à¤à¤—वान जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ रथ यातà¥à¤°à¤¾ की à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ही नहीं, ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ धूम रही। सिडनी में बड़े ही हरà¥à¤·à¥‹à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¸ के साथ जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ रथ यातà¥à¤°à¤¾ निकाली गई। पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अलावा कई देशों के लोगों ने à¤à¥€ इस अवसर पर जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ जी के रथ को खींचा।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सबसे बड़े धारà¥à¤®à¤¿à¤• तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ पà¥à¤°à¥€ रथ यातà¥à¤°à¤¾ महोतà¥à¤¸à¤µ आषाढ़ के महीने में आयोजित होता है। 'रथों के उतà¥à¤¸à¤µ' नाम से चरà¥à¤šà¤¿à¤¤ यह परà¥à¤µ हर साल खासे उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ मनाया जाता है।
इस बार सिडनी में 7 और 13 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ रथ यातà¥à¤°à¤¾ उतà¥à¤¸à¤µ की धूम रही। पहले 7 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को सिडनी से 166 किलोमीटर दूर इसà¥à¤•ॉन के नà¥à¤¯à¥‚ गोकà¥à¤² फारà¥à¤® में उतà¥à¤¸à¤µ मनाया गया। उसके बाद शनिवार 13 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को सिडनी लिवरपूल के बिगे पारà¥à¤• में रथ यातà¥à¤°à¤¾ निकाली गई।
इस अवसर पर à¤à¤—वान कृषà¥à¤£, बलराम और बहन सà¥à¤à¤¦à¥à¤°à¤¾ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤“ं को पूरे विधि-विधान के साथ पूजन-अरà¥à¤šà¤¨ करके रथ में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया गया। जय जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ और हर कृषà¥à¤£à¤¾ हरे रामा की गूंज के साथ à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ ने रथ को खींचा और कई जगहों पर घà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤
मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ जी के रथ को खींचने से सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ और पà¥à¤£à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं में à¤à¤—वान की सेवा करने की होड़ सी दिखी। कà¥à¤› लोग रथ खींचते दिखे तो कà¥à¤› à¤à¤•à¥à¤¤ रथ के आगे à¤à¤¾à¥œà¥‚ लगाते हà¥à¤ चल रहे थे।
इसà¥à¤•ॉन मंदिर की à¤à¤œà¤¨ मणà¥à¤¡à¤²à¥€ ने पà¥à¤°à¤à¥ के नाम का गà¥à¤£à¤—ान किया। पारमà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परिधानों में महिलाओं ने रथ के आगे नृतà¥à¤¯ किया। इस दृशà¥à¤¯ को देखकर à¤à¤¸à¤¾ आà¤à¤¾à¤¸ हà¥à¤† कि साकà¥à¤·à¤¾à¤¤ वृनà¥à¤¦à¤¾à¤µà¤¨ की गोपियां नाच रही हों। सिडनी में जमीं से लेकर आकाश तक कण-कण में à¤à¤—वान जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का आà¤à¤¾à¤¸ हो रहा था।
सिडनी में हजारों की तादाद में शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं ने à¤à¤—वान के दरà¥à¤¶à¤¨ किà¤à¥¤ à¤à¤—वान के अदà¥à¤à¥à¤¤ सà¥à¤µà¤°à¥‚प के दरà¥à¤¶à¤¨ करते हà¥à¤ à¤à¤•à¥à¤¤à¤—ण कà¤à¥€ शीश à¤à¥à¤•ाते तो कà¤à¥€ दंडवत पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® करते नजर आà¤à¥¤ बिगे पारà¥à¤• लिवरपूल में रथयातà¥à¤°à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से पहले सांसà¥à¤•ृतिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का आयोजन किया गया। इसके अंतरà¥à¤—त अलग-अलग डांस अकेडमी की नृतà¥à¤¯à¤¾à¤‚गनाओं ने पारमà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• नृतà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किà¤à¥¤
महोतà¥à¤¸à¤µ के दौरान नà¥à¤¯à¥‚ गोकà¥à¤² फारà¥à¤® में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठखास वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की गई थी। कई बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने कृषà¥à¤£, बलराम और सà¥à¤à¤¦à¥à¤°à¤¾ के सà¥à¤µà¤°à¥‚प धारण किà¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने à¤à¤—वान जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ के चितà¥à¤° को मनपसंद रगों से à¤à¥€ सजाया। गायन, वादन और नृतà¥à¤¯ के साथ à¤à¤¾à¤‚की निकाली गई।
कलांकन डांस अकादमी की अमृता पाल चौधरी ने कहा कि à¤à¤—वान जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ के रथ उतà¥à¤¸à¤µ का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनना हमेशा सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ की बात होती है। जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥ हमारे जीवन में हमेशा à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿ की तरह रहे हैं। मैं हर साल यहां पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ देने आती हूं। कई वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से यहां यातà¥à¤°à¤¾ का आयोजन हो रहा हैं। सबसे बड़ी बात कि अपनी मातृà¤à¥‚मि से दूर रहते हà¥à¤ à¤à¥€ हम à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति को अपने अंदर कायम रख रहे हैं।
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