पिछले दिनों अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हिंदà¥à¤“ं के सामाजिक-सांसà¥à¤•ृतिक परà¥à¤µ गणगौर की धूम रही। अमेरिका के फिलाडेलà¥à¤«à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हिंदू मंदिर में खà¥à¤¶à¥€ के साथ यह पारंपरिक परà¥à¤µ मनाया गया। पिछले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 6 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को होने वाले उतà¥à¤¸à¤µ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रीति-रिवाजों में महिलाओं के साथ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¥€ बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤—ीदारी रही।
गणगौर à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिंदू तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° है जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से उतà¥à¤¤à¤°à¥€ और पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤, विशेषकर राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में महिलाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मनाया जाता है। महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° और करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• में चैतà¥à¤° गौरी वà¥à¤°à¤¤ और तेलंगाना व आंधà¥à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ गौरी वà¥à¤°à¤¤ के रूप में गणगौर जाना जाता है। गणगौर वसंत, फसल और वैवाहिक आनंद के आगमन का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समाज में यह जीवंत तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° गहरा सांसà¥à¤•ृतिक और धारà¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ रखता है। खासकर राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ महिलाओं के लिठजो वैवाहिक सदà¥à¤à¤¾à¤µ और समृदà¥à¤§à¤¿ के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• ईसरजी (à¤à¤—वान शिव) और मां गौरी (माता पारà¥à¤µà¤¤à¥€) की à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• पूजा करती हैं।
बीते 15 से अधिक वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हिंदू मंदिर में यह तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° नंद और शशि तोदी, डॉ. रवि और कà¥à¤¸à¥à¤® मà¥à¤°à¤¾à¤°à¤•ा, उमेश और वंदना तांबी और पंकज तथा शà¥à¤µà¥‡à¤¤à¤¾ अजमेरा जैसे समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के सहयोग से मनाया जा रहा है। इस वरà¥à¤· के उतà¥à¤¸à¤µ में तरंग सोनी (अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· ROAR, नà¥à¤¯à¥‚ जरà¥à¤¸à¥€), मà¥à¤•ेश मोदी (हॉलीवà¥à¤¡ और बॉलीवà¥à¤¡ फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾, लेखक और निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤•, नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤•), जीन सोरà¥à¤— (à¤à¤®à¥à¤¬à¤²à¤° टाउनशिप की मेयर), तानà¥à¤¯à¤¾ बामफोरà¥à¤¡ (मोंटोगोमेरी टाउनशिप परà¥à¤¯à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤•), शरद अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² (आईबीठके सचिव) SEVA यूà¤à¤¸à¤ के सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ गणमानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मौजूदगी रही। दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से पà¥à¤°à¥‡à¤® à¤à¤‚डारी (अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· RANA, नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤•) वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो सके।
परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£-चेतना पर जोर देते हà¥à¤ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ शिलà¥à¤ª कौशल का समरà¥à¤¥à¤¨ करते हà¥à¤ जोधपà¥à¤° के कारीगर पà¥à¤°à¤¹à¥à¤²à¤¾à¤¦ कà¥à¤®à¤¾à¤µà¤¤ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ तैयार की गई गौर और ईसर जी की अलंकृत लकड़ी की मूरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मंदिर में पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ किया गया था। उतà¥à¤¸à¤µ के दौरान विशाल मूरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की समृदà¥à¤§ सांसà¥à¤•ृतिक विरासत का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ कर रही थीं। उतà¥à¤¸à¤µ के दौरान और परà¥à¤µ की परंपराओं के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• यातà¥à¤°à¤¾ निकाली गई जिसमें महिलाओं के साथ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ à¤à¤¾à¤— लिया। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने कई सांसà¥à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ दीं।
इस वरà¥à¤· का गणगौर राजà¥à¤¯ के गठन के 75वें वरà¥à¤· के उपलकà¥à¤·à¥à¤¯ में राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ दिवस के उतà¥à¤¸à¤µ के साथ मेल खाता है। इस लिहाज से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के इतिहास, खान-पान, सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ और नायकों पर गहन शोध पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया जिससे विरासत के बारे में समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की समठसमृदà¥à¤§ हà¥à¤ˆà¥¤
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