अमेरिका के नà¥à¤¯à¥‚ यॉरà¥à¤• सिटी में à¤à¤• सड़क का नाम आधिकारिक तौर पर 'शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ रविदास मारà¥à¤—' रखा गया है। नामकरण का यह समारोह 15 सितंबर को वà¥à¤¡à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ में शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ रविदास मंदिर के बाहर आयोजित किया गया था। यह संत गà¥à¤°à¥ रविदास को मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ देने वाला à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® है। गà¥à¤°à¥ रविवाद 14वीं शताबà¥à¤¦à¥€ के संत और सामाजिक सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤• थे, जो समानता और सामाजिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के उपदेशों के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ हैं।
नà¥à¤¯à¥‚ यॉरà¥à¤• सिटी काउंसिल मेंबर शेखर कृषà¥à¤£à¤¨ डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤Ÿ 25 का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करते हैं। इसमें जैकà¥à¤¸à¤¨ हाइटà¥à¤¸, à¤à¤²à¥à¤®à¤¹à¤°à¥à¤¸à¥à¤Ÿ, और वà¥à¤¡à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ शामिल हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने नाम बदलने के महतà¥à¤µ को उजागर किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'गà¥à¤°à¥ रविदास के नाम पर à¤à¤• सड़क का नाम रखना मेरे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ किठजाने वाले समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठबहà¥à¤¤ ही à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• है।'
नà¥à¤¯à¥‚ यॉरà¥à¤• सिटी काउंसिल में चà¥à¤¨à¥‡ जाने वाले पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी शेखर कृषà¥à¤£à¤¨ ने सड़क के नाम बदलने के महतà¥à¤µ पर जोर देते हà¥à¤ कहा कि यह शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ रविदास मंदिर के पास है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'à¤à¤• सड़क का नाम गà¥à¤°à¥ रविदास के नाम पर रखना मेरे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ किठजाने वाले समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठबहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यह à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ याद दिलाता है कि NYC में सà¤à¥€ लोगों को मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾, समारोह और गरिमा मिलनी चाहिà¤, चाहे उनका धरà¥à¤® या जाति कà¥à¤› à¤à¥€ हो।'
1987 में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ रविदास मंदिर सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लिठà¤à¤• केंदà¥à¤° बिंदॠरहा है। शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ रविदास विशà¥à¤µ महापीठके राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ महासचिव बलबीर राम रतन ने वैशà¥à¤µà¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से इस घटना के महतà¥à¤µ को नोट किया। रतन ने बताया, 'अमेरिका में à¤à¤• सड़क का नाम गà¥à¤°à¥ रविदास के नाम पर रखे देखकर मà¥à¤à¥‡ बहà¥à¤¤ गरà¥à¤µ हो रहा है।'
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'यह समà¥à¤®à¤¾à¤¨ न केवल गà¥à¤°à¥ रविदास के लिठहै, बलà¥à¤•ि उनके अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठà¤à¥€ है, जहां उनका जनà¥à¤® हà¥à¤† था। गà¥à¤°à¥ रविदास के उपदेशों का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ सामाजिक सà¥à¤§à¤¾à¤° और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ था। यह नामकरण उनकी सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ विरासत को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है।' रतन ने गà¥à¤°à¥ रविदास के संदेश के दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पर जोर दिया।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि गà¥à¤°à¥ रविदास के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ देशों में मंदिर और सà¥à¤•ूल सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किठहैं। नà¥à¤¯à¥‚ यॉरà¥à¤• सिटी में यह मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ गà¥à¤°à¥ रविदास के उपदेशों की वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पहà¥à¤‚च और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ पर उनके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को रेखांकित करती है। यह समारोह नà¥à¤¯à¥‚ यॉरà¥à¤• के शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ रविदास सà¤à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आयोजित किया गया था, जिसे बेगमपà¥à¤°à¤¾ सांसà¥à¤•ृतिक समाज का अतिरिकà¥à¤¤ समरà¥à¤¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ था।
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