बाली में अंतिम संसà¥à¤•ार बहà¥à¤¤ ही अनूठी होती है। पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤œà¤¨ का शरीर कबà¥à¤° में धैरà¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• इंतजार करता है, कà¤à¥€-कà¤à¥€ सालों तक, जब तक परिवार à¤à¤• उचित दाह संसà¥à¤•ार का इंतजाम करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं हो जाता। 21 अगसà¥à¤¤, 2024 को चंदà¥à¤° कैलेंडर के à¤à¤• शà¥à¤ दिन 36 परिवार अपने रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को उनके कबà¥à¤° से उठाने के लिठऔर 'निसà¥à¤¤à¤¾' नामक सामूहिक दाह संसà¥à¤•ार के लिठले जाने के लिठआà¤à¥¤ दाह संसà¥à¤•ार के तीन पà¥à¤°à¤•ारों में से चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ का विकलà¥à¤ª होता है। उतà¥à¤¤à¤® सबसे महंगा होता है, मधà¥à¤¯ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ दाह संसà¥à¤•ार होता है और निसà¥à¤¤à¤¾ आतà¥à¤®à¤¾ के बाद के जीवन के लिठà¤à¤• गरीब आदमी का विदाई होता है।
à¤à¤• परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ गाइड अपने गà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤•ों को à¤à¤• उतà¥à¤¤à¤® अंतिम संसà¥à¤•ार देखने के लिठले गया जो उसी दिन à¤à¤• पड़ोसी गांव में आयोजित किया गया था। उस दिन गांव के शाही परिवार के à¤à¤• सदसà¥à¤¯ का दाह संसà¥à¤•ार होने वाला था। जब गाइड अपने दल के साथ पहà¥à¤‚चे, तो सड़क पर à¤à¤• ऊंचे बैल की मूरà¥à¤¤à¤¿, 'लेमà¥à¤¬à¥‚', à¤à¤µà¥à¤¯à¤¤à¤¾ से खड़ा था। काले कपड़े से ढका यह बैल à¤à¤• शानदार 25 फीट ऊंचा ढांचा है, जो à¤à¤• पेड़ के तने को खोखला करके बनाया गया है।
इसके सीधे सींग, खà¥à¤° और पूंछ पर सोने की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और रेशमी सà¥à¤•ारà¥à¤« से सजाया गया था, जो à¤à¤• डिजà¥à¤¨à¥€ अनà¥à¤à¤µ जैसा लग रहा था। सोने की माला इसकी गरà¥à¤¦à¤¨ पर सजी थी। इसकी गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ नोक वाला लिंग, सोने के रिबन से सजा हà¥à¤† था। बैल की पीठà¤à¤• ढकà¥à¤•न की तरह खà¥à¤²à¤¤à¥€ थी, जहां दाह संसà¥à¤•ार के लिठशरीर रखा जाता। बैल से जà¥à¥œà¤¾ à¤à¤• उतà¥à¤¸à¤µ से सजा हà¥à¤† 'वादाह', à¤à¤• सà¥à¤‚दर मीनार, 60 फीट ऊंचा, लकड़ी और बांस से मजबूती से बनाया गया था और महंगे रेशम से सजाया गया था।
निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से यह à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ दृशà¥à¤¯ और à¤à¤• सांसà¥à¤•ृतिक अनà¥à¤à¤µ था। सबसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित आकृति के रूप में लेमà¥à¤¬à¥‚ सामानà¥à¤¯ तौर पर उचà¥à¤š जाति के दाह संसà¥à¤•ार के लिठआरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है। लेमà¥à¤¬à¥‚ शिव, 'विनाशक' का वाहन है। शिव मृतà¥à¤¯à¥ और आतà¥à¤®à¤¾ के पà¥à¤¨à¤°à¥à¤šà¤•à¥à¤°à¤£ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• हैं। शोकगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ परिवार ने शà¥à¤ दिन के लिठतीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक इंतजार किया था। पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ वह शà¥à¤ दिन तय करता है जिस दिन दाह संसà¥à¤•ार आयोजित किया जाना है। इस शà¥à¤ दिन का चयन जटिल तैयारियों के लिठकाफी पहले से तय की जाती है।
