अमेरिकी कंपनी à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के मेक इन इंडिया अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ को बढ़ावा देने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से बेंगलà¥à¤°à¥ की à¤à¤• कंपनी को à¤à¤• बड़ा कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ दिया है। à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ ने अपने A220 फैमिली विमान के दरवाजों के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ और असेंबली के लिठबेंगलà¥à¤°à¥ की डायनामैटिक टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€à¤œ के साथ समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ किया है।
यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठसबसे बड़े à¤à¤¯à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤¸ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ सौदों में से à¤à¤• है। इससे à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ की A220 निरà¥à¤®à¤¾à¤£ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में खासा इजाफा होगा। समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के तहत, डायनामैटिक टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€à¤œ à¤220 फैमिली विमान के ओवर-विंग इमरजेंसी à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤Ÿ गेट के अलावा कारà¥à¤—ो, पैसेंजर और सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ गेट का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ और à¤à¤¸à¥‡à¤‚बली करेगी। हर विमान के लिठआठदरवाजे बनाठजाà¤à¤‚गे।
Indian aerospace manufacturing scales new heights!
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) February 8, 2024
A proud moment for all as @Airbus & Dynamatic Technologies join hands to manufacture all door variants in the next-gen Airbus A220 family of aircraft in India. This is one of the single-largest export contracts for an Indian… pic.twitter.com/pbpvNzS6UP
à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि इस समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के तहत दरवाजों के लिठजरूरी पारà¥à¤Ÿà¥à¤¸ और कंपोनेंटà¥à¤¸ का à¤à¥€ निरà¥à¤®à¤¾à¤£ डायनामैटिक कंपनी को करना होगा। इससे कई और सपà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤° कंपनियों को काम का अवसर मिलेगा।
à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ ने à¤à¤• साल से à¤à¥€ कम समय में किसी à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सपà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤° कंपनी को दरवाजे बनाने का यह दूसरा ठेका दिया है। इससे पहले 2023 में कंपनी ने à¤320 फैमिली के बलà¥à¤• और कारà¥à¤—ो दरवाजों के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ का ठेका टाटा à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚सà¥à¤¡ सिसà¥à¤Ÿà¤®à¥à¤¸ को दिया था।
डायनामैटिक कंपनी लंबे समय से à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ के लिठकाम करती रही है। पहले वह à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ à¤330 और à¤320 फैमिली विमानों के फà¥à¤²à¥ˆà¤ª टà¥à¤°à¥ˆà¤• बीम और à¤220 के कॉकपिट à¤à¤¸à¥à¤•ेप हैच दरवाजे बनाती रही है।
बयान में कहा गया है कि à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• रणनीतिक रिसोरà¥à¤¸ हब है, जहां कंपनी मानव पूंजी को बढ़ावा देने के लिठविमान संयोजन, घटक निरà¥à¤®à¤¾à¤£, इंजीनियरिंग डिजाइन à¤à¤µà¤‚ विकास, à¤à¤®à¤†à¤°à¤“ सपोरà¥à¤Ÿ, पायलट व मेंटिनेंस टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग के साथ-साथ शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• सहयोग और औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक फà¥à¤Ÿà¤ªà¥à¤°à¤¿à¤‚टà¥à¤¸ का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° कर रही है।
फिलहाल à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ à¤à¤¾à¤°à¤¤ से हर साल लगà¤à¤— 750 मिलियन अमेरिकी डॉलर के कलपà¥à¤°à¥à¤œà¥‡ और सेवाà¤à¤‚ खरीदती है, जो अगले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में बढ़कर 1.5 अरब डॉलर तक होने का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¯à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤¸ इकोसà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤® को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° देने और मजबूत करने के à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ में दो फाइनल असेंबली लाइनों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¥€ शामिल है। इनमें à¤à¤• वडोदरा में C295 सैनà¥à¤¯ विमान के लिठऔर दूसरी H125 हेलीकॉपà¥à¤Ÿà¤° के लिठहै।
A220 इकलौता विमान है जो 100-150 सीट वाले यातà¥à¤°à¥€ बाजार को देखते हà¥à¤ तैयार किया गया है। इसमें अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• à¤à¤¯à¤°à¥‹à¤¡à¤¾à¤¯à¤¨à¤¾à¤®à¤¿à¤•à¥à¤¸, à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स मटीरियल और नवीनतम तकनीक और इंजनों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया गया है।
यह पिछली पीढ़ी के विमानों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 50% कम शोर करता है। इसमें पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सीट ईंधन की 25% तक कम खपत होती है। नाइटà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ à¤à¥€ 40% कम निकलता है। इस तरह à¤220 कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ और लंबी दूरी की विमान यातà¥à¤°à¤¾à¤“ं के लिठपरफेकà¥à¤Ÿ विकलà¥à¤ª है।
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