अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। यह विशेष दिन योग के महतà¥à¤µ को उजागर करता है। यह à¤à¤• वैशà¥à¤µà¤¿à¤• आयोजन है जो योग उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¥€ लोगों को à¤à¤• साथ लाता है। आज दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में लाखों लोग योगासन, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। आइठ10 अदà¥à¤à¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गà¥à¤°à¥à¤“ं के बारे में जानते हैं जिनके पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ ने लाखों लोगों के लिठजीवन को रोशन किया है। इनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताया गया अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ आज पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ हैं।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विषà¥à¤£à¥à¤¦à¥‡à¤µà¤¾à¤¨à¤‚द : 1957 में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ शिवानंद ने पशà¥à¤šà¤¿à¤® में योग और वेदांत के उपदेशों को साà¤à¤¾ करने के लिठसà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विषà¥à¤£à¥à¤¦à¥‡à¤µà¤¾à¤¨à¤‚द को निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दिया था। 37 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से अधिक समय तक उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने काम किया। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤‚ग योगी के रूप में जाना जाने लगा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤• के रूप में इस संदेश को अथक रूप से फैलाया, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में केंदà¥à¤° और आशà¥à¤°à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किà¤à¥¤ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ शिवानंद का लकà¥à¤·à¥à¤¯ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ का पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° करना और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को योग और वेदांत के अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ के बारे में बताना था। मॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² में 1959 में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विषà¥à¤£à¥à¤¦à¥‡à¤µà¤¾à¤¨à¤‚द दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ शिवानंद योग वेदांत केंदà¥à¤° के पहले केंदà¥à¤° के बाद से यह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में लगà¤à¤— 60 सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ तक बढ़ गया है। योग की शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ और परंपरा को संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठयह पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ है।
बी.के.à¤à¤¸. आयंगर : दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ योग गà¥à¤°à¥ बी.के.à¤à¤¸. आयंगर ने अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपने सटीक और चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से वैशà¥à¤µà¤¿à¤• योग परिदृशà¥à¤¯ को गहराई से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया। 1918 में करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• में जनà¥à¤®à¥‡ आयंगर ने कठोर अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से बचपन में अपने कमजोर शरीर को बदल दिया। उनकी विधि अलाइनमेंट, सटीकता पर जोर देती है, जिससे योग सà¤à¥€ के लिठसà¥à¤²à¤ हो जाता है, चाहे उनकी उमà¥à¤° या शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कà¥à¤› à¤à¥€ हो। उनकी पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•, 'लाइट ऑन योगा', दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¿à¤•ा बन गई है।
70 से अधिक देशों में समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ और पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤•ों के साथ आयंगर योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर किया जाता है। 1975 में पà¥à¤£à¥‡ में राममणि आयंगर मेमोरियल योग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की गई थी। यह आज दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के योग के जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥à¤“ं को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करता है। आयंगर का योगदान à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• आसनों से परे है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने योग के दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पहलà¥à¤“ं को à¤à¤•ीकृत किया, कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठà¤à¤• समगà¥à¤° दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण की वकालत की। उनके काम के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिले। इनमें à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š नागरिक पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पदà¥à¤® विà¤à¥‚षण à¤à¥€ शामिल है। उनकी विरासत उनके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚, गीता और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त आयंगर के माधà¥à¤¯à¤® से जारी है।
के. पटà¥à¤Ÿà¤¾à¤à¤¿ जोइस : जोइस à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– योग गà¥à¤°à¥, अषà¥à¤Ÿà¤¾à¤‚ग विनयस योग को विकसित करने और लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ बनाने के लिठजाने जाते हैं। यह योग की à¤à¤• गतिशील और शारीरिक रूप से मांगलिक शैली है, जो सांसों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ आसनों के à¤à¤• विशिषà¥à¤Ÿ कà¥à¤°à¤® की विशेषता है। 1915 में करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• में जनà¥à¤®à¥‡ जोइस टी. कृषà¥à¤£à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ के समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ शिषà¥à¤¯ थे। अपने गà¥à¤°à¥ से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अषà¥à¤Ÿà¤¾à¤‚ग योग के मूल सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों को सीखा। योग में जोइस का योगदान उस पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ को वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ करना है, जो सांस के साथ गति के तालमेल पर जोर देता है। आसनों का à¤à¤• फà¥à¤²à¥‹ बनाता है जो गरà¥à¤®à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है और शरीर को शà¥à¤¦à¥à¤§ करता है।
