पिछले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के तीन दिन (8-10 जनवरी) दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दिवस की धूम रही। इस बार यह वारà¥à¤·à¤¿à¤• आयोजन पूरà¥à¤µà¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राजà¥à¤¯ ओडिशा की राजधानी à¤à¥à¤µà¤¨à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤° में किया गया जहां तीन दिनों तक विशà¥à¤µ à¤à¤° में बसे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का 'संगम' हà¥à¤†à¥¤ अपनी जड़ों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡, संबंधों का उतà¥à¤¸à¤µ मनाने, à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पà¥à¤°à¤—ति को जानने और इसमें पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के योगदान की शिनाखà¥à¤¤ करने वाला यह उतà¥à¤¸à¤µ बीतें कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से विकसित होते à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सांसà¥à¤•ृतिक शकà¥à¤¤à¤¿ का आईना बन चà¥à¤•ा है। पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में बसे हजारों पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ इस आयोजन के लिठजनवरी माह में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का रà¥à¤– करते हैं और सांसà¥à¤•ृतिक à¤à¤¾à¤‚की का साकà¥à¤·à¥€ बनते हैं। जो पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ नहीं आ पाते वे à¤à¥€ मीडिया और अनà¥à¤¯ सरकारी-गैर-सरकारी पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से परोकà¥à¤· रूप से इस वैशà¥à¤µà¤¿à¤• उतà¥à¤¸à¤µ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ महसूस करते हैं। बीते कà¥à¤› बरसों में à¤à¤• अहम बात यह हà¥à¤ˆ है कि थोड़े-थोड़े अंतराल पर अब à¤à¤¾à¤°à¤¤ किसी आयोजन या मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ के बहाने वैशà¥à¤µà¤¿à¤• मीडिया में जगह पाता है। बीता सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ अगर पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दिवस के नाम रहा तो यह सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ और करीब डेढ़ महीना 'महाकà¥à¤‚à¤' के नाम रहने वाला है जहां आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• तृतà¥à¤ªà¤¿ के लिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कोने-कोने से संत-महातà¥à¤®à¤¾, धरà¥à¤® जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€, परंपराओं के वाहक और परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों का समागम जोर पकड़ रहा है। महाकà¥à¤‚ठकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ सोमवार (13 जनवरी) से हो रही है जिसमें à¤à¤¾à¤°à¤¤ सहित अनà¥à¤¯ देशों से 40 करोड़ लोगों के तीरà¥à¤¥à¤¨à¤—री पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज पहà¥à¤‚चने का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है।
बहरहाल, जहां तक 18वें पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दिवस के आयोजन का सवाल है तो इसने बीते 10 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में खासी खà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤¿ और पहचान अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ की है। इसका आयोजन हर वरà¥à¤· à¤à¤¾à¤°à¤¤ के किसी राजà¥à¤¯ की राजधानी या पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शहर में à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है। पिछले वरà¥à¤· यह आयोजन मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के इंदौर शहर में किया गया था। बीते बरसों की तरह इस बार à¤à¥€ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दिवस में मॉरीशस, मलेशिया और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ अफà¥à¤°à¥€à¤•ा से मंतà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤®à¤‚डल और मलेशिया, मॉरीशस, ओमान, कतर, यूà¤à¤ˆ, यूके और अमेरिका सहित कई देशों से पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के बड़े पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤®à¤‚डल शामिल हà¥à¤à¥¤ तीन दिन के आयोजन में पांच पूरà¥à¤£ सतà¥à¤° हà¥à¤ जिनकी अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने की और अपने-अपने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने इन सतà¥à¤°à¥‹à¤‚ का संचालन किया। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को तà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¿à¤¦à¤¾à¤¦ और टोबैगो की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤¨ कारà¥à¤²à¤¾ कंगालू ने वरà¥à¤šà¥à¤…ली संबोधित किया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी ने उतà¥à¤¸à¤µ का औपचारिक उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ करने के साथ ही पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ (टà¥à¤°à¥‡à¤¨) को हरी à¤à¤‚डी दिखाई। यह पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² टूरिसà¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¥‡à¤¨ है जो देश की राजधानी दिलà¥à¤²à¥€ से चलकर तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ तक मेहमानों को ले जाà¤à¤—ी और देश के विकास-कà¥à¤°à¤® से परिचित कराà¤à¤—ी। विदेश मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ तीरà¥à¤¥ दरà¥à¤¶à¤¨ योजना के तहत इसका संचालन किया जा रहा है। आयोजन के विसà¥à¤¤à¤¾à¤° का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार 70 देशों से 3 हजार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ ओडिशा पहà¥à¤‚चे।
इस बार के आयोजन का विषय 'विकसित à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ का योगदान' है। इसीलिठउतà¥à¤¸à¤µ के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ अवसर पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी ने पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की शकà¥à¤¤à¤¿ और उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को विशेष तौर पर रेखांकित किया। उनके दिलों में धड़कते à¤à¤¾à¤°à¤¤ का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ पीà¤à¤® मोदी ने अपनाई गई धरती को अपना बनाने, उसकी तरकà¥à¤•ी में अपने विकास का परचम लहराने और à¤à¤¾à¤°à¤¤ की विविधता व समावेशन को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की पहचान बताया।
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