à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलà¥à¤°à¥ शहर में अब सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ नौकरियों में से आधी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोगों के लिठआरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ पर विवाद हो गया है। करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• राजà¥à¤¯ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ सिदà¥à¤§à¤¾à¤°à¤®à¥ˆà¤¯à¤¾ की सरकार ने इस संबंध में नठकानून की घोषणा की है। हालांकि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ टेक कंपनियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इसकी कड़ी आलोचना के बाद सरकार ने पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ विधेयक को होलà¥à¤¡ कर दिया है।
बेंगलà¥à¤°à¥‚ को à¤à¤¾à¤°à¤¤ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ का आईटी पावरहाउस माना जाता है। गूगल, टीसीà¤à¤¸ और इनà¥à¤«à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ जैसी वैशà¥à¤µà¤¿à¤• आईटी कंपनियों के ऑफिस यहीं पर हैं। इंडसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बेंगलà¥à¤°à¥‚ देश-विदेश से आईटी सेकà¥à¤Ÿà¤° की शीरà¥à¤· इंजीनियरिंग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करता है। करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• राजà¥à¤¯ के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ 336 बिलियन डॉलर के वारà¥à¤·à¤¿à¤• आउटपà¥à¤Ÿ में लगà¤à¤— à¤à¤• चौथाई हिसà¥à¤¸à¤¾ यहीं से आता है।
करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ सिदà¥à¤§à¤¾à¤°à¤®à¥ˆà¤¯à¤¾ ने बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को कहा कि उनकी सरकार à¤à¤• नठकानून को अंतिम रूप दे रही है जो कंपनियों को यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठमजबूर करेगा कि उनके आधे से अधिक करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ à¤à¤¸à¥‡ आवेदक हों जो करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– à¤à¤¾à¤·à¤¾ बोलते हैं। सिदà¥à¤§à¤¾à¤°à¤®à¥ˆà¤¯à¤¾ ने à¤à¤•à¥à¤¸ पर à¤à¤• पोसà¥à¤Ÿ में कहा कि यह कदम यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठहै कि सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोग नौकरियों से वंचित न हों और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी जनà¥à¤®à¤à¥‚मि में आरामदायक जिंदगी मिल सकें।
ರಾಜà³à²¯à²¦ ಖಾಸಗಿ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳೠಹಾಗೂ ಇತರೆ ಸಂಸà³à²¥à³†à²—ಳಲà³à²²à²¿ ಕನà³à²¨à²¡à²¿à²—ರಿಗೆ ಆಡಳಿತಾತà³à²®à²• ಹà³à²¦à³à²¦à³†à²—ಳಿಗೆ ಶೇ.50 ಹಾಗೂ ಆಡಳಿತಾತà³à²®à²•ವಲà³à²²à²¦ ಹà³à²¦à³à²¦à³†à²—ಳಿಗೆ ಶೇ.75 ಮೀಸಲಾತಿ ನಿಗದಿಪಡಿಸà³à²µ ವಿಧೇಯಕಕà³à²•ೆ ಸೋಮವಾರ ನಡೆದ ಸಚಿವ ಸಂಪà³à²Ÿ ಸà²à³†à²¯à³ ಒಪà³à²ªà²¿à²—ೆ ನೀಡಿದೆ.
