उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका में जैन समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सबसे बड़े संगठन फेडरेशन ऑफ जैन à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ इन नॉरà¥à¤¥ अमेरिका (JAINA) के साल 2025 के Convention की तारीखों का à¤à¤²à¤¾à¤¨ हो गया है। यह आयोजन 3 से 6 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ तक शिकागो, इलिनॉय के शॉमà¥à¤¬à¤°à¥à¤— में होगा।
इस साल आयोजन की थीम यूनिटी इन डायवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ : ठपाथ टॠपीस है जो विविधता में à¤à¤•ता और शांति का संदेश देती है। ये कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® जैन सोसायटी ऑफ मेटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‹à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¨ शिकागो (JSMC) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका की 72 जैन संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करने वाली संसà¥à¤¥à¤¾ जैना के पहले वाइस पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और कनà¥à¤µà¥‡à¤¶à¤¨ के कनà¥à¤µà¥€à¤¨à¤° अतà¥à¤² शाह ने बताया कि समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में 5000 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों के शामिल होने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है। सह संयोजक विपà¥à¤² शाह और जिगà¥à¤¨à¥‡à¤¶ जैन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, रजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ होते ही 4500 से करीब लोगों ने पंजीकरण करा लिया है।
चार दिवसीय समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में धारà¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨à¥‹à¤‚, इंटरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ वरà¥à¤•शॉप और मोटिवेशनल सà¥à¤ªà¥€à¤•रà¥à¤¸ के संबोधनों के अलावा सांसà¥à¤•ृतिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® à¤à¥€ होंगे। इस दौरान फोरà¥à¤¸ मोटरà¥à¤¸ व जय हिंद इंडसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤œ के चेयरमैन अà¤à¤¯ फिरोदिया, अकà¥à¤·à¤°à¤§à¤¾à¤® के डॉ. जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤¤à¥à¤¸à¤² सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की पहली आरà¥à¤®à¤²à¥‡à¤¸ पायलट जेसिका कॉकà¥à¤¸ और सागर सेठजैसी हसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शामिल होंगी।
इनके अलावा अहिंसा विशà¥à¤µ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ के डॉ. लोकेश मà¥à¤¨à¤¿, राजकोट सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ पीस ऑफ माइंड फाउंडेशन की शà¥à¤°à¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾, बेलूर करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• के डॉ. देवेंदà¥à¤° कीरà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ और वीरायतन की साधà¥à¤µà¥€ शिलापी व संघमितà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ दरà¥à¤œ कराà¤à¤‚गे। समणी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾, पà¥à¤£à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾, आरà¥à¤œà¤µ पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾ और समणी सà¥à¤µà¤¾à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾ à¤à¥€ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में विशेष रूप से शामिल होंगी।
समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ के दौरान विशेष पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ का à¤à¥€ आयोजन किया जाà¤à¤—ा, जहां जैन धरà¥à¤® के साहितà¥à¤¯, कला और विरासत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ किया जाà¤à¤—ा। à¤à¤• मारà¥à¤•ेटपà¥à¤²à¥‡à¤¸ à¤à¥€ होगा जहां जैन जीवनशैली से संबंधित वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ होंगी।
समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में जैन मैटà¥à¤°à¤¿à¤®à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤² गतिविधियां à¤à¥€ आयोजित की जाà¤à¤‚गी जिससे यà¥à¤µà¤¾ आपस में जà¥à¤¡à¤¼ सकें और संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जीवनसाथियों से मà¥à¤²à¤¾à¤•ात कर सकें।
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