कहते हैं à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आतà¥à¤®à¤¾ गांवों में बसती है, लेकिन आधà¥à¤¨à¤¿à¤•ीकरण की दौड़ में पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤à¤‚, परंपराà¤à¤‚ और विरासत धà¥à¤‚धली पड़ती जा रही हैं। हालांकि अतà¥à¤²à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अब à¤à¥€ देखने लायक अनगिनत विरासत सà¥à¤¥à¤² हैं। कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ का पहला हेरिटेज विलेज कहां पर है? नहीं जानते तो आइठबताते हैं।
गांव में कांगड़ा, राजपूत, बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶, पà¥à¤°à¥à¤¤à¤—ाली और इतालवी शैली की इमारतें हैं। फोटो साà¤à¤¾à¤° सोशल मीडिया
हिमाचल पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की कांगड़ा घाटी में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ परागपà¥à¤° या पà¥à¤°à¤¾à¤—पà¥à¤° को à¤à¤¾à¤°à¤¤ का पहला हेरिटेज विलेज कहा जाता है। राजà¥à¤¯ सरकार ने 1997 में इसे हेरिटेज विलेज के रूप में मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ दी थी। परागपà¥à¤° का नाम राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ पराग देई के नाम पर रखा गया था जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤—ल सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ के खिलाफ विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ किया था।
परागपà¥à¤° का नाम राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ पराग देई के नाम पर रखा गया था। फोटो साà¤à¤¾à¤° सोशल मीडिया
इस गांव की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ 16वीं शताबà¥à¤¦à¥€ में कà¥à¤ ियाला सूद ने जसवां शाही परिवार की राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤— देवी की याद में की थी। मà¥à¤—लों और बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ दोनों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शासित रहा यह गांव अपने विशिषà¥à¤Ÿ सांसà¥à¤•ृतिक मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚, अनूठी वासà¥à¤¤à¥à¤•ला और पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ सà¥à¤‚दरता के कारण पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ है।
परागपà¥à¤° में à¤à¤• जजेज कोरà¥à¤Ÿ à¤à¥€ है। फोटो साà¤à¤¾à¤° सोशल मीडिया
कहा जाता है कि गांव के लोगों ने बहà¥à¤¤ सी विदेश यातà¥à¤°à¤¾à¤à¤‚ की थीं और वहां से लौटकर उसी शैली में घर, मकान, हवेलियां, सà¥à¤•ूल और असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² आदि बनाà¤à¥¤ इसी वजह से इस गांव में कांगड़ा, राजपूत, बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶, पà¥à¤°à¥à¤¤à¤—ाली और इतालवी शैली की इमारतें मौजूद हैं।
परागपà¥à¤° में किले जैसे घर, हवेलियां, और विला हैं। यहां की घà¥à¤®à¤¾à¤µà¤¦à¤¾à¤° गलियां, मिटà¥à¤Ÿà¥€ से पà¥à¤¤à¥€ दीवारें और à¤à¥à¤•ाव वाली छतें मन मोह लेती हैं। यहां पर 1931 में बनी लाला रेरूमल हवेली है, जिसमें मà¥à¤—ल शैली में बना बगीचा और à¤à¤• बड़ा जल à¤à¤‚डार है। à¤à¤• जजेज कोरà¥à¤Ÿ à¤à¥€ है। इसके अलावा कई पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ मंदिर à¤à¥€ हैं।
यहां à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सबसे सà¥à¤‚दर हैरीटेज होटलों में से à¤à¤• कोरà¥à¤Ÿà¤œ होटल à¤à¥€ है जो खूबसूरत वादियों के बीच 2000 फà¥à¤Ÿ की ऊंचाई पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। परागपà¥à¤° के बीचोंबीच 200 वरà¥à¤· पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ à¤à¤• तालाब à¤à¥€ है जिसे सिटी ऑफ हारà¥à¤Ÿ के नाम से जाना जाता है। गांव अपने कà¥à¤Ÿà¥€à¤° उदà¥à¤¯à¥‹à¤— के लिठà¤à¥€ जाना जाता है।
परागपà¥à¤° हेरिटेज विलेज à¤à¤¸à¥‡ लोगों के लिठपरफेकà¥à¤Ÿ जगह है, जो घर से दूर ठेठपहाड़ी कांगड़ा परिवेश वाले गांव में गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ करते हà¥à¤ कà¥à¤› दिन à¤à¤•ांत में छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बिताना चाहते हैं।
कैसे पहà¥à¤‚चें
परागपà¥à¤° का करीबी रेलवे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ ऊना है जो यहां से लगà¤à¤— 67 किलोमीटर दूर है। ऊना से टैकà¥à¤¸à¥€ के जरिठपरागपà¥à¤° पहà¥à¤‚चा जा सकता है। यहां का निकटतम à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ शिमला में है, जो लगà¤à¤— 200 किलोमीटर दूर है। सड़क मारà¥à¤— से आने वालों के लिठपरागपà¥à¤° गांव तक बसें à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ रहती हैं।
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