à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में सतà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ के कमजोर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ की खबर ने शेयर बाजार में हाहाकार मचा दिया। बीà¤à¤¸à¤ˆ सेंसेकà¥à¤¸ à¤à¤• समय
6200 पॉइंटà¥à¤¸ तक गिर गया था, जो बाद में सेंसेकà¥à¤¸ थोड़ा संà¤à¤²à¤•र 4389 अंक नीचे (72,079 पर) बंद हà¥à¤†à¥¤ इसी तरह निफà¥à¤Ÿà¥€50 में à¤à¥€ जोरदार गिरावट दरà¥à¤œ की गई। इस गिरावट से निवेशकों के 30 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¾ हो गà¤à¥¤
दो दिन पहले चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤Ÿ पोलà¥à¤¸ में नरेंदà¥à¤° मोदी सरकार की सतà¥à¤¤à¤¾ में दमदार वापसी की खबरों पर शेयर बाजार में जोरदार उछाल दरà¥à¤œ की गई थी। सेंसेकà¥à¤¸ 2000 अंकों तक उछल गया था। निफà¥à¤Ÿà¥€ में à¤à¥€ चार साल की सबसे बड़ी उछाल देखी गई थी। बीà¤à¤¸à¤ˆ में निवेशकों केंको 12.48 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का फायदा हà¥à¤† था। लेकिन शेयर बाजार में ये तेजी मंगलवार को चà¥à¤¨à¤¾à¤µ के नतीजे आने के साथ ही अमंगल में बदल गई।
जैसे-जैसे मोदी सरकार की सीटों का आंकड़ा सिमटता रहा, शेयर बाजार में सेंसेकà¥à¤¸ और निफà¥à¤Ÿà¥€ गोते लगाते रहे। शेयर बाजार चार साल में सबसे बड़ी गिरावट का गवाह बना। बीà¤à¤¸à¤ˆ का सेंसेकà¥à¤¸ सà¥à¤¬à¤¹ 1700 अंक नीचे खà¥à¤²à¤¾ था। दोपहर 12.30 बजे सेंसेकà¥à¤¸ 6094 अंक गिरते हà¥à¤ 70,234 के सà¥à¤¤à¤° पर आ गया था। वहीं निफà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ 1947 अंकों की à¤à¤¾à¤°à¥€ गिरावट के साथ 21,281 पर पहà¥à¤‚च गया था।
बाद में सेंसेकà¥à¤¸ थोड़ा संà¤à¤²à¤•र 72,079.05 पर बंद हà¥à¤†, जो à¤à¤• दिन पहले से 4,389.73 अंक यानी 5.74 फीसदी नीचे है। वहीं निफà¥à¤Ÿà¥€50 à¤à¥€ 1379 अंक यानी 5.93 फीसदी की गिरावट के साथ 21,884 पर बंद हà¥à¤†à¥¤ परà¥à¤¸à¥‡à¤‚टेज के हिसाब से देखें तो पिछले चार साल में ये निफà¥à¤Ÿà¥€ में सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले कोरोना के दौर में 2020 में मारà¥à¤•ेट इतना गिरा था। इस गिरावट से बीà¤à¤¸à¤ˆ का मारà¥à¤•ेट कैपिटल 396 लाख करोड़ रह गया। निवेशकों को करीब 30 लाख करोड़ृ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤°à¤•म नà¥à¤•सान हà¥à¤†à¥¤
केंदà¥à¤° में मोदी सरकार की कमजोर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को लेकर बाजार में अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ के दौर है। जानकारों का कहना है कि अपने दम पर बीजेपी को पूरà¥à¤£ बहà¥à¤®à¤¤ न मिलने से उसे सहयोगी दलों पर निरà¥à¤à¤° रहना पड़ेगा। à¤à¤¸à¥‡ में वह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कठोर फैसले लेने से हिचक सकती है।
हालांकि चà¥à¤¨à¤¾à¤µ के नतीजे आने के बाद पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने बीजेपी मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं को संबोधित करते हà¥à¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤ को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की तीसरी सबसे बड़ी अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बनाने का संकलà¥à¤ª दोहराया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा है कि अगले पांच साल à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठबेहद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रहने वाले हैं। इस दौरान हमें à¤à¤¾à¤°à¤¤ को तीसरी सबसे बड़ी इकोनमी बनाना है। पीà¤à¤® मोदी के इस बयान से शेयर बाजार में कà¥à¤› जान वापस आती है या नहीं, ये देखने की बात होगी।
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