नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वाणिजà¥à¤¯ दूतावास में बीते दिनों गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ और महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° दिवस की धूम रही। उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका के गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤à¥€ संघों को à¤à¤¾à¤°à¤¤ के महावाणिजà¥à¤¯ दूतावास के सहयोग से गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤-महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° दिवस के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित उतà¥à¤¸à¤µ की मेजबानी करने का अवसर मिला। à¤à¤µà¥à¤¯ उतà¥à¤¸à¤µ का आयोजन 1960 में दो राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के गठन का जशà¥à¤¨ मनाने के लिठपरंपरा के तहत किया गया। यह उतà¥à¤¸à¤µ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤ˆ विविधता के मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को बनाठरखने की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है।
शाम की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤ की महासचिव पà¥à¤°à¥€à¤¤à¤¿ पटेल के गरà¥à¤®à¤œà¥‹à¤¶à¥€ से सà¥à¤µà¤¾à¤—त के साथ हà¥à¤ˆà¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ और महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° के सांसà¥à¤•ृतिक परिदृशà¥à¤¯ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• अविसà¥à¤®à¤°à¤£à¥€à¤¯ यातà¥à¤°à¤¾ के लिठमंच तैयार किया। खà¥à¤¦ à¤à¤• गौरवानà¥à¤µà¤¿à¤¤ गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤à¥€ होने के नाते,उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• खूबसूरत गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤à¥€ कविता सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ जिसका à¤à¤¾à¤µ था....गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤ की à¤à¤• धड़कन है, यह à¤à¤• à¤à¤°à¤¨à¥‡ का नाम है और शांति और समृदà¥à¤§à¤¿ का परà¥à¤¯à¤¾à¤¯ है। इसी तरह पलà¥à¤²à¤µà¥€ कबाडी ने मराठी में लोगों को संबोधित किया। इससे दोनों राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की संसà¥à¤•ृतियों में तालमेल का बखूबी पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤†à¥¤
à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· डॉ. अविनाश गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ ने उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¥€ जनों को संबोधित किया और मेहमानों तथा पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‹à¤œà¤•ों का परिचय दिया। खà¥à¤¦ à¤à¤¾à¤°à¤–ंड से होने के नाते उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि कैसे यह कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® अपने आप में विविधता में à¤à¤•ता का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ है। जब शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ ने लोगों से पूछा केम छो.... तो उधर से आवाज आई मजा मा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अंकà¥à¤° वैदà¥à¤¯ को आमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया और मिलकर नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के महावाणिजà¥à¤¯ दूत बिनया à¤à¤¸ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ का सà¥à¤µà¤¾à¤—त-सतà¥à¤•ार किया। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ को पारंपरिक रूप से गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤-महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पहनी जाने वाली पगड़ी पहनाई गई। इस मौके पर पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ और उसके पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के परसà¥à¤ªà¤° संबंधों को रेखांकित किया।
शाम का मà¥à¤–à¥à¤¯ आकरà¥à¤·à¤£ मनमोहक पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ और विचारोतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• à¤à¤¾à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला थी जिसने दरà¥à¤¶à¤•ों को मà¥à¤—à¥à¤§ कर दिया। निरà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¿ सà¥à¤•ूल ऑफ डांस और डांसà¤à¤•à¥à¤¸à¤¸à¥à¤Ÿà¥‚डियो के मनमोहक नृतà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से लेकर कवि अंकित तà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€, डॉ. केनेथ à¤à¤•à¥à¤¸. रॉबिंस और डॉ. मैतà¥à¤°à¥€ सबनीस के जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤°à¥à¤§à¤• संबोधन ने समारोह को अविसà¥à¤®à¤°à¤£à¥€à¤¯ बना दिया।
उतà¥à¤¸à¤µ का आयोजन उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका के गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤à¥€ संघों, नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के महावाणिजà¥à¤¯ दूतावास और फेडरेशन ऑफ इंडियन à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤-à¤à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ-à¤à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ-सीटी-à¤à¤¨à¤ˆ, गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤à¥€ सहित उनके समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤—ीदारों के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ से संà¤à¤µ हà¥à¤† जिसमें उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका की साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• अकादमी (जीà¤à¤²à¤) और अलà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ ढोल ताशा पाठक की à¤à¥€ à¤à¤¾à¤—ीदारी रही।
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