इस समय à¤à¤¾à¤°à¤¤ को जानो (Know India Programme, KIP) कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का 74वां संसà¥à¤•रण जारी है। इस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सहयोग परिषद में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करने वाले 21 से 35 आयॠवरà¥à¤— के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के 40 लोगों (PIO) यानी यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के साथ हमारी हालिया बातचीत में 'गिरमिटिया' राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‚ और पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के संघरà¥à¤·à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ वà¥à¤¯à¤¥à¤¾ का अहसास किया गया है।
गिरमिटिया को कà¤à¥€-कà¤à¥€ जहाजी à¤à¥€ कहा जाता है। गिरमिटिया à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आबादी का वह हिसà¥à¤¸à¤¾ था जो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गिरमिटिया शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के तहत सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित हà¥à¤† था। गà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ के खातà¥à¤®à¥‡ के बाद बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ और फà¥à¤°à¤¾à¤‚सीसियों ने 18वीं शताबà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गिरमिटिया शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥‡à¤œà¤•र अपने उपनिवेशों में शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों की कमी को दूर करने की कोशिश की। उन हालात में कई कारकों ने कà¥à¤› à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को दूर देशों में अवसर तलाशने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया मगर कई लोग ठेकेदारों की धोखाधड़ी के चलते इस पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के à¤à¥€à¤¤à¤° शोषण का शिकार हो गà¤à¥¤
और इस तरह से पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ हà¥à¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अंततः मॉरीशस, सेशेलà¥à¤¸, रीयूनियन, तà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¿à¤¦à¤¾à¤¦ और टोबैगो जैसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ देशों में बस गà¤à¥¤ उन लोगों ने शà¥à¤°à¥‚ में गनà¥à¤¨à¥‡ और कॉफी के बागानों में मजदूरी की। गà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ खतà¥à¤® होने के बाद पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ में वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ वरà¥à¤· 1842 और 1870 के बीच कà¥à¤² 525,482 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ और फà¥à¤°à¤¾à¤‚सीसी उपनिवेशों में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ किया।
बहरहाल, à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार ने इन 40 यà¥à¤µà¤¾ PIO के लिठà¤à¤• संरचित कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® आयोजित किया है। ये यà¥à¤µà¤¾ इसी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के तहत à¤à¤¾à¤°à¤¤ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ जाà¤à¤‚गे। इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में सà¥à¤®à¤¾à¤°à¤•ों, परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• आकरà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚, सांसà¥à¤•ृतिक केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚, सरकारी और निजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ का दौरा शामिल है। इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सामाजिक-आरà¥à¤¥à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤—ति, सांसà¥à¤•ृतिक विरासत और हाल के विकास की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• तसà¥à¤µà¥€à¤° दिखाकर उनमें à¤à¤• समठपैदा करना है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ को जानो जैसी पहल ने वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯, विशेषकर पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ पीढ़ी से अपार पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा और समरà¥à¤¥à¤¨ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ किया है। इसका महतà¥à¤µ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की यà¥à¤µà¤¾ पीढ़ी और उनकी पैतृक मातृà¤à¥‚मि में हो रही पà¥à¤°à¤—ति के बीच à¤à¤• सेतॠके रूप में काम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में निहित है। यानी वे यह जान-समठसकें कि कà¤à¥€ उनका मूल रही à¤à¥‚मि में कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤› हो रहा है।
यही नहीं, यह कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों के बीच à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और सांसà¥à¤•ृतिक लगाव की गहरी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ावा देता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के साथ उनके संबंधों को मजबूत करता है और दूर देशों में रहने के बावजूद अपनेपन की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ करता है।
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