मॉनà¥à¤Ÿà¤—ोमरी काउंटी मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® फाउंडेशन (MCMF) ने 31 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को दिवाली का तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° मनाया। इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का आयोजन रजिया अहमद ने किया था। लगà¤à¤— 25 समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोग दिवाली के सांसà¥à¤•ृतिक और धारà¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठजमा हà¥à¤à¥¤ यह MCMF की तरफ से लोगों को à¤à¤• साथ लाने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ का à¤à¤• और कदम था। शशि शरà¥à¤®à¤¾, जो बहà¥à¤¤ लंबे समय से इस समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ हैं, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दिवाली की हिंदू जड़ों के बारे में बताया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने रामायण में à¤à¤—वान राम की यातà¥à¤°à¤¾ की कहानी का जिकà¥à¤° किया।
मंजीत गिल, समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के à¤à¤• और सदसà¥à¤¯ ने दिवाली के सिख परंपरा में महतà¥à¤µ के बारे में बताया। गà¥à¤°à¥ हरगोबिंद जी की जेल से रिहाई का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ बताया कि इस साल की दिवाली 1984 के सिख दंगों की 40वीं वरà¥à¤·à¤—ांठहै। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के अनà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में दिवाली का तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° कैसे अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। जैसे बंगाल में काली की पूजा और बौदà¥à¤§ और जैन समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ में जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‹à¤¦à¤¯ का जशà¥à¤¨à¥¤
MCMF 2008 से काम कर रहा है। सà¥à¤µà¤°à¥à¤—ीय तà¥à¤«à¥ˆà¤² अहमद और इस समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोगों ने à¤à¥‚ख और नफरत से मà¥à¤•à¥à¤¤ समाज को बढ़ावा देने के लिठइस संगठन की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की थी। MCMF खानपान और आवास से वंचित लोगों को मदद करता है और छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ देता है। वे हर किसी का सà¥à¤µà¤¾à¤—त करते हैं, चाहे उनका धरà¥à¤® या पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि कà¥à¤› à¤à¥€ हो। समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के दान, मैरीलैंड और मॉनà¥à¤Ÿà¤—ोमरी काउंटी पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के समरà¥à¤¥à¤¨ से, MCMF का लकà¥à¤·à¥à¤¯ करà¥à¤£à¤¾ और सेवा है।
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