आपने कितनी बार लोगों को यह कहते हà¥à¤ सà¥à¤¨à¤¾ है कि योग ककà¥à¤·à¤¾ के बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ महसूस हà¥à¤†? बेशक, नियमित योग अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने से शारीरिक और मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• दोनों तरह से कई लाठहोते हैं।
अतीत में लोग मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से शारीरिक बीमारियों से निपटने और अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठयोग की ओर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देते थे। लेकिन आज योग मानसिक शांति का à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• मारà¥à¤— माना जाने लगा है। शरीर और मन जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ हैं। योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के दौरान शरीर पर काम करने से दिमाग पर à¤à¥€ सकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है।
मांस-पेशियों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पर काम करने और लचीलेपन, शकà¥à¤¤à¤¿ और सहनशकà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ाने के अलावा योग आंतरिक अंगों और पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ काम करता है। इसमें तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° और अंतःसà¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ तंतà¥à¤° शामिल हैं जो मानसिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से घनिषà¥à¤ रूप से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हैं।
योग शरीर को डोपामाइन, सेरोटोनिन और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ जैसे 'फील-गà¥à¤¡' रसायन जारी करने के लिठउतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करता है जो आपके मूड को बढ़ावा देता है और योग अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के बाद आपके अंदर सकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µ पैदा करता है।
योग आसन और अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ पैरासिमà¥à¤ªà¥‡à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को à¤à¥€ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ कर सकते हैं। 'आराम और पचाने' की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ कर सकते हैं। इससे तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° शांत होता है और आपको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और शांति का अहसास होता है।
कà¥à¤² मिलाकर योग आपकी इस तरह मदद करता है...
योग और मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को आमतौर पर बीमारी की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के रूप में समà¤à¤¾ जाता है। दूसरे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में यदि आप बीमार नहीं हैं तो आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हैं। इसकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ योगिक परिपà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤·à¥à¤¯ से करें जिसमें सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को हमारी जीवन शकà¥à¤¤à¤¿ यानी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जीवंत और सामंजसà¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤£ अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ समà¤à¤¾ जाता है।
सिनरà¥à¤œà¥€à¤œ जरà¥à¤¨à¤² के साथ à¤à¤• साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार में की गई विनियोग गà¥à¤°à¥ डॉ. कौसà¥à¤¤à¥à¤ देसिकाचार की टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ रूप में कहें तो इसका अरà¥à¤¥ है à¤à¤• मजबूत, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और दीपà¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ शरीर, गहरी और निरà¥à¤¬à¤¾à¤§ सांस लेना, à¤à¤• शांतिपूरà¥à¤£ दिमाग, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रूप से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और जीवन पर à¤à¤• सकारातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण।
यह à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंतर है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसका तातà¥à¤ªà¤°à¥à¤¯ यह है कि आधà¥à¤¨à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का अरà¥à¤¥ उस चीज को खतà¥à¤® करना है जिसे मानसिक बीमारी कहा जाता है। इस पà¥à¤°à¤•ार धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ असंतà¥à¤²à¤¨ या 'बीमारी' और इसे 'ठीक' करने के तरीके पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो जाता है।
योग के मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ कैसे करें
जहां तक मैंने देखा है उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लाठतातà¥à¤•ालिक हो सकते हैं और आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• ककà¥à¤·à¤¾ के बाद à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं। लेकिन हम सिरà¥à¤« à¤à¤• बार के अचà¥à¤›à¥‡ अहसास की तलाश में नहीं हैं। हम कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ की सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की तलाश में हैं। और सही मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ और नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के साथ आप निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से हर जगह इसका अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं।
à¤à¤• योग शिकà¥à¤·à¤• के रूप में मैंने उन लोगों के साथ काम किया है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चिंता और अवसाद, ऑटिज़à¥à¤® और नà¥à¤¯à¥‚रोडायवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ और यहां तक ​​कि आघात और दà¥à¤ƒà¤– को काबू करने में मदद के लिठयोग का सहारा लिया है। बेशक, मैंने अपने जीवन में जो देखा और अनà¥à¤à¤µ किया है,उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह काम करता है।
मैं यह नहीं कह रही कि योग हर चीज का जादà¥à¤ˆ इलाज है लेकिन यह à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ है। योग शरीर, मन और हृदय को शांत करने और चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ के लिठसकारातà¥à¤®à¤• आदतें विकसित करने में मदद कर सकता है।
मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर बनाने के लिठयोगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने वाली 5 बातें...
आपकी योग ककà¥à¤·à¤¾ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और निरà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦ जगह होनी जहां आप जैसे हैं वैसे ही सà¥à¤µà¤¾à¤—त महसूस करें और बिना किसी रोक-टोक के खà¥à¤¦ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने के लिठसà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° हों।
जब आप पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• आसन करते हैं तो अपने आंतरिक अनà¥à¤à¤µ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने से आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ बाहरी से à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€, शरीर से मन की ओर सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित हो जाता है। इस तरह आप अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ शरीर में होने वाली छोटी-छोटी संवेदनाओं पर à¤à¥€ लाते हैं बिना उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने या उनसे लड़ने की कोशिश के।
योग के मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठकई गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाते हैं जब अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ का जोर शरीर, मन और सांस को à¤à¤• साथ लाने पर होता है।
योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ में पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® या शà¥à¤µà¤¾à¤¸ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ को शामिल करना à¤à¥€ तनाव और दबी हà¥à¤ˆ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को दूर करने और मन को शांत करने का à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ तरीका हो सकता है।
यदि आपके आसन 100 फीसदी सही नहीं हैं तो à¤à¥€ कोई बात नहीं। हालांकि यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि आप अपना सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ करें लेकिन सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दयालॠहोना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। विशेषकर मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के मामलों में। पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ समय और अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से आती है। याद रखें कि यहां धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आपके आंतरिक अनà¥à¤à¤µ पर है। इसलिठअपने शरीर की सà¥à¤¨à¥‡à¤‚।
(नितà¥à¤¯à¤¾ सटोरि (नितà¥à¤¯à¤¾ राजगोपाल का आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• नाम) à¤à¤• लेखिका, योग शिकà¥à¤·à¤• और अनà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤• हैं। वह कला, संगीत और पà¥à¤°à¤•ृति में लंबी सैर का आनंद लेती है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ https://about.me/nityasatori पर खोज सकते हैं)
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