खेल-कूद (à¤à¤¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸) और समरà¥à¤ªà¤£ का उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करते हà¥à¤ चार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सशसà¥à¤¤à¥à¤° बल चिकितà¥à¤¸à¤¾ सेवा (AFMS) अधिकारियों ने 16 से 23 जून के बीच फà¥à¤°à¤¾à¤‚स के सेंट-टà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‡à¤œ में आयोजित 43वें विशà¥à¤µ चिकितà¥à¤¸à¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ खेलों में कà¥à¤² 32 पदक हासिल करके à¤à¤¾à¤°à¤¤ का नाम रोशन कया है।
लेफà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤‚ट करà¥à¤¨à¤² संजीव मलिक, मेजर अनीश जॉरà¥à¤œ, कैपà¥à¤Ÿà¤¨ सà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¤¨ सेबेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¨ और कैपà¥à¤Ÿà¤¨ डेनिया जेमà¥à¤¸ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पेशेवरों के लिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे बड़े खेल आयोजन से 19 सà¥à¤µà¤°à¥à¤£, 9 रजत और 4 कांसà¥à¤¯ पदक जीतकर आठहैं। DG-AFMS लेफà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤‚ट जनरल दलजीत सिंह ने अधिकारियों को उनके असाधारण पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ के लिठबधाई दी है।
विजेता हैं...
विशà¥à¤µ चिकितà¥à¤¸à¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ खेलों को अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पेशेवरों के ओलंपिक खेलों के रूप में जाना जाता है। लिहाजा 1978 में अपनी सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ के बाद से यह चिकितà¥à¤¸à¤¾ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के à¤à¥€à¤¤à¤° सबसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित वैशà¥à¤µà¤¿à¤• खेल आयोजन बन गया है। हर साल 50 से अधिक देशों के 2,500 से अधिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ी इन खेलों में शामिल होते हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सशसà¥à¤¤à¥à¤° बल चिकितà¥à¤¸à¤¾ सेवा के अधिकारियों की गौरवशाली उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ न केवल उनकी उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ को रेखांकित करती हैं बलà¥à¤•ि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पेशेवरों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करती हैं। उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि यह सफलता à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤° में अनगिनत डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ और नरà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को फिटनेस अपनाने और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ तथा कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के राजदूत बनने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करेगी।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login