à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वीरांगना अहिलà¥à¤¯à¤¾à¤¬à¤¾à¤ˆ होलकर की शासन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ और दूरदरà¥à¤¶à¥€ निरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठपहचानी जाती हैं। वे à¤à¤¾à¤°à¤¤ के मालवा कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की रानी थीं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आदरà¥à¤¶ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤•ा, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤¯ शासिका और धरà¥à¤®à¤ªà¤°à¤¾à¤¯à¤£ लेडी के रूप में याद किया जाता है। पिछले महीने 31 मई को उनकी जयंती à¤à¤¾à¤°à¤¤ ही नहीं यूà¤à¤¸ में à¤à¥€ मनाई गई। बोसà¥à¤Ÿà¤¨ में फà¥à¤°à¥‡à¤‚डà¥à¤¸ ऑफ à¤à¤®à¤ªà¥€, गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² सिटीजन फोरम और कई पà¥à¤°à¤®à¥à¤– à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-हिंदू पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ संगठनों ने अहिलà¥à¤¯à¤¾à¤¬à¤¾à¤ˆ होलकर जयंती समारोह का आयोजन किया।
समारोह की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ सलिल माकोडे और संजीव सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ ने दीप पà¥à¤°à¤œà¥à¤œà¥à¤µà¤²à¤¿à¤¤ करके किया। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ फà¥à¤°à¥‡à¤‚डà¥à¤¸ ऑफ à¤à¤®à¤ªà¥€ के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• सदसà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ माकोडे ने की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मंच से अपने संबोधनमें इस बात पर जोर दिया कि रानी अहिलà¥à¤¯à¤¾à¤¬à¤¾à¤ˆ होलकर ना केवल मधà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤ की à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित शासक थीं, बलà¥à¤•ि महिला नेतृतà¥à¤µ के रूप में à¤à¤• मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤• थीं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह साबित करने दिखाया कि महिलाओं में आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ और कौशल की कमी नहीं होती।
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