à¤à¤• à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• घटना में, 500 साल के संघरà¥à¤· के बाद अयोधà¥à¤¯à¤¾ में रामलला की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा समारोह में संपनà¥à¤¨ हà¥à¤ˆà¥¤ इसका नेतृतà¥à¤µ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी और उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ योगी ने किया। यह à¤à¤• बड़ा आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® था जो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में मनाया गया। इस महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ घटना का विशà¥à¤µ à¤à¤° में सनातन समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के अंदर गहरी गूंज आज à¤à¥€ कायम है। इसमें मेटà¥à¤°à¥‹ हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ में मंदिरों का जीवंत नेटवरà¥à¤• à¤à¥€ शामिल है।
हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ का सनातन समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ दिवाली समारोह मना रहा है। यह अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर के à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा के बाद पहली दिवाली है। अरà¥à¤£ मà¥à¤‚दà¥à¤°à¤¾, हà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤Ÿà¤¨ सनातन टीम और VHPA (विशà¥à¤µ हिंदू परिषद) ने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ मंदिरों को समारोहों में शामिल होने के लिठनà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¾ दिया है। संसà¥à¤•ृति और परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ मंतà¥à¤°à¥€ गजेंदà¥à¤° सिंह शेखावत इस अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ दशहरा दिवाली कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को संबोधित करने वाले हैं।
यह अगसà¥à¤¤ में सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‚ ऑफ यूनियन (SOU) में 90 फीट की अà¤à¤¯ हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा की याद दिलाता है। पà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मंदिरों का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करने के लिठà¤à¤• रथयातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ निकाली गई थी, जिससे सनातन समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤•ता को बढ़ावा मिला।
ये समारोह 19 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर से शà¥à¤°à¥‚ हो चà¥à¤•ा है और 3 नवंबर तक चलेंगे। इसमें पारंपरिक नृतà¥à¤¯, फ़ूड फेयर, आतिशबाजी और सांसà¥à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ शामिल हैं। इन कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ आकरà¥à¤·à¤£ आयोधà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रामलला की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ की तरह ही à¤à¤• जीवंत रामलला की मूरà¥à¤¤à¤¿ है, जो शà¥à¤°à¥€ सीताराम फाउंडेशन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लाया गया है। ISKCON, BAPS, शà¥à¤°à¥€ मीनाकà¥à¤·à¥€ मंदिर और कई अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® हो रहे हैं। इनमें दिवाली मेला, रावण दहन और राम लीला शामिल है।
हैरिस और फोरà¥à¤Ÿ बेंड काउंटियों ने आतिशबाजी की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ दे दी है, जिससे तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ का महौल और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जीवंत हो गया है। ये समारोह 2 नवंबर को अनà¥à¤¨à¤•ूट के साथ समापà¥à¤¤ होंगे।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login