समावेशिता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ माउंट पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ के समरà¥à¤ªà¤£ को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करने वाले à¤à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯-केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ विचार के तहत मेयर पॉल डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤® होफरà¥à¤Ÿ ने 1 नवंबर को दिवाली जागरूकता दिवस के रूप में घोषित किया है। दिवाली के अवसर पर यह à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच सबसे पà¥à¤°à¤¿à¤¯ तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• की महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤µà¥€à¤•ृति का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है।
रोशनी के तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° के रूप में जाना जाने वाला दिवाली दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में हिंदू, सिख, जैन और बौदà¥à¤§à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आशा, à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ और अंधेरे पर पà¥à¤°à¤•ाश की जीत के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• के रूप में मनाया जाता है। इस उदà¥à¤˜à¥‹à¤·à¤£à¤¾ के साथ ही माउंट पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ उन मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर जोर देता है जो संसà¥à¤•ृतियों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¤ होते हैं और सांसà¥à¤•ृतिक रूप से विविध समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपने समरà¥à¤ªà¤£ को और मजबूत करते हैं। जैसे कि à¤à¤•ता, करà¥à¤£à¤¾ और शांति।
अपने संबोधन में मेयर होफरà¥à¤Ÿ ने न केवल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी निवासियों के समृदà¥à¤§ योगदान को सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया बलà¥à¤•ि आसà¥à¤¥à¤¾ की परवाह किठबिना सà¤à¥€ निवासियों को à¤à¤• समावेशी निमंतà¥à¤°à¤£ à¤à¥€ दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¥‡à¤®, कà¥à¤·à¤®à¤¾ और दया के सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• संदेशों पर जोर दिया जो दिवाली का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करते हैं, जिससे हर कोई अंधेरे पर पà¥à¤°à¤•ाश की जीत के इस उतà¥à¤¸à¤µ का हिसà¥à¤¸à¤¾ महसूस करता है। उनके शबà¥à¤¦ दिवाली की गहरी जड़ों वाली à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¤ करते हैं और सांसà¥à¤•ृतिक सीमाओं से परे तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° के वैशà¥à¤µà¤¿à¤• विषयों के साथ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¤ होते हैं।
इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² इंडियन डायसà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¾ फाउंडेशन के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राकेश मलà¥à¤¹à¥‹à¤¤à¥à¤°à¤¾ ​​का पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• संबोधन à¤à¥€ शामिल था। मलà¥à¤¹à¥‹à¤¤à¥à¤°à¤¾ ​​ने तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° के गहरे अरà¥à¤¥ के बारे में à¤à¤¾à¤µà¥à¤•ता से बात की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दिवाली को नवीकरण, कà¥à¤·à¤®à¤¾ और सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤•-दूसरे के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ के रूप में याद किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ और समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤• साथ लाने वाली रोशनी को साà¤à¤¾ करने के तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° के आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ पर जोर दिया ताकि लोगों को à¤à¤•ता के महतà¥à¤µ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ हो सके।
यह उदà¥à¤˜à¥‹à¤·à¤£à¤¾ विविध परंपराओं को अपनाने के लिठमाउंट पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ के दूरदरà¥à¤¶à¥€ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करती है। यह पहचानती है कि वे समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को कैसे समृदà¥à¤§ और मजबूत करते हैं। दिवाली जागरूकता दिवस के माधà¥à¤¯à¤® से माउंट पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ सà¤à¥€ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के निवासियों को पà¥à¤°à¤•ाश, पà¥à¤°à¥‡à¤® और सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• सदà¥à¤à¤¾à¤µ का जशà¥à¤¨ मनाने के लिठआमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है।
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