आरà¥à¤•टिक बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿ या आरà¥à¤•टिक फà¥à¤°à¥€à¤œ ने अमेरिका और कà¥à¤› हद तक उतà¥à¤¤à¤° में कनाडा के निवासियों का जीवन बहà¥à¤¤ कठिन बना दिया है। चूंकि तापमान जीरो डिगà¥à¤°à¥€ से नीचे बना हà¥à¤† है इसलिठबेघरों के लिठयह हालात और à¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡ हैं। इस निराशाजनक परिदृशà¥à¤¯ के बीच à¤à¤• इंडो-कनाडाई डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤° ने परेशान लोगों के बीच आशा की किरण पैदा की है। यह शखà¥à¤¸ कनाडा के बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ कोलंबिया पà¥à¤°à¤¾à¤‚त में शूनà¥à¤¯ से नीचे के तापमान में आशà¥à¤°à¤¯ की तलाश कर रहे लोगों को महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ शटल सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर रहा है।
उपकार सिंह टाटले नाम के इंडो-कनाडाई डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤° 'à¤à¤‚गेजà¥à¤¡ कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ कनाडा सोसाइटी' के कारà¥à¤¯à¤•ारी निदेशक हैं। उपकार सिंह टाटले सà¥à¤¬à¤¹ होने से पहले उठकर समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के उन सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को जिनके पास अपना घर नहीं है à¤à¤• बड़ी सफेद वैन में वारà¥à¤®à¤¿à¤‚ग सेंटर तक ले जाते हैं। टाटले कहते हैं कि à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से लोग हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सहायता की जरूरत है।
टाटले नवंबर के अंत से मारà¥à¤š तक लोगों को लाने-ले जाने के लिठकई यातà¥à¤°à¤¾à¤à¤‚ करते हैं। हालांकि टाटले को यह बात अचà¥à¤›à¥€ तरह से पता है कि जो काम वह कर रहे हैं उससे उनके लिठà¤à¥€ शारीरिक कषà¥à¤Ÿ हो सकता है पर फिर à¤à¥€ वह सरे में रातà¥à¤°à¤¿ आशà¥à¤°à¤¯ से बेघर लोगों को पड़ोसी शहर वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ रॉक में सोसायटी के डेटाइम वारà¥à¤®à¤¿à¤‚ग सेंटर में छोड़ने के लिठजाते हैं।
वह कहते हैं कि लोग वासà¥à¤¤à¤µ में कठिन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सो रहे हैं इसलिठहम हमेशा यह पता लगाने की कोशिश करते रहते हैं कि वे कहां हैं। हम आशà¥à¤°à¤¯ सेवाओं की आवशà¥à¤¯à¤•ता वाले लोगों पर à¤à¥€ नजर रखते हैं। यानी à¤à¤¸à¥‡ लोगों को तलाश करते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡ हमारी सहायता की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
हर सीजन में जब जब टाटले अपने पहले बैच के साथ आते हैं तो कà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¸à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ और कॉफी परोसने वाले वॉलिंटियरà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उनका सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया जाता है। इसके अलावा उनकी सेंटर में मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और चिकितà¥à¤¸à¤¾ संसाधनों तक पहà¥à¤‚च है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤® कपड़े और कंबल à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठजाते हैं।
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