राम मंदिर अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• समारोह 22 जनवरी, 2024 को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ है। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सरà¥à¤µà¤¸à¤®à¥à¤®à¤¤à¤¿ से हिंदà¥à¤“ं के पकà¥à¤· में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤µ मà¥à¤•दमे का फैसला सà¥à¤¨à¤¾à¤ जाने के बाद कामेशà¥à¤µà¤° चौपाल ने राम मंदिर की पहली ईंट रखी थी। चौपाल ने नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ के लिठविनोद कà¥à¤®à¤¾à¤° शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾ से राम मंदिर आंदोलन से उनके जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ और इसके अनà¥à¤¯ पहलà¥à¤“ं पर बात की। पेश हैं अंश...
à¤à¤—वान राम को à¤à¤• असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ मंदिर से à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ मंदिर में उनका उचित सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ मिलने जा रहा है। पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा समारोह में पीà¤à¤® मोदी शामिल होंगे, इस बारे में आप कà¥à¤¯à¤¾ कहेंगे?
शà¥à¤°à¥€ राम, कृषà¥à¤£ और महादेव शंकर à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सार हैं जो इस देश को à¤à¤• पहचान देते हैं। à¤à¤—वान राम का शासनकाल (राम राजà¥à¤¯) हमेशा सà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ का मानक रहा है। इसलिठà¤à¤—वान राम के बाद आने वाली पीढ़ियों के लिठउनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ सà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ का मानदंड किसी à¤à¥€ शासक के लिठआदरà¥à¤¶ संदरà¥à¤ बिंदॠबन गया। हमारा देश à¤à¤²à¥‡ ही सब कà¥à¤› à¤à¥‚ल गया हो लेकिन à¤à¤—वान राम को न à¤à¥‚ला है और न à¤à¥‚लेगा। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समाज मंदिर के लिठखड़ा हà¥à¤† और अब समय आ गया है जब रामजनà¥à¤®à¤à¥‚मि सà¥à¤¥à¤² पर à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हो रहा है। सतà¥à¤¯ को कोई मिटा नहीं सकता। यह सतà¥à¤¯ ही है जो अंततः रहने वाला है। 500 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से अधिक समय तक लोगों ने à¤à¤—वान राम के असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ को नकारने की कोशिश की लेकिन वे असफल रहे और तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚, पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ और तरà¥à¤•ों पर सतà¥à¤¯ की जीत हà¥à¤ˆà¥¤ इसीलिठà¤à¤µà¥à¤¯ राम मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हो रहा है।
राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि आंदोलन से अपने जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ के बारे में कà¥à¤› बताà¤à¤‚!
मेरा परिवार वैषà¥à¤£à¤µ है और मेरा जनà¥à¤® मिथिला कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में हà¥à¤† था जहां लोग सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से à¤à¤—वान राम और देवी सीता से जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ हैं। हर घर में मनाठजाने वाले हर समारोह में राम और सीता को याद किया जाता है। आज à¤à¥€ मिथिलावासी सीता को अपनी बेटी और राम को दामाद मानते हैं। तो à¤à¤—वान राम के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मेरी आसà¥à¤¥à¤¾ बचपन से थी। मैं अपने छातà¥à¤° जीवन के दौरान आरà¤à¤¸à¤à¤¸ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ था। तब हमने अपने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°, संसà¥à¤•ृति, सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾, पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ और इसकी गतिविधियों में à¤à¤—वान राम सहित पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• लोगों के बारे में सà¥à¤¨à¤¾ तो à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ और à¤à¥€ बढ़ गई। राम à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूलà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का हिसà¥à¤¸à¤¾ रहे हैं। राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि आंदोलन 500 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से अधिक समय तक चला और कई लोगों ने इस उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ के लिठअपने जीवन का बलिदान दिया। मैं à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¥€ हूं कि 1984 में जब मैं इस आंदोलन में शामिल हà¥à¤† तो इसके अंतिम छोर पर मैंने à¤à¥€ इसमें अपना योगदान दिया। 1984 से लेकर आज तक मैं इस आंदोलन से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ रहा हूं। मैं शिलानà¥à¤¯à¤¾à¤¸ का हिसà¥à¤¸à¤¾ था और शà¥à¤°à¥€ राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि तीरà¥à¤¥ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• हूं। जो à¤à¥€ मैं कर सकता हूं इस उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ में योगदान दे रहा हूं। मà¥à¤à¥‡ राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि को मà¥à¤•à¥à¤¤ कराने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ पर गरà¥à¤µ है।
जब आपको मंदिर की पहली ईंट रखने का अवसर मिला तो आपकी कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ थी? इस बारे में कà¥à¤¯à¤¾ कहना है आपका?