— Siddaramaiah (@siddaramaiah) July 17, 2024
ಕನà³à²¨à²¡à²¿à²—ರೠಕನà³à²¨à²¡à²¦ ನೆಲದಲà³à²²à²¿ ಉದà³à²¯à³‹à²— ವಂಚಿತರಾಗà³à²µà³à²¦à²¨à³à²¨à³ ತಪà³à²ªà²¿à²¸à²¿, ತಾಯà³à²¨à²¾à²¡à²¿à²¨à²²à³à²²à²¿â€¦ pic.twitter.com/Rz6a0vNCBz
करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• सरकार के इस कदम का विरोध करते हà¥à¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी उदà¥à¤¯à¥‹à¤— निकाय नैसकॉम ने कहा कि यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ से गंà¤à¥€à¤° रूप से चिंतित करने वाला है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चेतावनी दी है कि यह कदम यहां पर उदà¥à¤¯à¥‹à¤— को खतà¥à¤® करने वाला और सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ कंपनियों को बाहर जाने पर मजबूर करने वाला साबित हो सकता है। नैसकॉम में à¤à¤• बयान में कहा इस पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ से उदà¥à¤¯à¥‹à¤—ों के विकास में बाधा आà¤à¤—ी, नौकरियों पर असर पड़ेगा और राजà¥à¤¯ के गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होगा।
फारà¥à¤®à¤¾à¤¸à¥à¤¯à¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल दिगà¥à¤—ज बायोकॉन की संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• किरण मजूमदार शॉ उदà¥à¤¯à¥‹à¤— जगह की कई अनà¥à¤¯ हसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ ही आशंका जताई है। किरण ने चेतावनी दी कि इससे आईटी में बेंगलà¥à¤°à¥ की अगà¥à¤°à¤£à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ खतरे में आ सकती है। इनà¥à¤«à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के पूरà¥à¤µ मà¥à¤–à¥à¤¯ वितà¥à¤¤ अधिकारी मोहनदास पई ने कहा कि विधेयक à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
हालांकि कड़े विरोध के बाद करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• सरकार ने उस विधेयक को रोक दिया जिसमें राजà¥à¤¯ की निजी कंपनियों को कनà¥à¤¨à¤¡à¤¼ लोगों के लिठनौकरियां आरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ है। इस बिल में देश की आईटी कैपिटल की कंपनियों में गैर-पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन à¤à¥‚मिकाओं की 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ और पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन सà¥à¤¤à¤° की 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ नौकरियों में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोगों की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देने की बात कही गई है।
मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ सिदà¥à¤§à¤¾à¤°à¤®à¥ˆà¤¯à¤¾ ने à¤à¤•à¥à¤¸ पर पोसà¥à¤Ÿ किया कि निजी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚, उदà¥à¤¯à¥‹à¤—ों और उदà¥à¤¯à¤®à¥‹à¤‚ में कनà¥à¤¨à¤¡à¤¼ लोगों के लिठआरकà¥à¤·à¤£ लागू करने वाला विधेयक अà¤à¥€ तैयारी के चरण में है। अगली कैबिनेट बैठक में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• चरà¥à¤šà¤¾ के बाद इस पर अंतिम निरà¥à¤£à¤¯ लिया जाà¤à¤—ा।
गौरतलब है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लगà¤à¤— 55 करोड़ लोग आईटी सेकà¥à¤Ÿà¤° में काम करते हैं। इनमें से कई बेंगलà¥à¤°à¥ में सबसे अधिक मांग वाली नौकरियों में हैं। लेकिन देश के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ का आना बेंगलà¥à¤°à¥‚ में खासकर सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ कनà¥à¤¨à¤¡à¤¼ à¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की नाराजगी का विषय बन गया है।
करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• के लगà¤à¤— दो-तिहाई निवासी कनà¥à¤¨à¤¡à¤¼ बोलते हैं, लेकिन राजà¥à¤¯ के बाहर इस à¤à¤¾à¤·à¤¾ का शायद ही उपयोग किया जाता है जबकि हिंदी और अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ शहर के आईटी सेकà¥à¤Ÿà¤° की आम à¤à¤¾à¤·à¤¾ हैं। राजà¥à¤¯ में कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने पहले à¤à¥€ साइनबोरà¥à¤¡ पर अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² का विरोध करते रहे हैं। सिदà¥à¤§à¤¾à¤°à¤®à¥ˆà¤¯à¤¾ सरकार ने इस साल सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• साइनेज को मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से कनà¥à¤¨à¤¡à¤¼ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में लिखना अनिवारà¥à¤¯ कर दिया है।
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