ऑकà¥à¤¸à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¡ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के वोलà¥à¤«à¤¸à¤¨ कॉलेज ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की डॉ. जसकिरण कौर à¤à¥‹à¤—ल को अपनी नई गà¥à¤°à¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤• सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤ªà¥‡à¤‚डरी रिसरà¥à¤š फेलोशिप पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया है।
लंदन सà¥à¤•ूल ऑफ इकोनॉमिकà¥à¤¸ से मानव विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में à¤à¤®à¤à¤¸à¤¸à¥€ और पीà¤à¤šà¤¡à¥€ कर चà¥à¤•ीं डॉ. à¤à¥‹à¤—ल की यह फेलोशिप अगले साल फरवरी में शà¥à¤°à¥‚ होगी। इसे बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में रहने वाले पंजाबी सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सहयोग से चलाठगठधन फंडरेजिंग कैंपेन के जरिठसंà¤à¤µ बनाया गया है।
वोलà¥à¤«à¤¸à¤¨ कॉलेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी बयान के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, इस फेलोशिप के तहत डॉ. à¤à¥‹à¤—ल सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की विरासत संरकà¥à¤·à¤£ परंपरा के शोध पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करेंगी। उनका पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ इस पर शोध करेगा कि बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में रहने वाले सिख परिवार अपने यहां बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤®, पालन-पोषण और होममेकिंग के दौरान आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ सांसà¥à¤•ृतिक विरासत को किस तरह आगे बढ़ा रहे हैं।
गà¥à¤°à¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤• साहिब की परंपराओं और शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ डॉ à¤à¥‹à¤—ल के शोध का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ इस तथà¥à¤¯ को रेखांकित करना है कि सिख परिवार अपने घरों और रोजमरà¥à¤°à¤¾ की जिंदगी में किस तरह सिख परंपराओं को अपनाते हैं।
इस अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से यह जानने को मिलेगा कि पंजाब की सांसà¥à¤•ृतिक à¤à¤µà¤‚ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विरासत को बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ किस तरह अà¤à¥€ à¤à¥€ अपनाठहà¥à¤ हैं और अपनी अगली पीढ़ियों में कैसे पहà¥à¤‚चाकर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख रहे हैं।
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