जब आपको जीवन में à¤à¤¸à¤¾ अवसर मिलता है तो यह आपके पिछले जीवन के अचà¥à¤›à¥‡ करà¥à¤®à¥‹à¤‚ के कारण होता है। यह आपके पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ के अचà¥à¤›à¥‡ और पवितà¥à¤° करà¥à¤®à¥‹à¤‚ या निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से à¤à¤—वान के आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ का परिणाम à¤à¥€ है। संतों और मेरे संगठन ने मेरे जैसे विनमà¥à¤° कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ को इस अतà¥à¤¯à¤‚त महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯ के लिठचà¥à¤¨à¤¾à¥¤ मैं अपने संगठन और संतों के सामने नतमसà¥à¤¤à¤• हूं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤à¥‡ इस कारà¥à¤¯ के लिठसही विकलà¥à¤ª के रूप में पाया।
कà¥à¤¯à¤¾ राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि मंदिर आंदोलन आपके लिठराजनीतिक, सांसà¥à¤•ृतिक पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¤à¥à¤¥à¤¾à¤¨ या सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त पà¥à¤¨à¤ƒà¤ªà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ का विषय था?
देखिये. राम इस देश, समाज और सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के सार हैं। लेकिन इस सच को योजनाबदà¥à¤§ तरीके से मिटाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया। किंतॠमà¥à¤à¥‡ लगता है कि पिछले 1000 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥€ शासक इस बात से सà¥à¤¤à¤¬à¥à¤§ थे कि समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सतà¥à¤¤à¤¾ में न होने पर à¤à¥€ हिंदू समाज हमेशा अपने हित के लिठखड़ा रहा। हिंदू समाज का यह ततà¥à¤µ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरीकों से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया जाता है। सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विवेकाननà¥à¤¦ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को अमृत पà¥à¤¤à¥à¤° कहते थे जिनका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ हमारी सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ की धारा के निरà¥à¤¬à¤¾à¤§ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना था न कि किसी राजà¥à¤¯ पर शासन करना। हमारी संसà¥à¤•ृति के मà¥à¤•à¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ का सà¥à¤°à¥‹à¤¤ राम और कृषà¥à¤£ हैं। à¤à¤—वान राम का जीवन हिंदू समाज को सांसà¥à¤•ृतिक और सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त रूप से जोड़ता है। इसीलिठयह अहसास हà¥à¤† कि जब तक राम, कृषà¥à¤£ और शिव हैं तब तक सांसà¥à¤•ृतिक और सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त à¤à¤•ता बनी रहेगी। à¤à¤—वान राम ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ को उतà¥à¤¤à¤° से दकà¥à¤·à¤¿à¤£ तक जोड़ा। कृषà¥à¤£ ने पूरà¥à¤µ से पशà¥à¤šà¤¿à¤® तक à¤à¤¸à¤¾ ही किया जबकि शिव हर जगह, हर कोने और हर वसà¥à¤¤à¥ में हैं। इन तीन पूजà¥à¤¯ विà¤à¥‚तियों के बिना à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ नहीं की जा सकती और उनका वजूद कोई नहीं मिटा सकता। जो कोशिश करेंगे वो खà¥à¤¦ ही मिट जाà¤à¤‚गे।
राम मंदिर निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के साथ अब राम का काम पूरा हो गया, आगे कà¥à¤¯à¤¾ देखते हैं?
यह अंत नहीं बलà¥à¤•ि मेरे लिठà¤à¤• शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ है। हम 500 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के अपमान के बाद राम मंदिर को पà¥à¤¨à¤ƒ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने और सदियों के अपमान से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने में सकà¥à¤·à¤® हà¥à¤ हैं। अब हमें राम की तरह à¤à¥‹à¤ªà¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जाना होगा। हमें अलग-थलग लोगों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ होगा और समाज में समनà¥à¤µà¤¯ के साथ चलना होगा। हमें à¤à¤—वान राम की तरह अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के खिलाफ खड़ा होना होगा और हर à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ के खिलाफ खड़ा होना होगा जो समाज के खिलाफ है। जैसे कि à¤à¤—वान राम ने रावण के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। समाज में अनेक विकृतियां हैं। हमें à¤à¤—वान राम को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ उनसे निपटना होगा।
कामेशà¥à¤µà¤° चौपाल शà¥à¤°à¥€ राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि तीरà¥à¤¥ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ के सदसà¥à¤¯ हैं। 1989 में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठपहली ईंट रखी थी।
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