à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रिजरà¥à¤µ बैंक (RBI) के à¤à¥à¤—तान संतà¥à¤²à¤¨ के नवीनतम आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 2025 की पहली छमाही में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ को रिकॉरà¥à¤¡ 135.46 बिलियन डॉलर à¤à¥‡à¤œà¥‡à¥¤ इकोनॉमिक टाइमà¥à¤¸ की रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह आंकड़ा पिछले वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 14 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की वृदà¥à¤§à¤¿ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है, जो देश दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आवक पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ का उचà¥à¤šà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤° है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ लगातार à¤à¤• दशक से अधिक समय से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ का शीरà¥à¤· पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤•रà¥à¤¤à¤¾ रहा है। 2016-17 के बाद से यह पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ दोगà¥à¤¨à¤¾ से अधिक हो गया है, जब यह आंकड़ा 61 बिलियन डॉलर था।
RBI के आंकड़ों से पता चलता है कि 'निजी हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण' के तहत सूचीबदà¥à¤§ पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ ने सकल चालू खाता पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक का योगदान दिया, जो 31 मारà¥à¤š को समापà¥à¤¤ होने वाले वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ वरà¥à¤· के दौरान कà¥à¤² 1 टà¥à¤°à¤¿à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ डॉलर था।
IDFC First बैंक की मà¥à¤–à¥à¤¯ अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¥€ गौरा सेनगà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ ने इकोनॉमिक टाइमà¥à¤¸ को बताया कि कचà¥à¤šà¥‡ तेल की कीमतों में कमजोरी के बावजूद धन पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ में मजबूत वृदà¥à¤§à¤¿ जारी रही है।
यह अमेरिका, बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ और सिंगापà¥à¤° जैसे विकसित बाजारों में जाने वाले कà¥à¤¶à¤² शà¥à¤°à¤® बल की बढ़ती हिसà¥à¤¸à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ का परिणाम है। RBI के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इन तीन देशों की कà¥à¤² धन पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ में 45 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है। इस बीच, GCC देशों की हिसà¥à¤¸à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ कम हो रही है।
इकॉनॉमिक टाइमà¥à¤¸ ने à¤à¤• रेमिटेंस सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ पर आधारित RBI सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« रिपोरà¥à¤Ÿ का हवाला देते हà¥à¤ बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ की रेमिटेंस पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आम तौर पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सकल आवक विदेशी पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· निवेश (FDI) पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ से अधिक रही हैं, इस पà¥à¤°à¤•ार बाहरी वितà¥à¤¤à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤° सà¥à¤°à¥‹à¤¤ के रूप में उनका महतà¥à¤µ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ होता है।
ये आवक à¤à¤¾à¤°à¤¤ के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° घाटे के वितà¥à¤¤à¤ªà¥‹à¤·à¤£ में à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· 24 में, सकल आवक रेमिटेंस देश के 287 बिलियन डॉलर के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° घाटे के 47 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ के बराबर था।
रिपोरà¥à¤Ÿ में दिठगठविशà¥à¤µ बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ सबसे आगे रहेगा, उसके बाद 68 बिलियन डॉलर के साथ मैकà¥à¤¸à¤¿à¤•ो और 48 बिलियन डॉलर के साथ चीन का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है।
मारà¥à¤š 2025 के मासिक बà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¨ में पà¥à¤°à¤•ाशित RBI के à¤à¤• परà¥à¤šà¥‡ में बताया गया है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आने वाले अधिकांश पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ विदेश में रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण हैं, जिसमें गैर-निवासी जमा खातों से निकासी à¤à¥€ शामिल है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login