अमेरिका के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने रविवार को फिर कहा कि वो नहीं चाहते कि कोई विदेशी कंपनी यू.à¤à¤¸. सà¥à¤Ÿà¥€à¤² पर कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पिछले हफà¥à¤¤à¥‡ à¤à¥€ यही बात कही थी, जिससे जापान की निपà¥à¤ªà¥‰à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥€à¤² (Nippon Steel) की 15 अरब डॉलर की बोली पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। निपà¥à¤ªà¥‰à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥€à¤², यू.à¤à¤¸. सà¥à¤Ÿà¥€à¤² को खरीदना चाहती है।
टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को कहा था कि वो नहीं चाहते कि यू.à¤à¤¸. सà¥à¤Ÿà¥€à¤² 'जापान के हाथ में जाà¤'। उनके इस बयान के बाद कंपनी के शेयर 7 फीसदी तक लà¥à¤¢à¤¼à¤• गठथे। बाद में, दोनों कंपनियों ने कहा कि वे 'à¤à¤• बड़े निवेश को पकà¥à¤•ा करने' के लिठटà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने ये बातें रिपोरà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ से तब कहीं, जब वो फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¾ में अपने घर से à¤à¤¯à¤° फोरà¥à¤¸ वन में बैठकर वॉशिंगटन लौट रहे थे।
उधर, जापान के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शिगेरॠइशिबा ने 14 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को टोकà¥à¤¯à¥‹ में संसद के à¤à¤• सेशन में बताया कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª और उनके बीच फरवरी में हà¥à¤ˆ मà¥à¤²à¤¾à¤•ात के दौरान इस डील पर चरà¥à¤šà¤¾ हà¥à¤ˆ थी।
इशिबा ने कहा, 'अमेरिकी कानूनों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤, कंपनी को खरीदने (acquisition) और उसमें पैसा लगाने के फरà¥à¤• को बारीकी से देखना होगा। लेकिन, निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से कोई à¤à¤¸à¤¾ रासà¥à¤¤à¤¾ निकलना चाहिठजिससे यू.à¤à¤¸. सà¥à¤Ÿà¥€à¤² à¤à¤• अमेरिकी कंपनी बनी रहे और जापान के हितों का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा जा सके।'
निपà¥à¤ªà¥‰à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥€à¤² और यू.à¤à¤¸. सà¥à¤Ÿà¥€à¤² के बीच जो डील दिसंबर 2023 में तय हà¥à¤ˆ थी, वो शà¥à¤°à¥‚ से ही मà¥à¤¶à¥à¤•िलों में घिरी रही है। पिछले साल, पूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ जो बाइडेन और टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª, दोनों ने ही कहा था कि यू.à¤à¤¸. सà¥à¤Ÿà¥€à¤² अमेरिकी कंपनी ही रहनी चाहिà¤à¥¤ वे à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकर रहे थे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पेंसिलà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के वोटरों को लà¥à¤à¤¾à¤¨à¤¾ था। पेंसिलà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• 'सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ' (à¤à¤¸à¤¾ राजà¥à¤¯ जहां वोट किसी à¤à¥€ पारà¥à¤Ÿà¥€ को जा सकते हैं) है, जहां कंपनी का हेडकà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ है। यहां चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में कड़ा मà¥à¤•ाबला था।
जनवरी 2025 में, बाइडेन ने देश की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का हवाला देते हà¥à¤ इस डील पर रोक लगा दी थी। लेकिन, कंपनियों ने फौरन केस कर दिया। उनका आरोप था कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नेशनल सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ रिवà¥à¤¯à¥‚ (राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ समीकà¥à¤·à¤¾) का सही मौका नहीं दिया गया, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बाइडेन दोबारा चà¥à¤¨à¤¾à¤µ जीतने के चकà¥à¤•र में पहले ही खà¥à¤²à¤•र डील का विरोध करके पूरे पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ पर असर डाल चà¥à¤•े थे।
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