सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ की मांग न केवल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ उपमहादà¥à¤µà¥€à¤ª के सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ सेनानियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई थी बलà¥à¤•ि यह अनà¥à¤¯ लोगों की à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¬à¤² आकांकà¥à¤·à¤¾ थी। इस आकांकà¥à¤·à¤¾ ने घर से दूर रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के दिलों में à¤à¤• जà¥à¤¨à¥‚न जगाया जिससे à¤à¥Œà¤—ोलिक रूप से दूर होने के बावजूद à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ का अपनी मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤• अटूट जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ पैदा हà¥à¤†à¥¤ इसके वासà¥à¤¤à¥‡ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– विदà¥à¤°à¥‹à¤¹à¥‹à¤‚ में सबसे अहम था गदर आंदोलन। इस आंदोलन को à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ को सतà¥à¤¤à¤¾ से हटाने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पंजाब से आठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ किया गया था।
कैसे असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ में आई गदर पारà¥à¤Ÿà¥€
गदर पारà¥à¤Ÿà¥€ की औपचारिक सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ 15 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 1913 को à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, ओरेगॉन, अमेरिका में हà¥à¤ˆ थी। लेकिन इस अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ आंदोलन की नींव वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ पहले विदेशों में रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रखी गई थी। वरà¥à¤· 1884 में दिलà¥à¤²à¥€ में जनà¥à¤®à¥‡ à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ लाला हर दयाल इस आंदोलन के वैचारिक नेता के रूप में उà¤à¤°à¥‡à¥¤
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने संत बाबा वसाखा सिंह ददेहर, बाबा जà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ सिंह और सोहन सिंह à¤à¤•ना जैसे अनà¥à¤¯ नेताओं के साथ पेसिफिक कोसà¥à¤Ÿ हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के बैनर तले संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका, कनाडा, पूरà¥à¤µà¥€ अफà¥à¤°à¥€à¤•ा और à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ पंजाबियों को à¤à¤•तà¥à¤°à¥¤ इसी समूह ने बाद में गदर पारà¥à¤Ÿà¥€ का रूप ले लिया।
पारà¥à¤Ÿà¥€ का नेतृतà¥à¤µ पंजाबियों का à¤à¤• विविध गठबंधन था जिसमें हिंदू, सिख और मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® शामिल थे। ये सब à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ शासन को समापà¥à¤¤ करने के à¤à¤• समान उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से à¤à¤•जà¥à¤Ÿ थे। उनके समाचार पतà¥à¤°, द ग़दर के मà¥à¤–पृषà¥à¤ पर 'राम, अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ और नानक' नाम अंकित था। यह इस कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ धारà¥à¤®à¤¿à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¤•ता का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• था।
आंदोलन की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾: उपनिवेशवाद और à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ-विरोधी
उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सही गई उपनिवेशवादी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ और नसà¥à¤²à¥€à¤¯ पूरà¥à¤µà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ दोनों ने ग़दर आंदोलन के लिठईंधन का काम किया। इस अवधि के दौरान à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पंजाब से, को संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका और कनाडा में गंà¤à¥€à¤° नसà¥à¤²à¥€à¤¯ पूरà¥à¤µà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ का सामना करना पड़ा। इस à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ ने अमेरिकी लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• आदरà¥à¤¶à¥‹à¤‚ के संपरà¥à¤• के साथ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ का समरà¥à¤¥à¤¨ करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया।
1914 में कोमागाटा मारू घटना वह निरà¥à¤£à¤¾à¤¯à¤• कà¥à¤·à¤£ था जिसने इस आंदोलन को गति दी। लगà¤à¤— 300 पंजाबी यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को ले जाने वाले जापानी जहाज को à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ आवà¥à¤°à¤œà¤¨ कानूनों के कारण कनाडा में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ से वंचित कर दिया गया था। जहाज को à¤à¤¾à¤°à¤¤ लौटने के लिठमजबूर किया गया और उसके कई यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° कर लिया गया। इस घटना ने नसà¥à¤²à¥€à¤¯ अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के अनà¥à¤¯ रूपों के साथ मिलकर à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ शासन के खिलाफ लड़ने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के संकलà¥à¤ª को मजबूत किया।
कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी गतिविधियां और असफलताà¤à¤‚
पà¥à¤°à¤•ृति में कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी ग़दर पारà¥à¤Ÿà¥€ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सशसà¥à¤¤à¥à¤° विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने की कोशिश की। पारà¥à¤Ÿà¥€ के सदसà¥à¤¯, जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° विदेश में रहने वाले पंजाबी थे, ने बैठकें कीं, पतà¥à¤°à¤• छपवाठऔर कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी कारणों के लिठदान मांगा। पारà¥à¤Ÿà¥€ के समाचार पतà¥à¤°, द ग़दर ने खà¥à¤¦ को 'बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ शासन का दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨' घोषित किया और बहादà¥à¤° सैनिकों से à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आजादी की लड़ाई में शामिल होने का आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ किया।
1914 में पà¥à¤°à¤¥à¤® विशà¥à¤µ यà¥à¤¦à¥à¤§ शà¥à¤°à¥‚ होने के साथ गदर पारà¥à¤Ÿà¥€ को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ के खिलाफ हमला करने का अवसर मिला। समूह के सदसà¥à¤¯ गदर विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ यानी à¤à¤• सशसà¥à¤¤à¥à¤° विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ की योजना बनाने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ वापस चले गà¤à¥¤ उनका लकà¥à¤·à¥à¤¯ बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ सेना में सेवारत à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सैनिकों के बीच विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ à¤à¤¡à¤¼à¤•ाना था।
हालांकि अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ को कठोरता से दबा दिया गया। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प लाहौर षडà¥à¤¯à¤‚तà¥à¤° केस के मà¥à¤•दमे के बाद 42 विदà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को फांसी दे दी गई। इस à¤à¤Ÿà¤•े के बावजूद गदर पारà¥à¤Ÿà¥€ ने जरà¥à¤®à¤¨à¥€ और ऑटोमन सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ के समरà¥à¤¥à¤¨ से 1914 से 1917 तक अपनी कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी गतिविधियां जारी रखीं।
गदर आंदोलन पर बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ सरकार की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° थी। 1917-18 में सैन फà¥à¤°à¤¾à¤‚सिसà¥à¤•ो में 'हिंदू षडà¥à¤¯à¤‚तà¥à¤°' परीकà¥à¤·à¤£ ने आंदोलन के इतिहास में à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤·à¤£ चिहà¥à¤¨à¤¿à¤¤ किया। इस मà¥à¤•दमे को अमेरिकी पà¥à¤°à¥‡à¤¸ में सनसनीखेज कवरेज मिली, जिससे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संदेह और शतà¥à¤°à¥à¤¤à¤¾ बढ़ गई। मगर इन चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बावजूद गदर पारà¥à¤Ÿà¥€ 1920 के दशक में पà¥à¤¨à¤°à¥à¤—ठित हà¥à¤ˆ और 1947 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आजादी तक पंजाबी और सिख पहचान के केंदà¥à¤° बिंदॠके रूप में काम करती रही।
इस बार à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ दिवस पर हमें ग़दर पारà¥à¤Ÿà¥€ और उन à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को नहीं à¤à¥‚लना चाहिठजिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी मातृà¤à¥‚मि के सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ थी। उनकी निसà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¤à¤¾ और उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ इस बात की गंà¤à¥€à¤° याद दिलाती है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन कितना आपस में जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† था और यह कैसे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤• साथ लेकर आया।
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