अमेरिकी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ की कड़ी दौड़ ने उà¤à¤°à¤¤à¥‡ बाजारों में निवेशकों को परेशान कर दिया है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डर है कि पूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª की वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस में वापसी से उà¤à¤°à¤¤à¥‡ बाजारों को नà¥à¤•सान हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे चमकने के लिठतैयार थे।
संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में कम बà¥à¤¯à¤¾à¤œ दरों की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ने उà¤à¤°à¤¤à¥‡ बाजार परिसंपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठदृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को उजà¥à¤œà¥à¤µà¤² कर दिया है जो पिछले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में अपने विकसित समककà¥à¤·à¥‹à¤‚ से पिछड़ गठहैं। लेकिन विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤•ों को अब चिंता है कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के दूसरे कारà¥à¤¯à¤•ाल के तहत वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° बाधाओं को बल दिया जा सकता है। इससे मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤«à¥€à¤¤à¤¿ में उछाल आà¤à¤—ा और इस तरह बà¥à¤¯à¤¾à¤œ दरें बढ़ेंगी, डॉलर बढ़ेगा और अंततः उà¤à¤°à¤¤à¥‡ बाजारों पर फिर से दबाव पड़ेगा।
पिकà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ à¤à¤¸à¥‡à¤Ÿ मैनेजमेंट के वरिषà¥à¤ मलà¥à¤Ÿà¥€à¤à¤¸à¥‡à¤Ÿ रणनीतिकार अरà¥à¤£ साई ने रॉयटरà¥à¤¸ गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² मारà¥à¤•ेटà¥à¤¸ फोरम (GMF) को बताया कि आम तौर पर यह उà¤à¤°à¤¤à¥‡ बाजारों के लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ मैकà¥à¤°à¥‹ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि होगी: लचीला विकास, निरंतर अवसà¥à¤«à¥€à¤¤à¤¿ और कमजोर डॉलर। लेकिन हमारे पास दो मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ हैं। चीन वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर दबाव बना हà¥à¤† है और फिर मजबूत टैरिफ और विशà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° में वà¥à¤¯à¤µà¤§à¤¾à¤¨ का खतरा है। उà¤à¤°à¤¤à¥‡ बाजारों को इसका खामियाजा à¤à¥à¤—तना पड़ेगा।
टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने कहा है कि वह चीनी निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ पर 60% टैरिफ पर विचार करेंगे। बारà¥à¤•लेज के अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है कि पहले 12 महीनों में चीन की जीडीपी में दो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ अंक की गिरावट आ सकती है। अनà¥à¤¯ अमेरिकी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के लिठबहà¥à¤¤ कम 10% सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• टैरिफ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया गया है।
ऑकà¥à¤¸à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¡ इकोनॉमिकà¥à¤¸ ने कहा कि इस तरह के टैरिफ सà¥à¤¤à¤° से अमेरिका-चीन दà¥à¤µà¤¿à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° में 70% की कमी आ सकती है और सैकड़ों अरब डॉलर का वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समापà¥à¤¤ हो सकता है या पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ हो सकता है। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ इनà¥à¤µà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट मैनेजमेंट के सीईओ मनीष à¤à¤¾à¤°à¥à¤—व ने कहा कि निवेशकों के लिठयह कहना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो गया है कि चीन की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ कब करवट लेगी। उà¤à¤°à¤¤à¥‡ बाजारों में जोखिम पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤® के साथ आना चाहिà¤, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ नहीं हो रहा है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ है लेकिन महंगा है, चीन ससà¥à¤¤à¤¾ है लेकिन उसकी अपनी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं।
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