à¤à¤¾à¤°à¤¤ वरà¥à¤· अनेक महान अवतारी पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚, ऋषियों, आचारà¥à¤¯à¥‹à¤‚, संतों, à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ की पवितà¥à¤° à¤à¥‚मि के रूप में करोडों हिनà¥à¤¦à¥à¤“ं के हृदय में आसà¥à¤¥à¤¾ और शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾ की गंगोतà¥à¤°à¥€ बहा रहा है। इस शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला में महान परमातà¥à¤®à¤¾ के सà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤®, शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ à¤à¤µà¤‚ महादेव à¤à¤—वान शिव सनातन हिनà¥à¤¦à¥‚ धरà¥à¤® परंपरा के पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤µà¤¾à¤¯à¥ हैं। करोड़ों हिंदू बड़ी आसà¥à¤¥à¤¾ के साथ इन देव सà¥à¤µà¤°à¥‚पों की आराधना करते हैं।
à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® का नाम लेते हà¥à¤ करोडों हिनà¥à¤¦à¥à¤“ं के हृदय में à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤µ उमड़ने लगते हैं। शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सà¥à¤µà¤°à¥‚प सहसà¥à¤° वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से मानवजाति को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ देता रहा है और आने वाले अनेक यà¥à¤—ों तक पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ देता रहेगा। à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® का जनà¥à¤®à¤¤à¥€à¤°à¥à¤¥ अयोधà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ उतना ही पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¦à¤¾à¤¯à¤• रहा है। अत: à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® की जनà¥à¤®à¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ करोडों हिनà¥à¤¦à¥à¤“ं की आसà¥à¤¥à¤¾ अमिट और अतà¥à¤²à¤¨à¥€à¤¯ है।
उसी पवितà¥à¤° तीरà¥à¤¥à¤à¥‚मि पर 500 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के संघरà¥à¤· के बाद पà¥à¤¨à¤ƒ विराट हिनà¥à¤¦à¥‚ समाज की आसà¥à¤¥à¤¾ à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ के रूप में à¤à¤µà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हो रहा है। यह अतà¥à¤¯à¤‚त आनंद का अवसर है। पिछली पांच शताबà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से अनेक धरà¥à¤®-आचारà¥à¤¯à¥‹à¤‚, संतों, महंतों, à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बलिदान à¤à¤µà¤‚ उनकी तपसà¥à¤¯à¤¾ की यह परम फलशà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿ है। अयोधà¥à¤¯à¤¾ में शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® जनà¥à¤®à¤à¥‚मि पर बन रहा à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• मंदिर रामलला के चरणों में तो à¤à¤• दिवà¥à¤¯ आहà¥à¤¤à¤¿ है ही इस हेतॠअपना जीवन समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ करने वाले लाखों शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं को à¤à¥€ à¤à¤• पूरà¥à¤£ à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤‚जलि है।
à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€ रामलला के à¤à¤µà¥à¤¯, दिवà¥à¤¯ और नवà¥à¤¯ मंदिर का पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा महोतà¥à¤¸à¤µ निकट आ रहा है। इस अवसर पर हमारे गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤µ à¤à¤µà¤‚ महान संत विà¤à¥‚ति बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¸à¥à¤µà¤°à¥‚प पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ महाराज का à¤à¥€ पà¥à¤£à¥à¤¯ सà¥à¤®à¤°à¤£ हो रहा है। विशà¥à¤µà¤à¤° में 1200 से अधिक हिनà¥à¤¦à¥‚ मंदिरों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करने वाले परम पूजà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ महाराज अयोधà¥à¤¯à¤¾ में शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® जनà¥à¤®à¤à¥‚मि मंदिर के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठà¤à¥€ अतà¥à¤¯à¤‚त उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सन 1989 में शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® जनà¥à¤®à¤à¥‚मि मंदिर के शिलानà¥à¤¯à¤¾à¤¸ की पà¥à¤°à¤¥à¤® रामशिला का पूजन करते हà¥à¤ उस महान अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ का मंगल पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठकिया था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® मंदिर के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठसन 1953, 56, 69 à¤à¤µà¤‚ उसके बाद à¤à¥€ समय-समय पर अयोधà¥à¤¯à¤¾ में चल रहे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ यजà¥à¤ž में अपनी à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚रà¥à¤£ आहà¥à¤¤à¤¿ अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ की थी।