परिवार की सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आतà¥à¤®à¤¾ के बाद के जीवन में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करती है। उतà¥à¤¤à¤®, मधà¥à¤¯ या निसà¥à¤¤à¤¾ अंतिम संसà¥à¤•ार, पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€, पवितà¥à¤° जल, वादाह और गेमलन बेले-गंजà¥à¤° ऑरà¥à¤•ेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ से अलग किया जाता है। पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ उचित दाह संसà¥à¤•ार के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठजाने वाले समारोहों की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ उसके लिठà¤à¥à¤—तान की गई फीस से तय होती है। घर के अंदर पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ ने शरीर को शà¥à¤¦à¥à¤§ किया और आवशà¥à¤¯à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚ कीं। परिवार ने मोमबतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जलाई और पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आतà¥à¤®à¤¾ के तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨ या सतगति के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚ होती है।
जलà¥à¤¦ ही जà¥à¤²à¥‚स शà¥à¤°à¥‚ हो गया। जिस मंच पर बैल खड़ा था, उसे कई मजबूत पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के कंधों पर उठाया गया है। वे जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ कदमों से à¤à¥‚मते और नाचते थे। जैसे ही वे गलियों के कोनों पर मà¥à¤¡à¤¼à¥‡, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कई बार बैल की दिशा बदल दी जिससे मृत वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की आतà¥à¤®à¤¾ à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाठऔर यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके कि वह घर का रासà¥à¤¤à¤¾ न पा सके। दाह संसà¥à¤•ार समारोह में शरीर को लेमà¥à¤¬à¥‚ में लाद दिया जाता है जो वादाह के साथ आग लगा दी जाती है।
शरीर नशà¥à¤µà¤° है। यह आतà¥à¤®à¤¾ है जो बà¥à¤°à¤¹à¥à¤® या सांग हयांग तà¥à¤‚गल, 'दिवà¥à¤¯ à¤à¤•ता' के साथ à¤à¤• होने के लिठउड़ान à¤à¤°à¤¤à¥€ है। सà¤à¥€ रासà¥à¤¤à¥‡ सांग हयांग तà¥à¤‚गल तक जाते हैं जहां आतà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚ अपने अगले जनà¥à¤® की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करती हैं।
इस बीच, पड़ोसी गांव में छतà¥à¤¤à¥€à¤¸ परिवार अपने निकाले गठपूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¥€ टोकरियां लेकर लाइन में लगे हà¥à¤ थे, जो अंततः दाह संसà¥à¤•ार के लिठजाने वाले थे। निसà¥à¤¤à¤¾ अंतिम संसà¥à¤•ार में à¤à¤• सड़क मेले का नजारा था। गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡ बेचने वाले, नाशà¥à¤¤à¥‡ बेचने वाले, सड़क के किनारे के वà¥à¤¯à¤‚जन बेचने वाले, सड़क पर खड़े थे। चावल के खेतों और फूलों के बागानों के बीच à¤à¤• बड़े खाली सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में सैकड़ों लोग बैठे थे।
