राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ जन आंदोलनों का गठबंधन (NAPM) ने अमेरिका सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ (डिपोरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨) के दौरान किठगठअमानवीय वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इसे मौलिक मानवाधिकारों और गरिमा का उलà¥à¤²à¤‚घन करार दिया। NAPM à¤à¤• वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• वैशà¥à¤µà¥€à¤•रण (अलà¥à¤Ÿà¤°-गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨) पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ समूहों का गठबंधन है। यह विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ नागरिक संगठनों और समान विचारधारा वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤• साथ लाने का कारà¥à¤¯ करता है। इस संगठन की सह-सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ सामाजिक कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ मेधा पाटकर ने की थी।
संगठन ने सोशल मीडिया पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤® X पर अपने आधिकारिक बयान में कहा, NAPM अमेरिका सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (migrants) के निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ के दौरान किठगठअपमानजनक और अमानवीय वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की कड़ी निंदा करता है। यह मौलिक मानवाधिकारों और गरिमा का गंà¤à¥€à¤° उलà¥à¤²à¤‚घन है। NAPM à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सरकार की à¤à¥€ आलोचना करता है, जो अपने नागरिकों के अधिकारों की रकà¥à¤·à¤¾ करने के बजाय इस अमानवीय वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को सही ठहरा रही है।
à¤à¤• आधिकारिक बयान में, NAPM ने कहा, निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ (डिपोरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨) के इतिहास में यह à¤à¤• और कà¥à¤°à¥‚र और शरà¥à¤®à¤¨à¤¾à¤• घटना है, जो नसà¥à¤²à¥€à¤¯ राजनीति के à¤à¤• नठयà¥à¤— की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है। संगठन ने आगे कहा, यह याद रखा जाना चाहिठकि यदि किसी देश का नागरिक किसी अनà¥à¤¯ देश में कोई कानून तोड़ता à¤à¥€ है, तब à¤à¥€ उसके मूलà¤à¥‚त और अविचà¥à¤›à¥‡à¤¦à¥à¤¯ मानवाधिकारों का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ किया जाना चाहिà¤à¥¤
अमृतसर में उतरा निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ का विमान
यह विवाद तब शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† जब 5 फरवरी 2024 को अमृतसर में à¤à¤• अमेरिकी सैनà¥à¤¯ विमान उतरा, जिसमें 104 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ कर à¤à¥‡à¤œà¤¾ गया था। रिपोरà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ में खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उड़ान के दौरान हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड़ा गया था, जिससे à¤à¤¾à¤°à¤¤ में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• आकà¥à¤°à¥‹à¤¶ और विरोध पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ à¤à¤¡à¤¼à¤• उठे।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सरकार का बयान
इस मामले पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ के विदेश मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤¸. जयशंकर ने 6 फरवरी को राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ में सफाई दी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि अमेरिकी आवà¥à¤°à¤œà¤¨ और सीमा शà¥à¤²à¥à¤• पà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ (ICE) के तहत किठगठनिरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ में, 2012 से लागू à¤à¤• तय पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤•ॉल के तहत हवाई यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान restraints (हथकड़ियां/ बेड़ियां) का उपयोग किया जाता है। जयशंकर ने इसे अमेरिका की 'मानक संचालन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾' (SOP) के तहत सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बताया।
NAPM ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सरकार से अपील करते हà¥à¤ कहा,à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अधिकारियों को इस मामले में अमेरिका के खिलाफ संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° मानवाधिकार समिति (United Nations Human Rights Committee) में शिकायत दरà¥à¤œ कराने के विकलà¥à¤ª तलाशने चाहिà¤à¥¤ संगठन ने दोहराया कि हर देश के नागरिकों को उनके मौलिक मानवाधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता, à¤à¤²à¥‡ ही वे निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ के अधीन हों।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login