विशà¥à¤µ हिनà¥à¤¦à¥‚ परिषद के सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¥‡à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€à¤¶à¥à¤°à¥€ चिनà¥à¤®à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚दजी, परिषद के उस समय के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ अशोक सिंघलजी à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ सूतà¥à¤°à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ से विमरà¥à¤¶ करते हà¥à¤ पूजà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€à¤œà¥€ महाराज ने समय-समय पर उसका मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ किया था। उनके ही मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शà¥à¤°à¥€ अशोकजी सिंघलजी ने सà¤à¥€ के साथ विमरà¥à¤¶ करते हà¥à¤ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£ अकà¥à¤·à¤°à¤§à¤¾à¤® की तरह राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ से शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ किया था। आज उनके अनà¥à¤—ामी परम पूजà¥à¤¯ महंत सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€à¤œà¥€ à¤à¥€ इस राम मंदिर के लिठउतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ हैं। उनकी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से बीà¤à¤ªà¥€à¤à¤¸ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£ संसà¥à¤¥à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से उचित अनà¥à¤¦à¤¾à¤¨ à¤à¥€ शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® मंदिर की सेवा में अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ किया गया है।
अब जबकि शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® मंदिर के पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा महोतà¥à¤¸à¤µ की वेला आ रही है तब परम पूजà¥à¤¯ महंत सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ महाराज के आदेश से बीà¤à¤ªà¥€à¤à¤¸ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£ संसà¥à¤¥à¤¾ के विशà¥à¤µà¤à¤° में फैले 1500 से अधिक मंदिरों à¤à¤µà¤‚ 21,000 से अधिक सतà¥à¤¸à¤‚ग सà¤à¤¾ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥‹à¤‚ में विशिषà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® आयोजित किठगये हैं। 21 à¤à¤µà¤‚ 22 जनवरी 2024 के पवितà¥à¤° दिन बीà¤à¤ªà¥€à¤à¤¸ संसà¥à¤¥à¤¾ के मंदिरों में दिवाली की तरह दीपोतà¥à¤¸à¤µ का आयोजन किया जाà¤à¤—ा। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ मोदी की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अयोधà¥à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होने वाले सीधे पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤£ के माधà¥à¤¯à¤® से लाखों लोग बीà¤à¤ªà¥€à¤à¤¸ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£ मंदिरों में पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा महोतà¥à¤¸à¤µ में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ होंगे और आनंदोतà¥à¤¸à¤µ करेंगे।
इस पवितà¥à¤° अवसर पर यही पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ है कि जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस मंदिर के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में अपना योगदान दिया है उन पर à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® की पूरà¥à¤£ कृपा रहे। à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤µà¤‚ सनातन हिनà¥à¤¦à¥‚ धरà¥à¤® के इस गौरवपूरà¥à¤£ अवसर पर à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€ रामलला के चरणों में कोटि-कोटि वंदन करते हà¥à¤ हृदय गदगद हो रहा है। पà¥à¤¨à¤ƒ राम राजà¥à¤¯ के वातावरण में à¤à¤¾à¤°à¤¤ विशà¥à¤µà¤—à¥à¤°à¥ के पद पर अपनी पूरà¥à¤µ गरिमा को हासिल करे यही कामना है।
(बीà¤à¤ªà¥€à¤à¤¸ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£ संसà¥à¤¥à¤¾ में अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ संयोजक हैं)
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