à¤à¤¾à¤°à¤¤ वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का चमकता सितारा बना हà¥à¤† है। वह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की तीसरी सबसे बड़ी अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बनने की राह पर है। हारà¥à¤µà¤°à¥à¤¡ इंडिया समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में शामिल होने आठविशà¥à¤µ बैंक के मà¥à¤–à¥à¤¯ अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¥€ इंदरमीत गिल ने नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ से विशेष बातचीत में बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ को अपनी जीडीपी को अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ 6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से आगे ले जाने और 2047 तक उचà¥à¤š आय वाली अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बनने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ कदम उठाने की जरूरत है।
हारà¥à¤µà¤°à¥à¤¡ कॉनà¥à¤«à¥à¤°à¥‡à¤‚स में "इंडिया राइजिंग" थीम के बारे में आप कà¥à¤¯à¤¾ सोचते हैं। कà¥à¤¯à¤¾ यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• विकास की मौजूदा संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के साथ मेल खाती है?
इंडिया राइजिंग à¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ टाइटल है। इसलिठà¤à¥€ कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ को अà¤à¥€ लंबा सफर तय करना है। जहां तक बाकी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सवाल है तो वह à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आकार की बहà¥à¤¤ परवाह करते हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठजो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मायने रखता है, वह है कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ लाइफ और अचà¥à¤›à¤¾ जीवन सà¥à¤¤à¤°à¥¤ यह देश की पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आय पर काफी कà¥à¤› निरà¥à¤à¤° करता है। मैं इसी को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करने की कोशिश कर रहा हूं। बाहरी लोगों के लिठजीडीपी बहà¥à¤¤ मायने रखती है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जीडीपी मायने रखती है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आय लगà¤à¤— दो से ढाई हजार है। हम चाहते हैं कि यह 25,000 और इससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥‡ में मà¥à¤à¥‡ लगता है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤¾à¤°à¤¤ को इसके लिठकई काम करने होंगे।
दूसरी बात है, à¤à¤¾à¤°à¤¤ की जीडीपी लगातार बढ़ रही है। यह अà¤à¥€ किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सबसे अधिक है। यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· लगà¤à¤— 6% है। यह à¤à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿ है। यह बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ बात है। लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ इससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। दूसरी चीज जो हमें करनी है, वह यह है कि हम अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को वासà¥à¤¤à¤µ में 6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ ही नहीं बलà¥à¤•ि 7-8 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक बढ़ाने की कोशिश करें। यही वह बात है, जो मैं सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करना चाहता हूं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ निजी निवेशकों के लिठपà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को आसान बना सकता है। पेशेवरों खासकर महिला कामगारों के लिठअरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में योगदान आसान बना सकता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤¶à¤² बनाने के लिठकाम किया जा सकता है। मà¥à¤à¥‡ लगता है कि 2050 या 2047 तक उचà¥à¤š आय वाली अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बनने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ को 7% या फिर 8% की दर से बढ़ने की जरूरत है। इनमें से कà¥à¤› चीजें à¤à¤¸à¥€ बातों पर निरà¥à¤à¤° करती हैं जो बाहर हो रही हैं। अगर विशà¥à¤µ की बाकी अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ इस दौरान अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करेंगी तो à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ करेगा। लवरना à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठछह, सात % की दर से विकास करना कठिन होगा।
महंगाई और बेरोजगारी अब तक के सबसे ऊंचे सà¥à¤¤à¤° पर है। इनसे निपटने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ कà¥à¤¯à¤¾ उपाय कर सकता है?
मà¥à¤à¥‡ लगता है कि आप यह कहना चाह रही हैं कि चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ सिरà¥à¤« à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ही नहीं हो रहा है। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में हर जगह महंगाई बढ़ी है। दूसरी बात à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤«à¥€à¤¤à¤¿ की दर असल में दूसरे देशों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में काफी अचà¥à¤›à¥€ रही है। आरबीआई आदि ने मौदà¥à¤°à¤¿à¤• नीति को बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ तरह से पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित किया है।
कई बड़ी मधà¥à¤¯à¤® आय वाली अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ इस काम को अचà¥à¤›à¥€ तरह से कर पाईं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पिछले संकटों से निपटने का अनà¥à¤à¤µ है। इसी वजह से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤«à¥€à¤¤à¤¿ का दबाव देखते ही तà¥à¤°à¤‚त कदम उठाने शà¥à¤°à¥‚ कर दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤«à¥€à¤¤à¤¿ को जड़ नहीं जमाने दी। à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही है।
अब आप सामानà¥à¤¯ तौर पर देखें तो कीमतें ऊपर नीचे होती रहती हैं। यह डिमांड और सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ का खेल है। अब सवाल ये उठता है कि कà¥à¤¯à¤¾ आप चीजों का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ाना चाहते हैं? आपको कृषि आधारित अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤¶à¤² बनाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login