समारोह में बैठे à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ कि यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कम जटिल नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह विशाल मैदान की ओर देख रहा था जहां परिवार इकटà¥à¤ ा हà¥à¤ थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मृतà¥à¤¯à¥ संसà¥à¤•ारों को पूरा करने में पंदà¥à¤°à¤¹ दिन लगते हैं। यह 11वां दिन है। पà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने टोकरियों पर पवितà¥à¤° जल छिड़का। हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पहले à¤à¤•तà¥à¤° किया गया था, धोया गया था और शà¥à¤¦à¥à¤§ किया गया था, फिर लाया गया था। शोकगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ पà¥à¤°à¥à¤· लाइन में खड़े थे। उनके बीच à¤à¥‡à¤‚ट से ढका à¤à¤• चटाई बिछा हà¥à¤† था। उनमें से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¤• छोटा काला मà¥à¤°à¥à¤—ा पकड़े हà¥à¤ था।
à¤à¤• महिला जो अंतिम संसà¥à¤•ार में अतिथि थीं उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि मà¥à¤°à¥à¤—िया आतà¥à¤®à¤¾ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• हैं और पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾à¤“ं के अंत में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤•à¥à¤¤ कर दिया जाà¤à¤—ा। वह अपनी सहेलियों के साथ खड़ी थी। सेहली ने कहा, मà¥à¤°à¥à¤—ियां कहीं à¤à¥€ जाने के लिठसà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° हैं। शरीर, या जो कà¥à¤› बचा है को दो बार पवितà¥à¤° रूप से धोया जाता है। महिलाà¤à¤‚ टोकरियों को पानी के शरीर पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ मंदिरों में ले जाती हैं। दो बार सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने के बाद, राख को अंततः जल में विसरà¥à¤œà¤¿à¤¤ कर दिया जाता है।
उलà¥à¤¨ डानॠबेरतन शिव मंदिर में दस महिलाओं के à¤à¤• समूह को देखा गया, जो बेरतन à¤à¥€à¤² पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। वे सà¥à¤‚दर सफेद लेस टॉप, कमर के चारों ओर बंधी पीली पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤ और उनके सà¥à¤¡à¥Œà¤² पैरों के चारों ओर कसकर लिपटी हà¥à¤ˆ साड़ी पहने हà¥à¤ समान रूप से तैयार थीं। उनके सिर पर à¤à¥‡à¤‚ट की à¤à¤• टोकरी थी, जो पंदà¥à¤°à¤¹ दिनों के अंत में उनके परिवार की वेदी का हिसà¥à¤¸à¤¾ बन जाà¤à¤—ी। मधà¥à¤¯ या मधà¥à¤¯à¤® खरà¥à¤š के अंतिम संसà¥à¤•ार में दस परिवार शामिल थे जो अंतिम संसà¥à¤•ार की लागत साà¤à¤¾ करने के लिठà¤à¤• साथ आठथे।
हिंदू धरà¥à¤® की सांसà¥à¤•ृतिक à¤à¤µà¥à¤¯à¤¤à¤¾ बाली को उसका अनूठा आकरà¥à¤·à¤£ देती है। 11 वीं शताबà¥à¤¦à¥€ के मंदिर, जो जल निकायों पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हैं, à¤à¤• आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• दृशà¥à¤¯ और अनà¥à¤à¤µ पेश करते हैं। ऊंचे विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ मंदिर दà¥à¤µà¤¾à¤° अपनी बांहें आकाश की ओर उठाते हैं, दिवà¥à¤¯ à¤à¤•ता की ओर पहà¥à¤‚चते हैं जहां आतà¥à¤®à¤¾ अनंत काल के लिठरहना चाहती है। दà¥à¤µà¤¾à¤° दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पर जाने के लिठà¤à¤• रासà¥à¤¤à¤¾ खोलते हैं। बाली परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ का मृतà¥à¤¯à¥ समारोहों का अनà¥à¤à¤µ 'लव बाली' दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 'सेव द डेट' के रूप में घोषित किया जाता है, जो बाली पà¥à¤°à¤¾à¤‚तीय सरकार का à¤à¤• उदà¥à¤¯à¤® है। जनà¥à¤®, विवाह और मृतà¥à¤¯à¥ का जशà¥à¤¨ हरà¥à¤· और उलà¥à¤²à¤¾à¤¸ से मनाया जाता है। लेकिन यह मृतà¥à¤¯à¥ में है कि बाली की आतà¥à¤®à¤¾ आननà¥à¤¦à¤¿à¤¤ होती है। और अंत में मà¥à¤•à¥à¤¤à¥¤
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