राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक संघ (RSS) या राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक कोर इस वरà¥à¤· अपनी सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ के 100 वरà¥à¤· में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर रहा है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संदरà¥à¤ में बिना विà¤à¤¾à¤œà¤¨ या कà¥à¤·à¤¯ के à¤à¤• सदी तक जीवित रहना और फलना-फूलना अपने आप में à¤à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में या शायद दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सबसे बड़े सामाजिक संगठन का अवलोकन करना à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विचार होगा... यह देखने के लिठकि इस तरह के संगठन को कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करता है और इसका à¤à¤¾à¤°à¤¤ और शायद दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ पर कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है।
RSS की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ डॉ. के बी हेडगेवार ने की थी। हेडगेवार à¤à¤• उगà¥à¤° देशà¤à¤•à¥à¤¤ थे जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने सà¥à¤•ूल के दिनों से ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ को औपनिवेशिक गà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ से मà¥à¤•à¥à¤¤ कराने का सपना देखा था। कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारियों के साथ और बाद में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के साथ काम करने के बाद और दो बार जेल की सजा à¤à¥à¤—तने के बाद, और तà¥à¤°à¥à¤•ी में खलीफा की बहाली के नाम पर हिंदà¥à¤“ं के खिलाफ इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• हिंसा को निराशा के साथ देखने के उपरांत डॉ. हेडगेवार ने तà¥à¤°à¥à¤•, इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ और बाद में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ सेनाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤²à¤¾à¤® बनाठजाने से पहले हजारों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक सबसे समृदà¥à¤§ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और शानदार सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ होने के बावजूद à¤à¤• हिंदू राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की गà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ के कारणों पर विचार किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने महसूस किया कि हिंदà¥à¤“ं की फूट, जाति, à¤à¤¾à¤·à¤¾, कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ धारà¥à¤®à¤¿à¤• संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे विà¤à¤¾à¤œà¤¨à¤•ारी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ इस पतन का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हिंदू समाज में इन दोष रेखाओं को दूर करने की दिशा में काम करने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया।
RSS का गठन हिंदू समाज को à¤à¤• समतावादी समाज के रूप में संगठित करने के लिठकिया गया था, जो à¤à¤•जà¥à¤Ÿ होगा। हेडगेवार का कथन था कि मैं फूट के कारणों को दूर करके सदà¥à¤à¤¾à¤µ पैदा करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करूंगा, समाज के उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के लिठनिसà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ रूप से समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ मजबूत चरितà¥à¤° वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करूंगा, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ पर गरà¥à¤µ करूंगा और à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ तक सीमित नहीं, बलà¥à¤•ि सरà¥à¤µà¤¾à¤‚गीण पà¥à¤°à¤—ति के साथ à¤à¤• समृदà¥à¤§ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° बनाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करूंगा। इसके लिठकोई पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार नहीं था। सà¤à¥€ गतिविधियां अपनी जेब से खरà¥à¤š करके की जाती थीं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि चूंकि हिंदू समाज में कमजोरी है, इसलिठउसे दूर करने की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ उसी को लेनी होगी। इसलिठयह संगठन हिंदà¥à¤“ं के लिठथा, किसी अनà¥à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के ख़िलाफ़ नहीं।
RSS विचार का पà¥à¤°à¤—तिशील विकास
हमें यह देखने की जरूरत है कि RSS ने अपने घोषित मिशन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाला है। जैसे-जैसे संगठन परिपकà¥à¤µ और विसà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हà¥à¤† कई पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों ने सामाजिक जीवन के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आयामों में शाखा लगाने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया। 1948 में, सबसे बड़े छातà¥à¤° संगठन, अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ परिषद (ABVP) का जनà¥à¤® हà¥à¤† और यह सबसे बड़ा छातà¥à¤° संगठन बन गया जिसने छातà¥à¤° हितों की वकालत की और समाधान पेश किà¤à¥¤ वनवासी कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ आशà¥à¤°à¤® (VKA) का उदय 1951 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के जनजातीय लोगों के विकास के लिठहà¥à¤† था।
