विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में रचनातà¥à¤®à¤• योगदान के लिठविलसेक फाउंडेशन (Vilcek Foundation) ने 2025 के विलसेक पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ारों के लिठअपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों से आवेदन आमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किठहैं।
फाउंडेशन अगले साल तीन उà¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत करेगा जिसमें से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• को 50,000 डॉलर का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया जाà¤à¤—ा। इसके लिठआवेदन 10 जून 2024 को शाम 5:00 बजे ET तक सà¥à¤µà¥€à¤•ार किठजाà¤à¤‚गे।
#ApplyNow: The @Vilcek Foundation is now accepting applications for the 2025 Vilcek Prizes for Creative Promise in #BiomedicalScience. Young #immigrant scientists in the United States are encouraged to apply for one of three $50K prizes by June 10, 2024. https://t.co/rje3H5CI5R
— The Vilcek Foundation (@Vilcek) March 25, 2024
इस पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार के लिठअमेरिका के बाहर गैर-अमेरिकी माता-पिता के यहां जनà¥à¤®à¥‡ à¤à¤¸à¥‡ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° पातà¥à¤° होंगे, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कम से कम चार वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक अमेरिका में रहकर कारà¥à¤¯ किया हो। उनके पास डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤Ÿ की डिगà¥à¤°à¥€ होनी चाहिà¤à¥¤
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी à¤à¤• शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ या मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अनà¥à¤¸à¤‚धान संगठन के साथ पà¥à¤°à¤¿à¤‚सिपल इनà¥à¤µà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤—ेटर के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ होना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार के लिठ38 वरà¥à¤· या उससे कम उमà¥à¤° के उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ पर ही विचार किया जाà¤à¤—ा। विजेताओं की घोषणा साल 2025 की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में की जाà¤à¤—ी।
गौरतलब है कि विलà¥à¤¸à¥‡à¤• फाउंडेशन के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· व सीईओ जैन विलसेक के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ में यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· दिया जाता है। जैन विलसेक à¤à¤• इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ और बायोमेडिकल रिसरà¥à¤š साइंटिसà¥à¤Ÿ हैं, जो 1965 में पूरà¥à¤µ चेकोसà¥à¤²à¥‹à¤µà¤¾à¤•िया से अमेरिका आकर बस गठथे।
2006 में अपनी सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ के बाद से विलसेक फाउंडेशन सालाना दो शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। à¤à¤• है बायोमेडिकल साइंस और दूसरी है आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¤‚ड हà¥à¤¯à¥‚मैनिटीज।
विलसेक फाउंडेशन के पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट रिक किनà¥à¤¸à¥‡à¤² ने कहा कि अमेरिका के 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक नोबेल पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार विजेता आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ हैं। विदेशी मूल के वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अमेरिका में अनà¥à¤¸à¤‚धान à¤à¤µà¤‚ विकास का नेतृतà¥à¤µ कर रहे हैं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे कहा कि विलसेक पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ारों के जरिठहम रचनातà¥à¤®à¤• योगदान देने वाले यà¥à¤µà¤¾ आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों à¤à¤µà¤‚ शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं की पहचान करके हम उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सारà¥à¤¥à¤• सहयोग पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं और विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, चिकितà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤µà¤‚ समाज में अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जागरूकता बढ़ाने का कारà¥à¤¯ करते हैं।
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