥à¤£ विकसित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की ओर बढ़ रहा कोई देश वैशà¥à¤µà¤¿à¤• आरà¥à¤¥à¤¿à¤• वातावरण से पूरी तरह से अछूता नहीं रह सकता है। इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कई संघरà¥à¤· और चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। दो वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से अधिक समय तक अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ कोविड का कहर à¤à¥‡à¤²à¤¤à¥€ रही और आज à¤à¥€ कà¤à¥€-कà¤à¥€ इसके वेरिà¤à¤‚ट होश उड़ा देते हैं। यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ में यà¥à¤¦à¥à¤§ का कोई अंत नहीं दिख रहा है जिससे खादà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¨ आपूरà¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤Ÿà¤•ा लगा है। और गाजा में चल रही घटनाओं ने लाल सागर में शिपिंग को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया है। ये सà¤à¥€ चीजें à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठà¤à¥€ मायने रखती हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सतà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥‚ढ़ दल और राजनीतिक विपकà¥à¤· आम चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के बाद सतà¥à¤¤à¤¾ में बने रहने या आने के अपने-अपने तरीकों को लेकर आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ हैं। मतदाताओं के सामने à¤à¥€ यह काम बहà¥à¤¤ कठिन नहीं है। उन लोगों की पहचान करनी है जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ताओं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हैं।
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