अमेरिकी विदेश विà¤à¤¾à¤— ने बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ में धारà¥à¤®à¤¿à¤• अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤•ों, विशेषकर हिंदू समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और अधिकारों से संबंधित मानवाधिकार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश विà¤à¤¾à¤— की à¤à¤¾à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ और लंदन इंटरनेशनल मीडिया हब की उप निदेशक मारà¥à¤—रेट मैकलियोड ने कहा कि हिंसा और à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ की खबरें बेहद परेशान करने वाली हैं।
#WATCH | Indore, Madhya Pradesh: On the situation in Bangladesh, American State Department Hindustani Spokesperson Margaret MacLeod says, "America wants to see a healthy democracy for Bangladesh where the human rights of every person are protected. The news we are getting from… pic.twitter.com/8ncHeqCr4R
— ANI (@ANI) December 5, 2024
मैकलियोड ने 5 दिसंबर को इंदौर (à¤à¤¾à¤°à¤¤) में मीडिया को बताया कि अमेरिका बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ के घटनाकà¥à¤°à¤® पर बारीकी से नजर रख रहा है और इन मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर चरà¥à¤šà¤¾ करने के लिठदेश की अंतरिम सरकार सहित अपने सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहा है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ की कि हर किसी के लिठबिना किसी डर या उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ के अपने विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ के साथ जीने और अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना हमारे साà¤à¤¾ मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की आधारशिला है।
बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ से हाल की खबरें à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– हिंदू à¤à¤¿à¤•à¥à¤·à¥ चिनà¥à¤®à¤¯ कृषà¥à¤£ दास की गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ घटनाओं के बाद हिंदू समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के खिलाफ हिंसा में चिंताजनक वृदà¥à¤§à¤¿ को उजागर करती हैं। इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृषà¥à¤£à¤¾ कॉनà¥à¤¶à¤¸à¤¨à¥‡à¤¸ (ISKCON) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ दास को अकà¥à¤Ÿà¥‚बर की à¤à¤• रैली के दौरान कथित तौर पर राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ धà¥à¤µà¤œ का अपमान करने के बाद देशदà¥à¤°à¥‹à¤¹ के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इसके चलते वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• विरोध पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ और दंगे हà¥à¤ और कई इलाकों में हिंसा à¤à¤¡à¤¼à¤• उठी।
चिनà¥à¤®à¤¯ दास अब à¤à¥€ जेल में हैं। पिछले दिनों बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ की à¤à¤• अदालत ने इस गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ के मामले में अगली सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ जनवरी में तय की है। लेकिन इसके साथ ही अदालत का कहना है कि तब तक दास को जेल में ही रहना होगा।
दास की गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ के बाद से ही बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ में अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• हिंदà¥à¤“ं पर हो रही हिंसा और पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ को रोकने की मांग दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° से लगातार हो रही है। इस हिंसा को रोकने और दास की रिहाई के लिठपिछले दिनों अमेरिका में समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोगों ने पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ किया था। बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ में अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤•ों पर हिंसा का मामला बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ की संसद में à¤à¥€ उठचà¥à¤•ा है।
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