à¤à¤¾à¤°à¤¤ का परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£, वन और जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ (MoEFCC) अमेरिका के हारà¥à¤µà¤°à¥à¤¡ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के दो पà¥à¤°à¤®à¥à¤– संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ मितà¥à¤¤à¤² à¤à¤‚ड फैमिली साउथ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट और सालाटा इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट फॉर कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤Ÿ à¤à¤‚ड ससà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‡à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ के साथ मिलकर 19 से 22 मारà¥à¤š तक नई दिलà¥à¤²à¥€ के à¤à¤¾à¤°à¤¤ मंडपम में à¤à¤• अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का आयोजन करेगा।
यह समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ से निपटने के उपायों और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की तैयारियों पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ होगा। इसमें सरकार, वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•, उदà¥à¤¯à¥‹à¤— जगत, शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦ और सामाजिक संगठनों के लोग हिसà¥à¤¸à¤¾ लेंगे। वे मिलकर चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे कि कैसे à¤à¤¾à¤°à¤¤ 2047 तक जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ से खà¥à¤¦ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और मजबूत बना सकता है।
समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में ये मà¥à¤–à¥à¤¯ विषय रहेंगे:
इस समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ नई जलवायॠनीतियां तैयार करना और à¤à¤¾à¤°à¤¤ की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ जलवायॠअनà¥à¤•ूलन योजना (National Adaptation Plan) को मजबूत बनाना है। इस आयोजन से वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शोध, नीतिगत सà¥à¤à¤¾à¤µ और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• समाधान तैयार किठजाà¤à¤‚गे ताकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ आने वाले वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ का सामना करने के लिठपूरी तरह तैयार हो सके।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login