वाशिंगटन मेटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¨ à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जैन सोसाइटी (JSMW) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वाशिंगटन डीसी में नठजैन मंदिर की पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा समारोह 31 मई और 1 जून को आयोजित किया जाà¤à¤—ा। समारोह बेलà¥à¤Ÿà¥à¤¸à¤µà¤¿à¤²à¥‡, मैरीलैंड में होगा।
डीसी, मैरीलैंड और उतà¥à¤¤à¤°à¥€ वरà¥à¤œà¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के जैन समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अवसर है। इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ 2010 में शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ˆ थी। JSMW के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· विशाल मेहता ने कहा कि यह मंदिर जैन धरà¥à¤® के सà¤à¥€ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ शà¥à¤µà¥‡à¤¤à¤¾à¤‚बर, दिगंबर और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤•वासी को à¤à¤•ता के सूतà¥à¤° में जोड़ने के लिठडिज़ाइन किया गया है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि मंदिर में शà¥à¤µà¥‡à¤¤à¤¾à¤‚बर संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ के लिठशà¥à¤°à¥€ संकेशà¥à¤µà¤° पारà¥à¤¶à¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ à¤à¤—वान और दिगंबर संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ के लिठशà¥à¤°à¥€ आदिनाथ à¤à¤—वान की मूरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ की गई हैं। इसके अलावा सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤•वासी संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ की मूरà¥à¤¤à¤¿ पूजा की परंपरा का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करते हà¥à¤ समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ सà¥à¤¥à¤² à¤à¥€ बनाया गया है।
JSMW के पबà¥à¤²à¤¿à¤• रिलेशंस डायरेकà¥à¤Ÿà¤° राहà¥à¤² जैन ने बताया कि à¤à¤µà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा उतà¥à¤¸à¤µ 23 मई को उतà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ और वरà¥à¤˜à¥‹à¤¡à¥‹ समारोह के साथ शà¥à¤°à¥‚ होगा। उसके बाद 24 मई से 30 मई तक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा से पूरà¥à¤µ के अनà¥à¤·à¥à¤ ान होंगे। समारोह का समापन 31 मई और 1 जून को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा महोतà¥à¤¸à¤µ के साथ होगा।
JSMW बोरà¥à¤¡ ऑफ टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤œ की चेयरपरà¥à¤¸à¤¨ डॉ. गीता शाह ने मंदिर के महतà¥à¤µ को रेखांकित करते हà¥à¤ कहा कि यह मंदिर हमारे समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की à¤à¤•ता à¤à¤µà¤‚ समरà¥à¤ªà¤£ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है। यह जैन धरà¥à¤® के मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ - दया, शांति और समावेशिता को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। यह आगामी पीढ़ियों के लिठà¤à¥€ à¤à¤• आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤² साबित होगा।
मंदिर से JSMW के पाठशाला कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को à¤à¥€ संचालित किया जाà¤à¤—ा, जो यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में जैन सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ाà¤à¤—ा। शिकà¥à¤·à¤¾ निदेशक मोनिका शाह ने कहा कि यहां बचà¥à¤šà¥‡ अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिगà¥à¤°à¤¹ जैसे जैन मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने जीवन में शामिल करना सीखेंगे।
JSMW के उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· संदीप मेहता ने कहा कि हम पूरे समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को इस अनूठे उतà¥à¤¸à¤µ में शामिल होने और इस आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• यातà¥à¤°à¤¾ का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनने के लिठआमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। आगामी दिनों में विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®, पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ और सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवा सहित के बारे में जानकारी साà¤à¤¾ की जाà¤à¤—ी।
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