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में अषà¥à¤Ÿà¤¾à¤‚ग योग के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ है। मैसूर में जोइस दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ अषà¥à¤Ÿà¤¾à¤‚ग योग रिसरà¥à¤š इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट, योग उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¥€ लोगों के लिठà¤à¤• तीरà¥à¤¥ सà¥à¤¥à¤² बना हà¥à¤† है। इस परंपरा का अनूठा पहलू आसनों की संरचित शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला है। इसमें अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨, शकà¥à¤¤à¤¿, लचीलापन और आंतरिक शांति को बढ़ावा देते हà¥à¤ योगासन में कà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• रूप से महारत करना शामिल है। पटà¥à¤Ÿà¤¾à¤à¤¿ जोइस की विरासत उनके पोते शरथ जोइस के माधà¥à¤¯à¤® से जारी है।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ सतà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚द सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ : 1964 में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ सतà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚द सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ बिहार सà¥à¤•ूल ऑफ योग, योग के समगà¥à¤° शिकà¥à¤·à¤£ और अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के लिठसमरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के मà¥à¤‚गेर में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ यह सà¥à¤•ूल पारंपरिक योगिक जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को आधà¥à¤¨à¤¿à¤• विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के साथ à¤à¤•ीकृत करता है। सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ सतà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚द के अगà¥à¤°à¤£à¥€ योगदान में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ योग अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ का वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤•रण शामिल है। आसन, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾, बंध, और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ सà¤à¥€ के लिठसà¥à¤²à¤ और लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• बनाते हैं। उनके उपदेश योग की à¤à¤• à¤à¤•ीकृत पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर, मन और आतà¥à¤®à¤¾ के संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ विकास पर जोर है।
बिहार सà¥à¤•ूल ऑफ योग का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर फैला हà¥à¤† है। इनमें ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾, यूरोप, उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ अमेरिका सहित केंदà¥à¤° और संबदà¥à¤§ संगठन हैं। बिहार सà¥à¤•ूल ऑफ योग विशेष रूप से योग निदà¥à¤°à¤¾ विकसित करने के लिठजाना जाता है। यह à¤à¤• विशà¥à¤°à¤¾à¤® तकनीक है जो गहन मानसिक और शारीरिक कायाकलà¥à¤ª को बढ़ावा देती है। सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ सतà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚द के शिषà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ निरंजननंद सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में इसका नेतृतà¥à¤µ कर रहे हैं।
बिकà¥à¤°à¤® चौधरी : बिकà¥à¤°à¤® योग के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• बिकà¥à¤°à¤® चौधरी योग की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लेकिन विवादासà¥à¤ªà¤¦ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हैं। कलकतà¥à¤¤à¤¾ में जनà¥à¤®à¥‡ चौधरी ने 'हॉट योग' की अपनी अनूठी शैली विकसित की, जिसमें 26 आसन और दो पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® शामिल हैं। यह लगà¤à¤— 105°F (40°C) तापमान और 40% हà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ वाले कमरे में किठजाते हैं। बिकà¥à¤°à¤® योग ने उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका, यूरोप, à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ और उससे आगे के सà¥à¤Ÿà¥‚डियो के साथ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में फैलकर अपार लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ हासिल की। चौधरी की विधि ने पशà¥à¤šà¤¿à¤® में योग को लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ बनाने में योगदान दिया है, खासकर उन लोगों के बीच जो कठोर शारीरिक कसरत की तलाश में हैं। हालांकि, उनकी विरासत यौन दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और कानूनी लड़ाई के आरोपों से कलंकित है। फिर à¤à¥€, उनके कई सरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ शिकà¥à¤·à¤• बिकà¥à¤°à¤® योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ और शिकà¥à¤·à¤£ करा रहे हैं।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ राम : पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ योग गà¥à¤°à¥ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ राम हिमालयी योग परंपराओं को पशà¥à¤šà¤¿à¤® में लाà¤à¥¤ 1925 में जनà¥à¤®à¥‡ राम ने हिमालयन इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ योगा साइंस à¤à¤‚ड फिलॉसफी की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की। यह हिमालयी गà¥à¤°à¥à¤“ं के वंश के आधार पर योग, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और दरà¥à¤¶à¤¨ सिखाता है। सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ राम ने योग की समगà¥à¤° पà¥à¤°à¤•ृति पर जोर दिया। इनमें आसन, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और नैतिक जीवन शामिल है। सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ राम ने अपने उपदेशों, वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ और पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों के माधà¥à¤¯à¤® से योग को à¤à¤• समगà¥à¤° अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के रूप में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने योग के लाà¤à¥‹à¤‚ पर शोध में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से à¤à¤¾à¤— लिया, जिससे अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ में वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ जà¥à¤¡à¤¼à¥€ और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• सà¥à¤µà¥€à¤•ृति मिली।
