दूरसà¥à¤¥ लैटिन अमेरिकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं के साथ अमेरिकी कंपनियों को जोड़ने वाले मंच NEAR के सह-संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• और सीओओ फà¥à¤°à¥‡à¤‚को पेरेरा ने वेतन असमानताओं पर अपने विचारों को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। लिंकà¥à¤¡à¤‡à¤¨ पोसà¥à¤Ÿ में, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दावा किया कि अरà¥à¤œà¥‡à¤‚टीना, à¤à¤¾à¤°à¤¤ और फिलीपींस में शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों के लिठइन देशों में रहने की कम लागत अमेरिकियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम कमाई करना उचित है।
पेरेरा ने यह à¤à¥€ कहा कि उनका दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण कà¥à¤› लोगों को परेशान कर सकता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, "बहà¥à¤¤ से लोग परेशान हो जाते हैं कि लैटिन अमेरिका, à¤à¤¾à¤°à¤¤ और फिलीपींस में शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों का शोषण किया जा रहा है। हां, निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से à¤à¤¸à¥€ कंपनियां हैं जो वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ का शोषण करती हैं। लेकिन कम à¤à¥à¤—तान करती हैं, इसलिठविदेश में काम करना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से गलत नहीं है।"
वैशà¥à¤µà¤¿à¤• वेतन असमानता पर इस पोसà¥à¤Ÿ ने इंटरनेट पर चरà¥à¤šà¤¾ तेज कर दी है। कई कंपनियां अधिक समावेशी कारà¥à¤¯ संसà¥à¤•ृतियों पर जोर दे रही हैं। कà¥à¤› लोगों का तरà¥à¤• है कि लैटिन अमेरिका, à¤à¤¾à¤°à¤¤ और फिलीपींस जैसे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ सहित विकासशील देशों के शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों का कम वेतन के लिठशोषण किया जा रहा है।
कई कंपनियां लागत में कटौती करने के लिठइन देशों से शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों को बà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥€ है और उनका शोषण करती हैं। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों को अमीर देशों में उनके समककà¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ कम à¤à¥à¤—तान करती हैं।
सोशल मीडिया पर परेरा की इस पोसà¥à¤Ÿ से कई लोग असहमत दिखे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इतने गंà¤à¥€à¤° मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर उनकी टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आलोचना की है। सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया है कि काम करने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और जीवनयापन की लागत जैसे कारकों पर à¤à¥€ विचार किया जाना चाहिà¤à¥¤ पेरेरा के लिंकà¥à¤¡à¤‡à¤¨ पोसà¥à¤Ÿ पर à¤à¤• ने वेतन असमानताओं पर उनके विचारों को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दी। उनका तरà¥à¤• है कि कम à¤à¥à¤—तान नहीं किया जाना चाहिà¤, इसकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ अमेरिकी सहयोगियों को ससà¥à¤¤à¤¾ उपहार à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ की अनà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ से की जाती है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login