इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को बताया कि अगले दो वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ साल, यानी 2024-25 और 2025-26 में, à¤à¤¾à¤°à¤¤ की GDP 6.5 फीसदी की रफà¥à¤¤à¤¾à¤° से बढ़ेगी। IMF के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, देश की मजबूत अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और फाइनेंशियल सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की वजह से लोगों की खरीदारी बढ़ रही है, जिससे GDP में तेजी देखने को मिलेगी।
IMF का कहना है कि महंगाई धीरे-धीरे कम होगी, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खाने-पीने के सामान की कीमतों में उछाल कम हो रहा है। वैसे, 2025-26 में देश का करंट अकाउंट डेफिसिट GDP का 1.3 फीसदी रहेगा, जो थोड़ा बढ़ेगा पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता की बात नहीं है।
IMF ने ये à¤à¥€ कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ का फाइनेंस सेकà¥à¤Ÿà¤° मजबूत है, कंपनियों की हालत अचà¥à¤›à¥€ है और डिजिटल इंफà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤° à¤à¥€ कमाल का है। इस सबकी वजह से à¤à¤¾à¤°à¤¤ की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आने वाले समय में लगातार तरकà¥à¤•ी करेगी और गरीबों की जिंदगी à¤à¥€ बेहतर होगी।
अपनी रिपोरà¥à¤Ÿ में IMF ने बताया कि महंगाई थोड़ी ऊपर नीचे हà¥à¤ˆ है। लेकिन इसके साथ ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बहà¥à¤¤ जबरदसà¥à¤¤ तरकà¥à¤•ी कर रही है। 2024-25 के पहले छह महीनों में GDP 6 फीसदी बढ़ी है। हालांकि, खाने-पीने के सामान की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से महंगाई में थोड़ी असà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ देखने को मिली है।
IMF के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, à¤à¤¾à¤°à¤¤ का फाइनेंस सेकà¥à¤Ÿà¤° बहà¥à¤¤ मजबूत है और बà¥à¤°à¥‡ करà¥à¤œà¤¾à¥‡à¤‚ (Non-Performing Loans) की तदाद कई सालों में सबसे कम है। सरकार अपना खरà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ कम कर रही है और देश का राजकोषीय घाटा à¤à¥€ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सेवाओं के निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ में काफी इजाफा हà¥à¤† है।
लेकिन IMF ने ये à¤à¥€ चेतावनी दी है कि कà¥à¤› खतरे à¤à¥€ मौजूद हैं। वैशà¥à¤µà¤¿à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बढ़ने से विदेशों से मांग कम हो सकती है। इसी तरह, कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ यà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ से पेटà¥à¤°à¥‹à¤² के दामों में उतार-चढ़ाव हो सकता है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ेगा।
देश के अंदर, अगर लोगों की आमदनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं बढ़ी, तो खरीदारी और निवेश उतना नहीं बढ़ पाà¤à¤—ा जितना उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है। मौसम की मारामत से किसानी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है, जिससे खाने-पीने के सामान महंगे हो सकते हैं और गाà¤à¤µà¥‹à¤‚ में खरीदारी कम हो सकती है। लेकिन अगर सरकार सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ पर जोर देगी, तो निजी निवेश और रोजगार बढ़ेगा, जिससे अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरकà¥à¤•ी होगी।
IMF के अधिकारियों ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की मजबूत अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का फायदा उठाकर जरूरी सà¥à¤§à¤¾à¤° किठजा सकते हैं। इससे à¤à¤¾à¤°à¤¤ 2047 तक à¤à¤• विकसित देश बनने के अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ को हासिल कर सकता है। IMF के अधिकारियों ने सरकार की किफायती नीति की तारीफ à¤à¥€ की और कहा कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने देश के करà¥à¤œ पर à¤à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯ तय किया है, जिससे पारदरà¥à¤¶à¤¿à¤¤à¤¾ और जवाबदेही बढ़ेगी।
IMF के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, देश की विकास और सामाजिक जरूरतों को देखते हà¥à¤ आने वाले समय में सरकार को अपना खरà¥à¤šà¤¾ धीरे-धीरे कम करना चाहिà¤à¥¤ इससे सरकार के पास पैसे जमा हो जाà¤à¤‚गे, करà¥à¤œ का बोà¤à¤¼ कम होगा और इनकी किशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का à¤à¥à¤—तान आसान होगा। IMF ने सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया है कि सरकार को देश के अंदर से अधिक पैसे इकटà¥à¤ ा करने पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤ साथ ही, सरकार को अपना खरà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ सोच-समà¤à¤•र करना चाहिà¤, जैसे कि सबà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥€ का बेहतर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना। इससे सरकार के पास इंफà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤° और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खरà¥à¤šà¤¾ करने के लिठपैसे मिल पाà¤à¤‚गे।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login