टी.के.वी. देसीकेचर : à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ और महान योग गà¥à¤°à¥ टी. कृषà¥à¤£à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° टी.के.वी. देसीकेचर महज à¤à¤• और योग गà¥à¤°à¥ नहीं थे। वे à¤à¤• कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी थे जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से जोड़ा। उनका सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान विनियोग के विकास और वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° में है। आसन, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ सà¤à¥€ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से चà¥à¤¨à¤¾ गया। यह साधक की शारीरिक सीमाओं, उमà¥à¤°, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और यहां तक ​​कि सांसà¥à¤•ृतिक पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के आधार पर अनà¥à¤•ूलित किया गया। देसीकेचर ने चेनà¥à¤¨à¤ˆ में कृषà¥à¤£à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ योग मंदिर (KYM) की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ अपनी शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• के रूप में की। KYM वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• शिकà¥à¤·à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है और योग के चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—ों पर शोध करता है। यह इनोवेशन और जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के केंदà¥à¤° के रूप में इसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा को और मजबूत करता है।
2016 में देसीकेचर के निधन के बाद उनके बेटे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ सचà¥à¤šà¤¿à¤¦à¤¾à¤¨à¤‚द : अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ योग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¤• समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ सचà¥à¤šà¤¿à¤¦à¤¾à¤¨à¤‚द पशà¥à¤šà¤¿à¤® में शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ योग परंपराओं को लाने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ थे। उनका अनूठा योगदान इंटीगà¥à¤°à¤² योग के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में है। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ है जो शारीरिक अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विकास के बीच की खाई को पाटती है। इंटीगà¥à¤°à¤² योग केवल आसन और पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® में महारत हासिल करने से परे है। यह योग दरà¥à¤¶à¤¨ के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को शामिल करता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और जीवन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सेवा-उनà¥à¤®à¥à¤– दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करता है।
इंटीगà¥à¤°à¤² योग सà¤à¥€ धरà¥à¤®à¥‹à¤‚ और पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µà¤¾à¤—त करता है। सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ सचà¥à¤šà¤¿à¤¦à¤¾à¤¨à¤‚द ने अपने जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को साà¤à¤¾ करने के लिठसमरà¥à¤ªà¤£ के कारण दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में इंटीगà¥à¤°à¤² योग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और केंदà¥à¤° सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किà¤à¥¤
योगी à¤à¤œà¤¨ : सिख विरासत के à¤à¤• करिशà¥à¤®à¤¾à¤ˆ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ योगी à¤à¤œà¤¨ ने पशà¥à¤šà¤¿à¤® में कà¥à¤‚डलिनी योग का परिचय कराया। उनका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ केवल आसनों से परे है। उनकी पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ कà¥à¤‚डलिनी ऊरà¥à¤œà¤¾ को जगाना था। इसके बारे में माना जाता है कि यह आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को जगाता है। उनके अनूठे दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण ने शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं (आसनों, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और मंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के सेट) को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के साथ मिलाकर à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ अनà¥à¤à¤µ बनाया। शारीरिक और मानसिक अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ पर जोर दिया। यह समगà¥à¤° दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विकास और आतà¥à¤®-खोज के मारà¥à¤— की तलाश करने वालों के साथ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ योगी à¤à¤œà¤¨ की विरासत हेलà¥à¤¦à¥€, हैपà¥à¤ªà¥€, होली ऑरà¥à¤—ेनाइजेशन (3HO) के माधà¥à¤¯à¤® से जीवित है, जो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ का à¤à¤• विशाल नेटवरà¥à¤• है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने जीवनकाल में विवादों का सामना à¤à¥€ किया। लेकिन कà¥à¤‚डलिनी योग को पशà¥à¤šà¤¿à¤® में à¤à¤• मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ योग परंपरा बनाने में उनके महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान से इनकार नहीं किया जा सकता है।
बाबा रामदेव : योग को जन-जन तक पहà¥à¤‚चाने में बाबा रामदेव à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शकà¥à¤¤à¤¿ रहे हैं। उनका योगदान बड़े पैमाने पर योग शिविरों के माधà¥à¤¯à¤® से योग को लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ बनाने में है, जिससे यह à¤à¤• विशाल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दरà¥à¤¶à¤•ों के लिठसà¥à¤²à¤ हो गया है और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर रà¥à¤šà¤¿ पैदा हà¥à¤ˆ है। रामदेव का दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण योग के शारीरिक और मानसिक कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• लाà¤à¥‹à¤‚ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है। उनके अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की आधारशिला आसन और पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® में है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसानी से समà¤à¤¨à¥‡ और अनà¥à¤¸à¤°à¤£ करने के तरीके से पेश किया जाता है।
(साà¤à¤¾à¤° : ALotusInTheMud.com)
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