à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मंदिर और सांसà¥à¤•ृतिक केंदà¥à¤°, फिलाडेलà¥à¤«à¤¿à¤¯à¤¾ राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ मंडल (PARAM) के साथ मिलकर 22 मारà¥à¤š को अपना 18वां सालाना गंगौर तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° मना रहा है। ये राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही खास और पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ परंपरा है, जिसे अमेरिका में रह रहे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठपेश किया जा रहा है।
हर साल मारà¥à¤š में राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में मनाया जाने वाला गंगौर तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°, देवी गौरी (मां पारà¥à¤µà¤¤à¥€) को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ है। यह उतà¥à¤¸à¤µ शादीशà¥à¤¦à¤¾ जिंदगी में खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤²à¥€ और तरकà¥à¤•ी की निशानी है। ये तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° औरतें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मनाती हैं। इसमें वà¥à¤°à¤¤ रखना, हाथों में मेहंदी लगवाना और गौरी और ईसरजी (à¤à¤—वान शिव) की खूबसूरती से सजी हà¥à¤ˆ मूरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की शोà¤à¤¾à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ निकालना शामिल है। शादीशà¥à¤¦à¤¾ औरतें अपने पतियों की सेहत और खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤²à¥€ के लिठदà¥à¤† करती हैं। कà¥à¤‚वारी लड़कियां à¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ जीवनसाथी के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करती हैं। राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के शहरों जैसे जयपà¥à¤°, उदयपà¥à¤° और जोधपà¥à¤° में इस मौके पर लोकगीत, जà¥à¤²à¥‚स और धारà¥à¤®à¤¿à¤• रसà¥à¤®à¥‡à¤‚ होती हैं। आखिर में गौरी की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ को पानी में विसरà¥à¤œà¤¿à¤¤ किया जाता है, जो à¤à¤—वान शिव से उनके मिलन का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है।
मोंटगोमरी टाउनशिप में होने वाले इस समारोह में अमेरिका के 10 राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से लोग और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° से खास मेहमान शामिल होंगे। इलाके के बचà¥à¤šà¥‡ राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की परंपराओं, खाने और à¤à¤¾à¤·à¤¾ पर मलà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® पेश करेंगे। इसके अलावा, लोग पारंपरिक लोक नृतà¥à¤¯ जैसे घूमर और कालबेलिया डांस का लà¥à¤¤à¥à¤« उठा सकेंगे। जशà¥à¤¨ का आखिर में राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ दावत होगी। इसमें दाल बाटी चूरमा, गटà¥à¤Ÿà¥‡ की सबà¥à¤œà¥€ और मोहनथाल जैसे पकवान होंगे।
इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ अधिकारी जैसे टानà¥à¤¯à¤¾ बैमफोरà¥à¤¡ (मोंटगोमरी टाउनशिप सà¥à¤ªà¤°à¤µà¤¾à¤‡à¤œà¤°), नील मखीजा (मोंटगोमरी टाउनशिप कमिशà¥à¤¨à¤°), बेथ सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¬ (बोरà¥à¤¡ ऑफ सà¥à¤ªà¤°à¤µà¤¾à¤‡à¤œà¤°à¥à¤¸) और à¤à¤°à¤¿à¤• पेलेटियर (मोंटगोमरी टाउनशिप ऑडिटर) à¤à¥€ शामिल होंगे। गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² à¤à¤²à¤¾à¤¯à¤‚स ऑफ राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ (GARC) के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ à¤à¥€ वहां मौजूद रहेंगे। इनमें पà¥à¤°à¥‡à¤® à¤à¤‚डारी (संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤•, GARC), रवि शरà¥à¤®à¤¾ (GARC, ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾) और विशाल मेहता (सह-संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤•, GARC) शामिल हैं।
PARAM के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® संयोजक डॉ. रवि मà¥à¤°à¤¾à¤°à¤•ा ने बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ में राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ संसà¥à¤•ृति को सहेजने और बढ़ावा देने में इस तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° की बहà¥à¤¤ ही अहमियत है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'गंगौर सिरà¥à¤« à¤à¤• धारà¥à¤®à¤¿à¤• तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° नहीं है, ये राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की सांसà¥à¤•ृतिक पहचान, इतिहास और परंपराओं का जशà¥à¤¨ है। इस तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° को अमेरिका लाकर हम समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को मजबूत करना और अपनी विरासत को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों तक पहà¥à¤‚चाना चाहते हैं।'
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