कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सिख और हिंदू समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोग 26 दिसंबर को गà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤° सैकà¥à¤°à¤¾à¤®à¥‡à¤‚टो के जैन सेंटर में साहिबजादे की शहादत का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करने के लिठà¤à¤•तà¥à¤° हà¥à¤à¥¤ 24 नवंबर को सैकà¥à¤°à¤¾à¤®à¥‡à¤‚टो के गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संत सागर में इंटरफेथ यूनिटी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के बाद इस दूसरी सà¤à¤¾ में 150 समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया गया।
साहिबजादे, गà¥à¤°à¥ गोबिंद सिंह जी के चार बेटे (अजीत सिंह, जà¥à¤à¤¾à¤° सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह) यà¥à¤µà¤¾ खालसा योदà¥à¤§à¤¾ थे जो धारà¥à¤®à¤¿à¤• उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ के खिलाफ खड़े हà¥à¤ थे। वे 19 वरà¥à¤· की आयॠसे पहले ही मà¥à¤—़ल सेना दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शहीद कर दिये गये। उनका बलिदान साहस, विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ और à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है, जिसे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में सिखों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया जाता है।
यह दिन (26 दिसंबर) वीर साहिबजादे बलिदानी दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो चार यà¥à¤µà¤¾ साहिबजादों के साहस और लचीलेपन का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करता है। बलिदानी दिवस पर गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संत सागर के महासचिव नरिंदरपाल सिंह हà¥à¤‚दल ने साहिबजादे की शहादत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कहानी और घटनाओं का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से वरà¥à¤£à¤¨ किया गया। इस अवसर पर नवंबर 2025 में गà¥à¤°à¥ तेग बहादà¥à¤° जी की 350वीं शहीदी वरà¥à¤·à¤—ांठमनाने की योजना की à¤à¥€ घोषणा की गई।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ अरदास (सिख पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾) के साथ हà¥à¤ˆà¥¤ इसके बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने अपनी विरासत का जशà¥à¤¨ मनाते हà¥à¤ मंच पर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ और पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤°à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ किया। 9 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ राहिव महाजन ने साहिबजादे के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ में à¤à¤¾à¤·à¤£ दिया और 12 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ गà¥à¤°à¤¶à¥€à¤¨ शेरगिल ने छोटे साहिबजादे की शहादत को शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि देते हà¥à¤ à¤à¤• मारà¥à¤®à¤¿à¤• कविता सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆà¥¤ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संत सागर के à¤à¤¾à¤ˆ कà¥à¤²à¤œà¥€à¤¤ सिंह ने पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ का नेतृतà¥à¤µ किया और गà¥à¤°à¥ गोबिंद सिंह जी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रचित शबद मितà¥à¤¤à¤° पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‡ नॠका सà¥à¤‚दर पाठकिया।
रजत महाजन ने हिंदू-सिख à¤à¤•ता पर à¤à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• à¤à¤¾à¤·à¤£ दिया जिसमें मतà¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚ को दूर करने और à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ को बढ़ावा देने पर सिख गà¥à¤°à¥à¤“ं की शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला गया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने साà¤à¤¾ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को बढ़ावा देने, साà¤à¤¾ विरासत का जशà¥à¤¨ मनाने और संयà¥à¤•à¥à¤¤ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® आयोजित करके à¤à¤•ता को मजबूत करने की योजनाओं की रूपरेखा तैयार की।
à¤à¤²à¥à¤• गà¥à¤°à¥‹à¤µ के मेयर बॉबी सिंह-à¤à¤²à¤¨ ने कहा कि ये हमारे समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤•-दूसरे से सीखने के सारà¥à¤¥à¤• अवसर हैं। मैं à¤à¤•ता, विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ और संगति को बढ़ावा देने वाले निरंतर सहयोग के लिठततà¥à¤ªà¤° हूं।
à¤à¤²à¥à¤• गà¥à¤°à¥‹à¤µ शहर के विविधता और समावेशन आयà¥à¤•à¥à¤¤ डॉ. à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¨ पारिख ने कहा कि यह हिंदà¥à¤“ं और सिखों के बीच गहन à¤à¤•ता का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है जो नà¥à¤¯à¤¾à¤¯, लचीलेपन और अटल विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ के साà¤à¤¾ मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से बना बंधन है।
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