à¤à¤¾à¤°à¤¤ की तेजी से बढ़ती अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में विदेश में रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लोगों का à¤à¥€ अहम योगदान है। यह वरà¥à¤²à¥à¤¡ बैंक की ताजा रिपोरà¥à¤Ÿ से à¤à¥€ जाहिर है, जिसमें कहा गया है कि विदेश से अपने देश में पैसा à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ (रेमिटेंस) के मामले में à¤à¤¾à¤°à¤¤ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में नंबर वन पर है।
इस रिपोरà¥à¤Ÿ में बताया गया है कि विदेश में बसे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने इस साल अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ 125 अरब डॉलर की रकम अपने देश में à¤à¥‡à¤œà¥€ है। यह इस बारे में लगाठगठपहले के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ से कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। इसमें अमेरिका के कड़े शà¥à¤°à¤® बाजार और यूरोप में रोजगार में अचà¥à¤›à¥€ बढ़ोतरी का बड़ा योगदान है।
विशà¥à¤µ बैंक की इस रिपोरà¥à¤Ÿ में रेमिटेंस को लेकर कई अहम जानकारियां दी गई हैं। बताया गया है कि कम à¤à¤µà¤‚ मधà¥à¤¯à¤® आय वाले देशों में रेमिटेंस इस साल 3.8 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बढ़कर 669 अरब डॉलर हो गया है। इसमें विकसित देशों और खाड़ी सहयोग परिषद के सदसà¥à¤¯ देशों की बड़ी à¤à¥‚मिका रही है।
सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रेमिटेंस पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने वाले देशों की लिसà¥à¤Ÿ में बाकी देश à¤à¤¾à¤°à¤¤ से बहà¥à¤¤ पीछे हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ को जहां 125 अरब डॉलर विदेश से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ हैं, वहीं उसके बाद मेकà¥à¤¸à¤¿à¤•ो (67 अरब डॉलर), चीन (50 अरब डॉलर), फिलिपींस (40 अरब डॉलर) और इजिपà¥à¤Ÿ (24 अरब डॉलर) का नंबर हैं। पूरे दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ की बात करें तो रेमिटेंस में 7.2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की अचà¥à¤›à¥€ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ देखी गई है।
रिपोरà¥à¤Ÿ में हालांकि अगले साल रेमिटेंस में गिरावट आने का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया गया है। इसकी वजह वैशà¥à¤µà¤¿à¤• आरà¥à¤¥à¤¿à¤• हालात को बताया गया है। कहा गया है कि कई उचà¥à¤š आय वाले देशों में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• गतिविधियां कमजोर हो सकती हैं, जॉब मारà¥à¤•ेट में नरमी आ सकती है, जिसकी वजह से 2024 में रेमिटेंस में 3.1 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की ही बढ़ोतरी होने का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है।
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