à¤à¤¾à¤°à¤¤ के इंजीनियरिंग निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ में फरवरी 2025 में 8.6 फीसदी की सालाना गिरावट दरà¥à¤œ की गई है। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण अमेरिका की तरफ से नठटैरिफ की घोषणा के बाद सà¥à¤Ÿà¥€à¤² और à¤à¤²à¥à¤¯à¥à¤®à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤® शिपमेंट में à¤à¤¾à¤°à¥€ गिरावट को माना जा रहा है।
यह पहली बार है जब अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2024 के बाद निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ में गिरावट आई है। इसके बाद उदà¥à¤¯à¥‹à¤— जगत ने निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ में विविधता और रणनीतिक वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समà¤à¥Œà¤¤à¥‹à¤‚ की मांग तेज कर दी है ताकि आगे नà¥à¤•सान कम किया जा सके।
फरवरी में इंजीनियरिंग निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ 9.94 बिलियन डॉलर से घटकर 9.08 बिलियन डॉलर हो गया। इसने नौ महीनों से जारी गà¥à¤°à¥‹à¤¥ का टà¥à¤°à¥‡à¤‚ड खतà¥à¤® कर दिया। हालांकि अपà¥à¤°à¥ˆà¤²-फरवरी के दौरान कà¥à¤² वृदà¥à¤§à¤¿ 7.97% रही और यह 105.85 बिलियन डॉलर तक पहà¥à¤‚च गया लेकिन फरवरी में यह गिरावट दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के लिठचà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ कम नहीं हैं।
ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन पंकज चडà¥à¤¢à¤¾ ने कहा कि इस गिरावट की मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह à¤à¤²à¥à¤¯à¥à¤®à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤® और उससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ में 58% और आयरन व सà¥à¤Ÿà¥€à¤² के निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ में 40% की गिरावट है। इसके अलावा जहाज, नाव और à¤à¤¯à¤°à¤•à¥à¤°à¤¾à¤«à¥à¤Ÿ कंपोनेंटà¥à¤¸ के निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ में à¤à¥€ उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय कमी आई है।
हालांकि इस गिरावट के बावजूद अमेरिका à¤à¤¾à¤°à¤¤ के इंजीनियरिंग उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का सबसे बड़ा आयातक बना हà¥à¤† है। उसके बाद यूà¤à¤ˆ और सऊदी अरब हैं। फरवरी में अमेरिका को à¤à¤¾à¤°à¤¤ से निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ 5.8% बढ़कर 1.66 बिलियन डॉलर तक पहà¥à¤‚च गया।
अमेरिका दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 2 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2025 से लागू होने वाले टैरिफ के कारण à¤à¤¾à¤°à¤¤ के इंजीनियरिंग निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ के लिठसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो सकती है। टà¥à¤°à¤‚प पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के हाई टैरिफ नेशन के रà¥à¤– और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤—ीदारों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धातà¥à¤®à¤• उपायों से बाजार में à¤à¤¾à¤°à¥€ असà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ बनी हà¥à¤ˆ है।
इसके जवाब में, à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार कई अनà¥à¤¯ देशों के साथ नठफà¥à¤°à¥€ टà¥à¤°à¥‡à¤¡ à¤à¤—à¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ (FTA) पर कारà¥à¤¯ कर रही है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ यूà¤à¤ˆ, ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ और EFTA कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के साथ पहले ही à¤à¤¸à¥‡ समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ कर चà¥à¤•ा है। यूरोपियन यूनियन, यूनाइटेड किंगडम, गलà¥à¤« कोऑपरेशन काउंसिल और पेरू के साथ बातचीत चल रही है ।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ इंजीनियरिंग उदà¥à¤¯à¥‹à¤— को दोहरी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ का सामना करना पड़ रहा है। à¤à¤• तरफ उसे अमेरिका में अपने मारà¥à¤•ेट शेयर को बचाना है, वहीं चीन, जापान, दकà¥à¤·à¤¿à¤£ कोरिया और दकà¥à¤·à¤¿à¤£-पूरà¥à¤µ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ देशों से होने वाले टà¥à¤°à¥‡à¤¡ डायवरà¥à¤œà¤¨ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² à¤à¥€ करना है। ।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का कहना है कि आगे à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सफलता इस बात पर निरà¥à¤à¤° करेगी कि वह अपने निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ बाजारों को कितना डायवरà¥à¤¸à¥€à¤«à¤¾à¤ˆ कर सकता है और कितने फायदेमंद वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ हासिल कर सकता है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login