ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ के नà¥à¤¯à¥‚ साउथ वेलà¥à¤¸ में रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवी समूह सिडनी हिंदू à¤à¤‚ड इंडियंस वॉलंटियरà¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ (SHIVA) ने 28 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे बड़े सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ और पà¥à¤°à¤•ृति देखà¤à¤¾à¤² कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ वृकà¥à¤· दिवस को मनाने के लिठवृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में à¤à¤¾à¤— लिया।
हर साल कई ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ में बदलाव लाने के लिठवृकà¥à¤· दिवस पर परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ गतिविधियों में सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवा करते हैं। बà¥à¤²à¥ˆà¤•टाउन सिटी काउंसिल दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वाइट रिजरà¥à¤µ, à¤à¤•ेशिया गारà¥à¤¡à¤¨à¥à¤¸ में आयोजित इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के दौरान SHIVA के सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों ने à¤à¤• टिकाऊ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठकई पौधे लगाà¤à¥¤
SHIVA की जलवायॠऔर सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– टी निवेदिता सिंह ने नà¥à¤¯à¥‚ इंडियन अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ को इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के महतà¥à¤µ पर टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ करते हà¥à¤ कहा, 'शिवा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवा कर रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियां पà¥à¤°à¤•ृति का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करने और उसकी रकà¥à¤·à¤¾ करने के सनातन धरà¥à¤® के मूल मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼ सकें। यह à¤à¤• हरा-à¤à¤°à¤¾, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ बनाने के लिठसमà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को à¤à¤• साथ लाना है।'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे कहा, 'यह कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संरकà¥à¤·à¤£ और सामूहिक जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ के महतà¥à¤µ के बारे में समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ और पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने का अवसर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। हमारा मानना है कि इस तरह का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¤• लहर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पैदा कर सकती हैं, जो अधिक लोगों को हमारे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक संसाधनों को संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करती हैं।'
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ वृकà¥à¤· दिवस लोगों से धरती के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ होने का आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ करने के लिठमनाया जाता है। इस आयोजन का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ के महतà¥à¤µ के बारे में जागरूकता पैदा करना और यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना है कि हम पà¥à¤°à¤•ृति को बचाने के लिठअपना सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ जितना हरा-à¤à¤°à¤¾ होगा, हम उतने ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होंगे। इस अवसर पर बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ से à¤à¤¾à¤— लेते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने कई पौधे लगाठजो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में अनगिनत जानवरों के लिठघर बनेंगे।
आज जलवायॠसंकट वैशà¥à¤µà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठà¤à¤• गंà¤à¥€à¤° खतरा है। अपने पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सामूहिक कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ की शकà¥à¤¤à¤¿ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह समà¤à¤¨à¥‡ के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करती है कि उनका योगदान, चाहे वह कितना à¤à¥€ छोटा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो, मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ है और अविशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ बदलाव ला सकता है।
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