हिंद महासागर के बीच à¤à¤• गà¥à¤®à¤¨à¤¾à¤® से बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶-अमेरिकी सैनà¥à¤¯ अडà¥à¤¡à¥‡ से à¤à¤¾à¤—े शà¥à¤°à¥€à¤²à¤‚का और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के 60 से अधिक तमिल पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को हाल ही में यूके लाया गया है। इनमें 12 बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ है। ये लोग बरसों से कानूनी अड़चनों के कारण चागोस दà¥à¤µà¥€à¤ª पर फंसे थे। इनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जो कहानियां सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆà¤‚, वो रोंगटे खड़े करने वाली हैं।
इन पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को चागोस दà¥à¤µà¥€à¤ªà¤¸à¤®à¥‚ह से पास समà¥à¤¦à¥à¤° में फंसने के बाद रेसà¥à¤•à¥à¤¯à¥‚ किया गया था। इन लोगों ने डिà¤à¤—ो गारà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¥€à¤ª से लंदन में शरण के लिठआवेदन किया है। इस दà¥à¤µà¥€à¤ª से शरण मांगने वाले ये पहले पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ हैं।
à¤à¤• महिला और उसका परिवार तीन साल से इस मिलिटà¥à¤°à¥€ बेस पर फंसा हà¥à¤† था। उसने बताया कि अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 2021 में जब उसे लाया गया था तो कहा गया था कि उसे बस दो दिन यहां रहना होगा। लेकिन कानूनी उलà¤à¤¨à¥‡à¤‚ à¤à¤¸à¥€ बढ़ीं कि तीन साल बीत गà¤à¥¤
महिला और उसके दो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को फà¥à¤Ÿà¤¬à¥‰à¤² पिच के बराबर के कैमà¥à¤ª में अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ रखा गया था। ये कैमà¥à¤ª काफी समय से विवादित रहा है। यहां से पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की अकà¥à¤¸à¤° à¤à¥‚ख हड़ताल, यौन शोषण और उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ की खबरें आती रही हैं।
लंदन में सरकार का कहना है कि इन लोगों के शरण के दावे जटिल कानूनी विवाद में फंस गठथे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये दà¥à¤µà¥€à¤ª संवैधानिक रूप से बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ का हिसà¥à¤¸à¤¾ नहीं है। बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ के विदेश मंतà¥à¤°à¥€ इन लोगों को यूके लाने के लिठइचà¥à¤›à¥à¤• नहीं थे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डर था कि इससे इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का à¤à¤• नया रासà¥à¤¤à¤¾ खà¥à¤² जाà¤à¤—ा।
डंकन लेविस सॉलिसिटर की वकील और कà¥à¤› पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करने वाली बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ टीम की सदसà¥à¤¯ मारिया पेटà¥à¤°à¥‹à¤µà¤¾ कोलिनà¥à¤¸ का कहना है कि ये à¤à¤• अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ और असाधारण सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ थी। शिविर के हालात बेहद अमानवीय थे।
इस मामले में वकीलों को कई चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करना पड़ा। वकीलों और बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ जज को अमेरिका दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संचालित सैनà¥à¤¯ अडà¥à¤¡à¥‡ तक पहà¥à¤‚च नहीं दी गई। इसकी वजह से सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ रदà¥à¤¦ करनी पड़ी।
à¤à¤• पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ ने बताया शिविर में बहà¥à¤¤ चूहे थे। कीड़े मकोड़ों का à¤à¥€ खतरा था। तिरपाल टेंट से बारिश का पानी रिसता था। असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ बिसà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ के बीच बेडशीट लटकाकर लोग रहते थे। हालात बदतर थे। 2023 में करीब पांच पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ की कोशिश की थी, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मेडिकल इमरजेंसी में रवांडा à¤à¥‡à¤œà¤¾ गया था।
बचाठगठतमिल पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अब बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में रहने और शरण का दावा करने के लिठछह महीने का समय दिया गया है। इनमें से कà¥à¤› को डिà¤à¤—ो गारà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ अडà¥à¤¡à¥‡ पर रहते हà¥à¤ पहले ही अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर दी गई थी।
बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ ने अकà¥à¤Ÿà¥‚बर में कहा था कि वह दशकों के विवाद का केंदà¥à¤° रहे चागोस दà¥à¤µà¥€à¤ª समूह को मॉरीशस को सौंप देगा। लेकिन डिà¤à¤—ो गारà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ सैनà¥à¤¯ अडà¥à¤¡à¥‡ को अपने अधीन रखेगा जो अमेरिकी अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
यह सैनà¥à¤¯ अडà¥à¤¡à¤¾ बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ के विदेशी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ का हिसà¥à¤¸à¤¾ है और अमेरिका को पटà¥à¤Ÿà¥‡ पर दिया गया है। इसका उपयोग अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ और इराक में यà¥à¤¦à¥à¤§ के दौरान अमेरिका ने लंबी दूरी के बमवरà¥à¤·à¤• विमानों के लिठकिया था।
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