कनाडाई हाउस ऑफ कॉमनà¥à¤¸ ने देश में दिगà¥à¤—ज डॉकà¥à¤Ÿà¤° और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ मूल के पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤‚शी डॉ. गà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤µ सिंह गिल को à¤à¤¾à¤µà¤à¥€à¤¨à¥€ शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ की। डॉ. गिल गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ पंजाब में आंदोलनकारी à¤à¥€ थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कà¥à¤› अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के सहयोग से à¤à¤• महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¥€ गà¥à¤°à¤¾à¤® जीवन सà¥à¤§à¤¾à¤° कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® शà¥à¤°à¥‚ किया था, जिसे बाद में वीआईपी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के रूप में जाना जाने लगा। डॉ. गिल का इसी सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ निधन हो गया।
डॉ. गिल ने वीआईपी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ दोआब कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ अपने पैतृक गांव खरौदी से की थी। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के रूप में, गांव को à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• शहरी परिसर में बदल दिया गया। गांव के पौंड की सफाई की गयी। इसके सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर जल शोधन संयंतà¥à¤° सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया गया। गांव की सà¤à¥€ गलियों को कंकà¥à¤°à¥€à¤Ÿ से पकà¥à¤•ा किया गया। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• घर को पाइप से जलापूरà¥à¤¤à¤¿ और सीवर कनेकà¥à¤¶à¤¨ से जोड़ा गया। गांव में सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• कंपà¥à¤¯à¥‚टर लैब सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ की गई। उनके पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ का ही फल था कि खरौदी 20 साल से à¤à¥€ अधिक समय पहले सोलर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ लाइट लगाने वाला पहला गांव बना।
à¤à¤ªà¥€à¤œà¥‡ अबà¥à¤¦à¥à¤² कलाम à¤à¥€ कर चà¥à¤•े तारीफ
पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के à¤à¤• समूह दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठकारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होकर, à¤à¤¾à¤°à¤¤ के ततà¥à¤•ालीन राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डॉ. à¤à¤ªà¥€à¤œà¥‡ अबà¥à¤¦à¥à¤² कलाम ने खरौदी का दौरा किया और डॉ. गà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤µ गिल और उनके पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ की सराहना की थी।
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ पेशे से सेवानिवृतà¥à¤¤ होने के बाद, डॉ. गिल ने वेसà¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤‚सà¥à¤Ÿà¤°-बरà¥à¤¨à¤¾à¤¬à¥€ के बाद चंडीगढ़ को अपना दूसरा घर बनाया। वहां शà¥à¤°à¥‚ किठगठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ की निगरानी के लिठवह नियमित रूप से अपने पैतृक गांव, खरौदी का à¤à¥€ दौरा करते थे। खरौदी में वीआईपी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की सफलता के बाद, डॉ. गिल और उनकी टीम ने इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को सामानà¥à¤¯ रूप से पंजाब के कई अनà¥à¤¯ गांवों और विशेष रूप से दोआब कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में विसà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया।
कनाडाई सरकार ने दी शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि
नà¥à¤¯à¥‚ वेसà¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤‚सà¥à¤Ÿà¤°-बरà¥à¤¨à¤¾à¤¬à¥€ से à¤à¤¨à¤¡à¥€à¤ªà¥€ सांसद पीटर जूलियन ने डॉ. गिल की याद में हाउस ऑफ कॉमनà¥à¤¸ में शोक पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ पेश किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि उनका निधन à¤à¤¸à¥€ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ है, जिसे कà¤à¥€ पूरा नहीं किया जा सकता। “मैं डॉ गà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤µ सिंह गिल के उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय जीवन और कारà¥à¤¯ के लिठउनका आà¤à¤¾à¤°à¥€ हूं। मेरी संवेदनाà¤à¤‚ उनकी पतà¥à¤¨à¥€ जसिंदर, बेटी जैसà¥à¤®à¥€à¤¨, बेटे संजय और उनके परिवारों के साथ हैं।''
1949 में कनाडा चले गठथे गिल
डॉ. गिल 1949 में कनाडा चले गये थे और कà¥à¤› ही समय बाद उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यूबीसी चिकितà¥à¤¸à¤¾ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• पूरा किया। वह चिकितà¥à¤¸à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ करने वाले दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ मूल के पहले कनाडाई बने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ऑरà¥à¤¡à¤° ऑफ बी.सी. से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। पीटर जूलियन ने कहा, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोगों के लिठà¤à¤• रोल मॉडल थे, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बड़ों सà¤à¥€ को दिखाया कि जà¥à¤¨à¥‚न और दृढ़ संकलà¥à¤ª के साथ, वे कà¥à¤› à¤à¥€ हासिल कर सकते हैं।
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