बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ के वारविक विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° अनंत सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ ने अकादमिक सैलरी की तीखी आलोचना की है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आरोप लगाया कि बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में इस तरह की विसंगति पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को देश से बाहर कर रही है। सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ ने अपनी निराशा साà¤à¤¾ करने के लिठà¤à¤•à¥à¤¸ पर अपनी पीड़ा साà¤à¤¾ की और बताया कि संविदा करà¥à¤®à¥€ शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठकम वेतन के कारण यूके के बजाय à¤à¤¾à¤°à¤¤ के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ को चà¥à¤¨ रहे हैं।
सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ ने 16 दिसंबर को अपनी पोसà¥à¤Ÿ में कहा, "बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में वेतन à¤à¤• मजाक बनता जा रहा है, खासकर संविदा करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिà¤à¥¤ मैं बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ के विशेष उचà¥à¤š कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त वीजा के लिठपातà¥à¤° लोगों को नौकरी पर रखने में विफल रहा हूं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤• सरकारी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यहां की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में थोड़ा अधिक à¤à¥à¤—तान करने को तैयार है।"
सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ ने तरà¥à¤• दिया कि यह रवैया दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की शीरà¥à¤· शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं को तेजी से निराश कर रहा है। सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ की टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उनके विà¤à¤¾à¤— के लिठकरà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को नियà¥à¤•à¥à¤¤ करने के अनà¥à¤à¤µ से उपजी हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि हालांकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ अनà¥à¤¦à¤¾à¤¨ आयोग (यूजीसी) के वेतनमान कम हैं, लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कà¥à¤› अलà¥à¤ªà¤•ालिक परियोजना करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ अà¤à¥€ à¤à¥€ अपने यूके समककà¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक कमा रहे हैं।
उदाहरण के लिà¤, यूके में कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿ शिकà¥à¤·à¤• लगà¤à¤— $31204 (£30,000 और लगà¤à¤— 30 लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡) कमाते हैं, जिसे पीपीपी के लिठसमायोजित करने पर लगà¤à¤— $8800 (7.5 लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡) के बराबर होता है - जो कि कà¥à¤› à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परियोजना करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कमाई से कम है।
सोशल मीडिया पोसà¥à¤Ÿ के बाद कई यूजरà¥à¤¸ ने सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ की अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता की आलोचना की, यहां तक ​​कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने देश वापस जाने का सà¥à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ दिया। जवाब में, सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया, "मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ यह नहीं है कि कोई नागरिक है या नहीं। मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ यह है कि जिसे à¤à¥€ काम पर रखा जाता है उसे बहà¥à¤¤ कम à¤à¥à¤—तान किया जा रहा है।
à¤à¤• यूजर ने सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ की टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का जवाब देते हà¥à¤ लिखा: "कोई यूके में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ रहेगा यह मेरे समठसे परे है। अमेरिका में वेतन बहà¥à¤¤ अधिक है और शोध बेहतर है। ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ में मौसम कहीं बेहतर है। यूरोप में जीवन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ बेहतर है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बहà¥à¤¤ बेहतर है। बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में अशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾, नसà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की कमी है।"
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