इस वरà¥à¤· टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ-सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में इंडियन कà¥à¤°à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¯à¤¨ डे (ICD 2025) रविवार, 29 जून को शाम 4 बजे सेंट विंसेंट डेपॉल सिरो-मलंकरा कैथेडà¥à¤°à¤² (1500 डी पॉल सेंट, à¤à¤²à¤®à¥‹à¤‚ट, à¤à¤¨.वाई. 11003) में मनाया जाà¤à¤—ा।
इंडियन कà¥à¤°à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¯à¤¨ डे को यीशॠà¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ दिवस के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ दिन है जिसे हम à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अपने पà¥à¤°à¤à¥ ईसा मसीह के पà¥à¤°à¥‡à¤® और संदेश का जशà¥à¤¨ मनाने के लिठयाद रखते रखते हैं। यह दिन हमारे देश और उससे आगे के विकास और पà¥à¤°à¤—ति में ईसा के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान के लिठà¤à¤• शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि के रूप में à¤à¥€ कारà¥à¤¯ करता है।
यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ उतà¥à¤¸à¤µ है जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ईसाई धरà¥à¤® की समृदà¥à¤§ विरासत का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करता है। à¤à¤• परंपरा जो 52 ईसà¥à¤µà¥€ में थॉमस द à¤à¤ªà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤² के आगमन से शà¥à¤°à¥‚ होती है।
इस आयोजन के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤•ों ने मूल रूप से 3 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को चà¥à¤¨à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसे पारंपरिक रूप से सेंट थॉमस दिवस के रूप में मनाया जाता है। यानी वह दिन जब थॉमस द à¤à¤ªà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤² का जशà¥à¤¨ मनाया जाता है, जो 52 ईसà¥à¤µà¥€ में ईसा मसीह के सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° को à¤à¤¾à¤°à¤¤ लेकर आठथे।
à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• रूप से यह माना जाता है कि सेंट थॉमस 72 ई. में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के तमिलनाडॠराजà¥à¤¯ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ चेनà¥à¤¨à¤ˆ के पास शहीद हà¥à¤ थे। यह समृदà¥à¤§ इतिहास हमारी साà¤à¤¾ विरासत का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ है।
और जैसा कि नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के मà¥à¤–à¥à¤¯ समनà¥à¤µà¤¯à¤• शà¥à¤°à¥€ वरà¥à¤—ीस अबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤® ने कहा कि यीशॠके अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ के रूप में हम à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सांसà¥à¤•ृतिक विरासत के à¤à¥€à¤¤à¤° अपनी पहचान को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख सकते हैं और साथ ही उन सà¤à¥€ लोगों के साथ à¤à¤•जà¥à¤Ÿ हो सकते हैं जो इसे मनाना चाहते हैं। चाहे उनकी à¤à¤¾à¤·à¤¾, रीति-रिवाज, पंथ, कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° या धरà¥à¤® कà¥à¤› à¤à¥€ हो।
पिछले वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में इस उतà¥à¤¸à¤µ में पूरे à¤à¤¾à¤°à¤¤ के ईसाई शामिल हà¥à¤ थे और गीतों और पूजा के माधà¥à¤¯à¤® से ईसाइयों की विविधता का जशà¥à¤¨ मनाया था। आयोजक सà¤à¥€ को, चाहे वे किसी à¤à¥€ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ के हों, इस à¤à¤µà¥à¤¯ उतà¥à¤¸à¤µ में शामिल होने के लिठहारà¥à¤¦à¤¿à¤• निमंतà¥à¤°à¤£ देते हैं। यह खà¥à¤²à¤¾ निमंतà¥à¤°à¤£ इस आयोजन की समावेशिता और सà¥à¤µà¥€à¤•ृति की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login