वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस के लिठचà¥à¤¨à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° के दौरान टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने अमेरिका के शिकà¥à¤·à¤¾ विà¤à¤¾à¤— को खतà¥à¤® करने का वादा किया था। लेकिन à¤à¤¥à¤¨à¤¿à¤• मीडिया सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ की मीटिंग में पैनलिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ ने साफ किया कि शिकà¥à¤·à¤¾ विà¤à¤¾à¤— खतà¥à¤® करने से शिकà¥à¤·à¤¾ खतà¥à¤® नहीं होगी। पैनलिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ का कहना है कि शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठ90% फंडिंग राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से आता है। इसमें फेडरल सरकार की à¤à¥‚मिका काफी कम है। सिरà¥à¤« गरीबी से जूठरहे शहरों और गांवों के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की अनिवारà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ में थोड़ी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। खासकर दफà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जरूरतों को पूरा करने के लिठनागरिक अधिकारों के तहत, सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² à¤à¤œà¥à¤•ेशन की फंडिंग और निगरानी में फेडरल सरकार का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रोल है।
जॉरà¥à¤œà¤Ÿà¤¾à¤‰à¤¨ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के McCourt सà¥à¤•ूल ऑफ पबà¥à¤²à¤¿à¤• पॉलिसी के डायरेकà¥à¤Ÿà¤° थॉमस टोच ने कहा, 'ये बचà¥à¤šà¥‡ रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न और डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• दोनों ही घरों से आते हैं। अगर फेडरल सरकार इस निगरानी को कम करती है, तो उसे कई तरफ से विरोध का सामना करना पड़ेगा।'
अमेरिका के शिकà¥à¤·à¤¾ विà¤à¤¾à¤— को खतà¥à¤® करने के लिठनठराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ को कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की मंजूरी लेनी होगी। ये काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल काम होगा। टोच ने कहा, 'हालांकि हाउस ऑफ रिपà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‡à¤¨à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µà¥à¤¸ में रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न पारà¥à¤Ÿà¥€ का बहà¥à¤®à¤¤ है। लेकिन वो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बंटी हà¥à¤ˆ है। टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के लिठà¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› à¤à¥€ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होगा जिसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सारे रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न का समरà¥à¤¥à¤¨ न मिले।' सीनेट में बहà¥à¤®à¤¤ फिलीबसà¥à¤Ÿà¤° (filibuster) को रोकने के लिठकाफी नहीं है। सारे रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न के साथ à¤à¥€ उनके पास काफी वोट नहीं हैं। फिलीबसà¥à¤Ÿà¤° का मतलब है बहस को लंबा खींचकर रोकना।
टोच ने कहा, 'à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फिलीबसà¥à¤Ÿà¤° के नियम बदलने होंगे। पिछली कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ में डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ ने कोशिश की थी, लेकिन नहीं कर पाठथे। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फिलीबसà¥à¤Ÿà¤° के नियम बदलने के लिठ51% वोट नहीं मिल पाठथे।' सीनेट के नियमों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, फिलीबसà¥à¤Ÿà¤° को तà¤à¥€ रोका जा सकता है जब 60 सीनेटर cloture नाम की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बहस खतà¥à¤® करने के लिठवोट करें। 1979 के बाद से किसी à¤à¥€ पारà¥à¤Ÿà¥€ को 60 सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का बहà¥à¤®à¤¤ नहीं मिला है। रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न का बहà¥à¤®à¤¤ à¤à¥€ इससे बहà¥à¤¤ कम होगा। इसे देखते हà¥à¤ पैनलिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ ने सहमति जताई कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ अवà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ फैलाने की कोशिश करेगा।
कà¥à¤¯à¤¾ वो सिरà¥à¤« अवà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ फैलाà¤à¤‚गे?
टोच ने कहा, 'हम जानते हैं कि रोजाना à¤à¥œà¤•ाऊ बयानबाजी होगी। इस बयानबाजी का हिसà¥à¤¸à¤¾ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ की शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बà¥à¤¾-चà¥à¤¾à¤•र बताना à¤à¥€ होगा। ये à¤à¤• सोची-समà¤à¥€ रणनीति है जिससे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ सà¥à¤•ूल जिला अधिकारियों समेत लोगों को राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ और उनके मंतà¥à¤°à¤¿à¤®à¤‚डल के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की जाने वाली आलोचनाओं का जवाब देने के लिठखà¥à¤¦ ही कदम उठाने पर मजबूर किया जा सके। लेकिन अधिकतर मामलों में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ के बिना इस बयानबाजी को हकीकत में नहीं बदला जा सकता।'
पैनलिसà¥à¤Ÿ और MALDEF (मैकà¥à¤¸à¤¿à¤•न अमेरिकन लीगल डिफेंस à¤à¤‚ड à¤à¤œà¥à¤•ेशन फंड) के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और महामंतà¥à¤°à¥€ थॉमस à¤. सैंज ने कहा, 'महामारी के कारण शिकà¥à¤·à¤¾ में बहà¥à¤¤ बड़ी खाई आ गई है। हमें इसी पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤ हमारी शिकà¥à¤·à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बहà¥à¤¤ सी जरूरतें हैं। ये दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤£ होगा कि अगर सारा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ राजनीति पर ही केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ रहे और शिकà¥à¤·à¤¾ के मूल ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ पर नहीं। गणित और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ना सिखाने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हमारी बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। बहà¥à¤¤ से अमेरिकियों को विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ की समठनहीं है। कई अमेरिकियों को संविधान कैसे काम करता है और सरकार को कैसे काम करना चाहिà¤, इसकी बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ जानकारी ही नहीं है।' सैंज ने कहा कि उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° और बदलाव की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'हमें सरकारी सà¥à¤•ूलों में à¤à¥€ नामांकन में कमी आने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है। इससे कई शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ बंद हो जाà¤à¤‚गे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके पास अब छातà¥à¤° नहीं होंगे।' चाहे सरकार इन बदलावों का समरà¥à¤¥à¤¨ करे या नहीं, ये देखना बाकी है या कà¥à¤¯à¤¾ वे केवल अशांति और अराजकता फैलाà¤à¤‚गे? उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'उनके पास सिसà¥à¤Ÿà¤® कैसे काम करता है, इसकी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ समठनहीं है। इसलिठवे सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है कि बाद वाला काम करेंगे।'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हमारे बहà¥à¤¤ से छातà¥à¤° शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• रूप से संघरà¥à¤· कर रहे हैं। महामारी से पहले ही हालात बहà¥à¤¤ खराब थे। अमेरिका के शिकà¥à¤·à¤¾ विà¤à¤¾à¤— के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, देश में 16 से 74 वरà¥à¤· की आयॠके 54% वयसà¥à¤• छठी ककà¥à¤·à¤¾ के सà¥à¤¤à¤° से नीचे पढ़े हैं। काम की तेजी से बदलती पà¥à¤°à¤•ृति, बदलते जनसांखà¥à¤¯à¤¿à¤•ी को देखते हà¥à¤ हम शिकà¥à¤·à¤¾ को नजरअंदाज नहीं कर सकते। देश के शिकà¥à¤·à¤¾ समीकरण से बाहर रह गठछातà¥à¤°à¥‹à¤‚ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा। सैंज ने कहा, 'मà¥à¤à¥‡ डर है कि हमें सà¥à¤•ूल में सà¥à¤§à¤¾à¤° के मोरà¥à¤šà¥‡ पर वासà¥à¤¤à¤µ में जिस नेतृतà¥à¤µ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, वह हमें नहीं मिल रहा है।'
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login