आज यह संगठन आदिवासी आबादी वाले हर जिले में है। यह शिकà¥à¤·à¤¾, खेल में कौशल निखारने, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के लिठसूकà¥à¤·à¥à¤® वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने और महिला सà¥à¤µà¤¯à¤‚ सहायता समूहों की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ के लिठकाम करता है। विशà¥à¤µ के सबसे बड़े राजनीतिक दल के अगà¥à¤°à¤¦à¥‚त à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनसंघ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ 1951 में डॉ. शà¥à¤¯à¤¾à¤®à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई थी जहां RSS का योगदान कà¥à¤› सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ राजनीतिक नेता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना था। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मजदूर संघ (BMS) à¤à¤• टà¥à¤°à¥‡à¤¡ यूनियन थी जिसकी सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ 1950 के दशक में हà¥à¤ˆ और यह समाजवाद और सामà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ की विचारधारा और सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों से बहà¥à¤¤ अलग था। इसका सनà¥à¤¦à¤°à¥à¤ बिनà¥à¤¦à¥ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ था। इसका मानना ​​था कि किसी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ और उदà¥à¤¯à¥‹à¤— का मालिक à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दà¥à¤µà¥€ नहीं था, बलà¥à¤•ि शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• à¤à¥€, à¤à¤• उदà¥à¤¯à¥‹à¤— का à¤à¤¾à¤—ीदार था। इसलिठवे अपने अधिकार के लिठसंघरà¥à¤· करेंगे लेकिन किसी à¤à¥€ संपतà¥à¤¤à¤¿ को नषà¥à¤Ÿ नहीं करेंगे।
दशकों के संघरà¥à¤· के बाद यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सबसे बड़ा टà¥à¤°à¥‡à¤¡ यूनियन बन गया। राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के सरà¥à¤µà¤¾à¤‚गीण विकास के अपने सपने से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होकर RSS के सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों ने शिकà¥à¤·à¤¾, सहकारिता, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ आदि कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¥€ संगठनों की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की। 1964 में विशà¥à¤µ हिंदू परिषद (VHP) का गठन किया गया जिसने à¤à¤• रूढ़िवादी समाज के लिठकà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी नारा दिया, जिसे संतों, साधà¥à¤“ं, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤–ों और धरà¥à¤® गà¥à¤°à¥à¤“ं ने अनà¥à¤®à¥‹à¤¦à¤¿à¤¤ किया, कि सà¤à¥€ हिंदू à¤à¤• ही धरती माता की संतान हैं, इसलिठà¤à¤¾à¤ˆ-à¤à¤¾à¤ˆ हैं, और कोई हिंदू नीचा या ऊंचा नहीं है, इसलिठकोई अछूत नहीं है। इस सूची में नवीनतम दूरदराज के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¤•-शिकà¥à¤·à¤• सà¥à¤•ूल हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•ल विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ कहा जाता है और यह शारीरिक और बौदà¥à¤§à¤¿à¤• रूप से विकलांग लोगों की मदद करने के लिठसकà¥à¤·à¤® नामक à¤à¤• संगठन है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में 38 राषà¥à¤Ÿà¥à¤°-सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ संगठन और 120 हजार से अधिक सेवा (सामाजिक सेवा) परियोजनाà¤à¤‚ हैं।
à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ दृषà¥à¤Ÿà¤¿
शताबà¥à¤¦à¥€ वरà¥à¤· में RSS ने पांच सूतà¥à¤°à¥€ à¤à¤œà¥‡à¤‚डे पर आधारित à¤à¤• महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¥€ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® शà¥à¤°à¥‚ किया है...
RSS के सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों से कहा गया है कि वे पहले इन विचारों को घर पर लागू करें और फिर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने पड़ोस और गांवों में पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करें। 1.4 अरब लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उठाठगठछोटे कदम बड़ा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकते हैं। हम इसे सरकारों पर नहीं छोड़ सकते। परिवरà¥à¤¤à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ से होती है।
(डॉ. रतन शारदा लेखक और विशेषजà¥à¤ž हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सामाजिक-राजनीतिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर बहस में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठटीवी शो में आमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 10 किताबें लिखी हैं। डॉ. शारदा ने RSS पर पीà¤à¤šà¤¡à¥€ की है)
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