सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के नेतृतà¥à¤µ वाली à¤à¤• गैर-लाà¤à¤•ारी संसà¥à¤¥à¤¾ लेटà¥à¤¸ शेयर ठमील (LSM)) ने इस वरà¥à¤· अमेरिका के पांच राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ (नà¥à¤¯à¥‚ जरà¥à¤¸à¥€, नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤•, पेंसिलà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, मैसाचà¥à¤¸à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ और कनेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ट) में 80 सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर 10,000 से अधिक शाकाहारी à¤à¥‹à¤œà¤¨ तैयार और वितरित करके थैंकà¥à¤¸à¤—िविंग दिवस मनाया।
इस पहल का समरà¥à¤¥à¤¨ करने के लिठ700 से अधिक सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक à¤à¤• साथ आठऔर मà¥à¤«à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को बेघर लोगों तथा वरिषà¥à¤ आवासों तक पहà¥à¤‚चाया। थैंकà¥à¤¸à¤—िविंग à¤à¥‹à¤œà¤¨ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ LSM के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• मिशन का हिसà¥à¤¸à¤¾ है जिसके तहत पिछले 12 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में संगठन ने पूरे अमेरिका में 10 लाख से अधिक लोगों को मà¥à¤«à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ कराया है।
अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– आयोजक ने कहा कि लेटà¥à¤¸ शेयर अ मील सिख धरà¥à¤® के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• गà¥à¤°à¥ नानक देव जी के जीवन और शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लंगर या सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• रसोई की अवधारणा की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की थी। यह परंपरा निसà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ सेवा और समानता के मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर आधारित है। यानी बिना किसी à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ के à¤à¥‚खों को खाना खिलाना। चाहे उनकी जाति, धरà¥à¤® या पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि कà¥à¤› à¤à¥€ हो।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ में ताजा तैयार शाकाहारी वà¥à¤¯à¤‚जन शामिल थे जो सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की लंगर परंपरा की पहचान है। वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• अमेरिकी समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सहित विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मियों के सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों ने खाना पकाने, उसकी पैकिंग और à¤à¥‹à¤œà¤¨ वितरित करने में मदद की।
आयोजकों में से à¤à¤• सिंह ने इस पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ के आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ाश डाला। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हम अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हमारे धरà¥à¤® के मूल मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को सिखाने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें शांति, सदà¥à¤à¤¾à¤µ और à¤à¤•ता शामिल है। à¤à¤•ता सिरà¥à¤« सिखों के लिठनहीं बलà¥à¤•ि पूरी मानवता के लिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ है और किसी को à¤à¥€ à¤à¥‚खा या असमान नहीं होना चाहिà¤à¥¤
लंबे समय से सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक रहीं हरलीन कौर ने कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के विकास को लेकर कहा कि मैं 15 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से अधिक समय से इस अविशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ का हिसà¥à¤¸à¤¾ रही हूं और यह देखकर मैं बहà¥à¤¤ आà¤à¤¾à¤°à¥€ हूं कि यह कैसे विकसित हà¥à¤† है। हर साल, अधिक से अधिक लोग (सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक और दानकरà¥à¤¤à¤¾ समान रूप से) इसे संà¤à¤µ बनाने के लिठà¤à¤• साथ आते हैं।
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