जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ सेकà¥à¤Ÿà¤° की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ मजबूत बनी रही, जिसे मैनà¥à¤¯à¥à¤«à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मांग का समरà¥à¤¥à¤¨ मिला। हालांकि, बढ़ती महंगाई और कमजोर रोजगार सृजन ने इस विसà¥à¤¤à¤¾à¤° को थोड़ा थाम लिया है। HSBC फà¥à¤²à¥ˆà¤¶ इंडिया कंपोजिट परचेजिंग मैनेजरà¥à¤¸ इंडेकà¥à¤¸ (PMI) जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ में 60.7 पर रहा, जो जून के 61.0 से थोड़ा कम है। यह आंकड़ा लगातार चौथे साल 50 से ऊपर बना हà¥à¤† है, जो आरà¥à¤¥à¤¿à¤• विसà¥à¤¤à¤¾à¤° को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है।
HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¾à¤‚जल à¤à¤‚डारी ने कहा, "टोटल सेलà¥à¤¸, à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ ऑरà¥à¤¡à¤° और आउटपà¥à¤Ÿ लेवल में वृदà¥à¤§à¤¿ से सेकà¥à¤Ÿà¤° की परफॉरà¥à¤®à¥‡à¤‚स मजबूत बनी रही। इन तीनों मोरà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर मैनà¥à¤¯à¥à¤«à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग ने सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ सेकà¥à¤Ÿà¤° से बेहतर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ किया।"
जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ में मैनà¥à¤¯à¥à¤«à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग PMI बढ़कर 59.2 पर पहà¥à¤‚च गया, जो पिछले 17 साल में सबसे ऊंचा सà¥à¤¤à¤° है। इसके विपरीत, सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ सेकà¥à¤Ÿà¤° का इंडेकà¥à¤¸ 60.4 से घटकर 59.8 पर आ गया, हालांकि यह अब à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ माना जा रहा है।
यह à¤à¥€ पढ़ें- à¤à¤¾à¤°à¤¤ और UK के बीच à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• फà¥à¤°à¥€ टà¥à¤°à¥‡à¤¡ à¤à¤—à¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤°
कà¥à¤² नठऑरà¥à¤¡à¤° में बीते à¤à¤• साल में सबसे तेज वृदà¥à¤§à¤¿ देखी गई, जिसमें अमेरिका, यूरोप और à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ से à¤à¤¾à¤°à¥€ डिमांड रही। खासतौर पर मैनà¥à¤¯à¥à¤«à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग ऑरà¥à¤¡à¤° करीब पांच साल के उचà¥à¤šà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤° पर पहà¥à¤‚चे। हालांकि, कà¥à¤› चिंता के संकेत à¤à¥€ मिले हैं। पà¥à¤°à¤¾à¤‚जल à¤à¤‚डारी के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, "बिजनेस कॉनà¥à¤«à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚स मारà¥à¤š 2023 के बाद सबसे निचले सà¥à¤¤à¤° पर पहà¥à¤‚च गया है और रोजगार वृदà¥à¤§à¤¿ बीते 15 महीनों में सबसे धीमी रही है।"
à¤à¤• हालिया रॉयटरà¥à¤¸ पोल में विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बेरोजगारी और कम आय वाले रोजगारों को लेकर चिंता जताई है। देश की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तेजी से बढ़ रही है, लेकिन यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ नौकरियां नहीं बन पा रही हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जून में बेरोजगारी दर 5.6% पर सà¥à¤¥à¤¿à¤° रही, लेकिन कई अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¥€ इस आंकड़े की गणना पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ पर सवाल उठा रहे हैं। उधर, महंगाई का दबाव जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ में और बढ़ गया। इनपà¥à¤Ÿ कॉसà¥à¤Ÿ और आउटपà¥à¤Ÿ चारà¥à¤œ दोनों में इजाफा हà¥à¤†à¥¤ कंपनियों ने à¤à¤²à¥à¤¯à¥‚मिनियम, कॉटन और खादà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की कीमतों में वृदà¥à¤§à¤¿ की बात कही और ये बोठगà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤•ों पर डाल दिया।
हालांकि खà¥à¤¦à¤°à¤¾ महंगाई जून में छह साल के नà¥à¤¯à¥‚नतम सà¥à¤¤à¤° पर रही, लेकिन अगर महंगाई फिर बढ़ती है तो इससे रिजरà¥à¤µ बैंक की बà¥à¤¯à¤¾à¤œ दरों में कटौती की उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‹à¤‚ पर असर पड़ सकता है।
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