नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के महावाणिजà¥à¤¯ दूतावास ने उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अमेरिकी मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ (IMNA) के साथ मिलकर à¤à¤• जीवंत और दिल को छू लेने वाला ईद समारोह आयोजित किया। समारोह में समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सदसà¥à¤¯, धारà¥à¤®à¤¿à¤• नेता, गणमानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ और निरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¿à¤¤ अधिकारी à¤à¤• छत के नीचे à¤à¤•जà¥à¤Ÿ हà¥à¤ और पवितà¥à¤° महीने रमजान का समापन किया।
शाम की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कारी हाफ़िज फैज़ान मोहमà¥à¤®à¤¦ खान दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पवितà¥à¤° कà¥à¤°à¤¾à¤¨ के à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पाठसे हà¥à¤ˆà¥¤ इसका अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ ज़ोहा फातिमा अहमद ने खूबसूरती से किया। इस आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ ने शाम के कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के लिठà¤à¤• शांतिपूरà¥à¤£ माहौल तैयार किया जो चिंतन, à¤à¤•ता और उतà¥à¤¸à¤µ के विषयों पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ था।
यà¥à¤µà¤¾ वकà¥à¤¤à¤¾ निमरा फातिमा ने अमेरिका में à¤à¤• मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® के रूप में बड़े होने और कैसे रमजान के महीने ने उनकी पहचान और उनकी सांसà¥à¤•ृतिक तथा धारà¥à¤®à¤¿à¤• विरासत के साथ संबंध को आकार दिया, इस पर à¤à¤• तहेदिल से विचार साà¤à¤¾ किये। फातिमा की टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया और अगली पीढ़ी को सशकà¥à¤¤ बनाने के महतà¥à¤µ को रेखांकित किया।
नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के महावाणिजà¥à¤¯à¤¦à¥‚त शà¥à¤°à¥€ बिनय पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ ने मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤£ दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अपने बचपन की ईद की यादों को पà¥à¤¯à¤¾à¤° से बयां किया और अपने देश में ईद की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बनाठरखने और मनाने के लिठपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की सराहना की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¤à¥€ मेहमानों और सहयोगियों, खासकर उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अमेरिकी मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚, अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· इलियास कà¥à¤°à¥ˆà¤¶à¥€ और सह-अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अहमद शाकिर को कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के आयोजन में उनके पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के लिठधनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया।
IMNA अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ इमà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ सियामवाला ने à¤à¥€ सà¤à¤¾ को संबोधित किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ के महतà¥à¤µ पर जोर दिया और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की सांसà¥à¤•ृतिक पहलों के लिठअपना समरà¥à¤¥à¤¨ दिया।
अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· इलियास कà¥à¤°à¥ˆà¤¶à¥€ ने à¤à¤• à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤·à¤£ दिया जिसमें समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहने, अपने परिवारों को à¤à¤¸à¥‡ समारोहों में लाने और यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के बीच समावेशिता और नेतृतà¥à¤µ को बढ़ावा देने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि आपने पहले मेरी बेटी निमरा फातिमा को सà¥à¤¨à¤¾à¥¤ जब उसने रमजान की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ का खूबसूरती से वरà¥à¤£à¤¨ किया। मà¥à¤à¥‡ उस पर और हमारे सà¤à¥€ यà¥à¤µà¤¾à¤“ं पर गरà¥à¤µ है जो सदà¥à¤à¤¾à¤µ और सामà¥à¤¹à¤¿à¤•ता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
शाम का समापन सà¥à¤®à¤¨ लसà¥à¤•र की à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ गजल पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ के साथ हà¥à¤†à¥¤ इसमें तबले पर अरिंदम चकà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ ने संगत की जिससे शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾à¤—ण मंतà¥à¤°à¤®à¥à¤—à¥à¤§ हो गठऔर उतà¥à¤¸à¤µ की रात में कावà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आकरà¥à¤·à¤£ जà¥à¤¡à¤¼ गया।
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